भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने टीम इंडिया की ‘सेकंड स्ट्रिंग’ यानी दूसरी श्रेणी की टी20 टीम बनाने के विचार को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। पिछले कुछ समय से मीडिया में ऐसी खबरें तैर रही हैं कि वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू सीरीज और एशियाई खेलों के शेड्यूल में टकराव होने के कारण बीसीसीआई दो अलग-अलग टीमें उतारने पर विचार कर सकता है। हालांकि, अश्विन का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के गौरव को इतना सस्ता नहीं बनाया जाना चाहिए। इंडिया कैप का सम्मान और ‘ए’ दौरों की जरूरत अपने यूट्यूब शो ‘ऐश की बात’ में अश्विन ने दो टूक कहा कि आईपीएल की उभरती प्रतिभाओं जैसे वैभव सूर्यवंशी, प्रियांश आर्या और प्रभसिमरन सिंह को सीधे नेशनल टीम की कैप थमाना सही नहीं होगा। अश्विन के अनुसार, भारतीय कैप पहनने के लिए खिलाड़ी के भीतर एक गर्व का अहसास होना चाहिए और इसके लिए उसे मेहनत करनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर हम किसी को भी टीम में शामिल कर लेंगे, तो इंडिया कैप की वैल्यू क्या रह जाएगी? अश्विन ने सुझाव दिया कि युवाओं को एक्सपोजर देने के लिए ‘इंडिया ए’ के दौरों को फिर से प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि “इंडिया ए के मैचों का भी टेलीकास्ट होना चाहिए ताकि लोग उन्हें देख सकें, लेकिन नेशनल कैप को मुफ्त में नहीं बांटा जा सकता।” उनके मुताबिक, खिलाड़ी जब अपने फैंस के सामने डेब्यू करता है और तीनों फॉर्मेट खेलने का सपना देखता है, तो उस उपलब्धि की अपनी एक अलग अहमियत होती है, जिसे कायम रखना जरूरी है। प्रियांश आर्या: भारतीय क्रिकेट की अगली बड़ी उम्मीद युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा पर चर्चा करते हुए अश्विन ने पंजाब किंग्स के बल्लेबाज प्रियांश आर्या की जमकर तारीफ की। प्रियांश ने हाल ही में लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ महज 37 गेंदों में 93 रनों की तूफानी पारी खेलकर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है। अश्विन का मानना है कि प्रियांश इस समय वैभव सूर्यवंशी और आयुष म्हात्रे जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों से भी एक कदम आगे हैं। अश्विन ने स्पष्ट किया कि वे किसी की तुलना नहीं कर रहे हैं, लेकिन प्रियांश के पास शॉट्स की बेहतर रेंज है और वे बड़े स्कोर बनाने में माहिर हैं। पिछले सीजन में 475 रन बनाने वाले प्रियांश इस साल भी 248 के स्ट्राइक रेट से रन कूट रहे हैं, जो उनकी काबिलियत को दर्शाता है। वहीं दूसरी ओर, चेन्नई सुपर किंग्स के स्टार आयुष म्हात्रे हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं, जो टीम के लिए एक बड़ा झटका है। वैभव सूर्यवंशी ने भी अब तक 6 मैचों में 246 रन बनाकर अपनी निरंतरता साबित की है। टीम इंडिया का व्यस्त कार्यक्रम और आगामी चुनौतियां भले ही सारा ध्यान अब 2027 के वनडे वर्ल्ड कप पर शिफ्ट होने लगा है, लेकिन आईपीएल के तुरंत बाद टीम इंडिया को भारी-भरकम टी20 क्रिकेट खेलना है। भारत का अंतरराष्ट्रीय सीजन 6 जून से अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट और वनडे सीरीज के साथ शुरू होगा। इसके बाद टीम आयरलैंड और फिर इंग्लैंड के लंबे दौरे पर जाएगी, जहां टी20 और वनडे सीरीज खेली जानी हैं। जुलाई के अंत में जिम्बाब्वे का दौरा होगा और फिर अक्टूबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू मैदान पर कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा। साल का अंत दिसंबर में श्रीलंका के खिलाफ होने वाली टी20 और वनडे सीरीज से होगा। शेड्यूल इतना टाइट है कि खिलाड़ियों के वर्कलोड को मैनेज करना बीसीसीआई के लिए एक बड़ी चुनौती होगी, लेकिन अश्विन की बातों से साफ है कि वे प्रतिभा निखारने के लिए गुणवत्ता से समझौता करने के पक्ष में बिल्कुल नहीं हैं। पोस्ट नेविगेशन भारत की शानदार जीत और विश्व कप आयोजन को लेकर आईसीसी का नया रुख