टी20 क्रिकेट की यही तो खूबसूरती है, पल भर में जज्बात बदल जाते हैं। एक तरफ जहाँ महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2026 में छक्के-चौकों की बरसात हो रही थी, वहीं दूसरी तरफ इंग्लैंड में असली बारिश ने क्रिकेट फैंस का मजा किरकिरा कर दिया। डब्ल्यूपीएल के छठे मुकाबले की बात करें, तो मुंबई इंडियंस ने एक ऐसा रन चेज़ किया जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। गुजरात जायंट्स ने पहले खेलते हुए 20 ओवर में 192/5 का एक तगड़ा स्कोर बोर्ड पर टांग दिया था। जॉर्जिया वेयरहम (नाबाद 43) और भारती फूलमाली के सिर्फ 15 गेंदों में 36 रनों के आतिशी प्रहार ने गुजरात को एक मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया था। लेकिन मुंबई की कप्तान हरमनप्रीत कौर कुछ और ही सोच कर मैदान पर उतरी थीं। उन्होंने 43 गेंदों पर 71 रनों की एक तेज-तर्रार पारी खेलकर मैच का रुख ही मोड़ दिया। अमनजोत कौर (40 रन) ने भी बीच के ओवरों में अच्छा साथ निभाया। असली खेल तो राजेश्वरी गायकवाड़ के उस ओवर में हुआ, जहाँ हरमनप्रीत और निकोला कैरी (23 गेंदों में नाबाद 38) ने मिलकर 4 चौके जड़े और हारी हुई बाजी पलट दी। आखिरी दो ओवरों में मुंबई को सिर्फ 14 रनों की दरकार थी, जिसे उन्होंने आसानी से हासिल कर लिया और 7 विकेट से जीत दर्ज की। यह मुंबई की लगातार दूसरी जीत है, जबकि गुजरात को इस सीजन अपनी पहली हार का कड़वा घूंट पीना पड़ा। अब एक नज़र इंग्लैंड की तरफ डालें, तो वहां भी रन चेज़ का रोमांच अपने चरम पर हो सकता था, बशर्ते मौसम ने मेहरबानी दिखाई होती। चेस्टर-ली-स्ट्रीट में भारत और इंग्लैंड के बीच पहला टी20 मुकाबला बस एक अधूरा ख्वाब बनकर रह गया। बारिश के साये में खेले गए इस मैच में टीम इंडिया की पारी दो हिस्सों में बंटी नजर आई। पावरप्ले के शुरुआती तीन ओवरों में भारत ने सिर्फ 15 रन पर 2 अहम विकेट गंवा दिए थे। माहौल थोड़ा तनावपूर्ण था, लेकिन फिर अभिषेक शर्मा ने अपनी ताबड़तोड़ फिफ्टी से पारी में नई जान फूंक दी। अगले तीन ओवरों में 46 रन कूटकर उन्होंने अंग्रेजों को बैकफुट पर धकेल दिया। अभिषेक के आउट होने के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने क्रीज पर खूंटा गाड़ दिया और एक सूझबूझ भरी फिफ्टी जड़ी। अय्यर की इस पारी का असली इम्पैक्ट तब दिखा जब अंत में शिवम दुबे ने 21 गेंदों पर 42 रनों की तूफानी पारी खेलकर टीम को एक चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुँचाया। अगर गेंदबाजी आंकड़ों पर गौर करें तो इंग्लैंड के पेसर्स (10 ओवर में 4/93) ने स्पिनर्स (10 ओवर में 1/95) के मुकाबले थोड़ा बेहतर प्रदर्शन किया, और स्लॉग ओवरों में हल्की रिवर्स स्विंग भी देखने को मिली। बारिश की रुकावटों के बावजूद भारतीय बल्लेबाजों ने कमाल का जज्बा दिखाया था। शायद चेस्टर-ली-स्ट्रीट के मैदान को टीम इंडिया का खेल पूरा होना रास नहीं आता। 2002 और 2011 के वनडे मैचों की तरह, 2026 का यह टी20 भी ‘नो रिजल्ट’ का शिकार हो गया। दूसरी पारी शुरू होने से पहले ही कवर्स पिच पर आ गए थे। डकवर्थ-लुईस के तहत इंग्लैंड के लिए अलग-अलग टारगेट्स (जैसे 19 ओवर में 183 या 15 ओवर में 154) स्क्रीन पर फ्लैश हो रहे थे, लेकिन कट-ऑफ टाइम के आसपास भी ग्राउंडस्टाफ मैदान को सुखाने में नाकाम रहे। पोस्ट नेविगेशन क्ले कोर्ट पर सिनर का खौफ और जोकोविच की वापसी: रोलां गैरोस में कौन मारेगा बाजी?