रणवीर सिंह का ‘डॉन 3’ से अचानक किनारा कर लेना अब उनके लिए एक बड़ा सिरदर्द बनता जा रहा है। फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी को हुए भारी आर्थिक नुकसान की शिकायत के बाद, 25 मई को FWICE (फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज) ने एक्टर के खिलाफ असहयोग का जो फरमान जारी किया है, उसने पूरी हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में खलबली मचा दी है। इसका सीधा असर रणवीर के आने वाले प्रोजेक्ट्स पर पड़ रहा है। खासतौर पर जय मेहता के निर्देशन में बनने वाली महत्वाकांक्षी ज़ॉम्बी थ्रिलर ‘प्रलय’ और आदित्य धर की ऐतिहासिक महाकाव्य ‘चंद्रगुप्त मौर्य’ का भविष्य अब अधर में लटकता नजर आ रहा है। हालात इतने पेचीदा हो गए हैं कि इन फिल्मों के निर्माता अब इस विवाद को लेकर भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) का दरवाजा खटखटाने पर विचार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा खतरा अगस्त में फ्लोर पर जाने वाली ‘प्रलय’ को है। इस फिल्म में एक्शन, लाइटिंग, कॉस्ट्यूम और आर्ट डायरेक्शन जैसे अलग-अलग विभागों के लगभग 500 टेक्नीशियन और क्रू मेंबर्स काम करने वाले हैं। FWICE के तहत 34 वेंडर एसोसिएशन आते हैं, ऐसे में यह असहयोग निर्देश फिल्म के पूरे प्रोडक्शन शेड्यूल को पटरी से उतारने की ताकत रखता है। हालांकि, प्रोडक्शन से जुड़े एक सूत्र ने इस फरमान की व्यावहारिकता पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इससे रणवीर का कम और दिहाड़ी मजदूरों का नुकसान ज्यादा होगा। उनका तर्क बेहद साफ है कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में पहले ही काम की कमी के चलते 70 प्रतिशत से ज्यादा दिहाड़ी मजदूर खाली बैठे हैं, ऐसे में फेडरेशन को उन्हें काम करने का मौका देना चाहिए, न कि ऐसे निर्देशों से उनके मुंह का निवाला छीनना चाहिए। वैसे भी, ‘प्रलय’ के मामले में अगर हालात ज्यादा बिगड़ते हैं, तो रणवीर सिंह पूरी यूनिट को लेकर भारत में कहीं भी शूटिंग कर सकते हैं, उन्हें मुंबई तक सीमित रहने की कोई खास मजबूरी नहीं है। बॉक्स ऑफिस का गणित और ‘देसी’ कॉमेडी का संघर्ष एक तरफ बड़े बैनर और ए-लिस्टर सितारे फेडरेशन की राजनीति और निर्माण संबंधी अड़चनों से जूझ रहे हैं, तो वहीं सिनेमाघरों का गणित अपनी ही एक अलग कहानी बयां कर रहा है। 2020 के बाद का दौर छोटे शहरों पर आधारित मिड-बजट कॉमेडी फिल्मों के लिए काफी बेरहम साबित हुआ है। याद कीजिए 2018-2019 का वो वक्त, जब इस जॉनर का सिक्का चलता था और आयुष्मान खुराना बैक-टू-बैक हिट फिल्में दे रहे थे। अगर उनकी हालिया रिलीज ‘पति पत्नी और वो 2’ महामारी से पहले रिलीज हुई होती, तो शायद इसके नतीजे कहीं ज्यादा बेहतर होते। मुदस्सर अजीज के निर्देशन में बनी और आयुष्मान खुराना, रकुल प्रीत सिंह, वामीका गब्बी व सारा अली खान स्टारर यह फिल्म अब बॉक्स ऑफिस पर अपनी आखिरी दौड़ में है। धीमी शुरुआत के बाद फिल्म ने थोड़ा संभलने की कोशिश जरूर की है। दूसरे मंगलवार को फिल्म ने 1.25 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया, जो सोमवार के मुकाबले 20 फीसदी का उछाल है। इसके साथ ही दूसरे हफ्ते के पांच दिनों का कलेक्शन 9.25 करोड़ तक पहुंच गया है और यह हफ्ता 11-12 करोड़ के नेट कलेक्शन के साथ बंद होने की उम्मीद है। फिलहाल 37.25 करोड़ रुपये की कमाई कर चुकी यह रोमांटिक ड्रामा फिल्म दो हफ्ते पूरे होने तक 40 करोड़ का आंकड़ा पार कर लेगी। फिल्म का लाइफटाइम कलेक्शन 50 करोड़ के आसपास सिमटता दिख रहा है। यह आंकड़ा फिल्म को किसी तरह लाज बचाने का मौका तो दे देगा, लेकिन इंडस्ट्री के समीकरणों में कोई बड़ा बदलाव नहीं लाएगा। ट्रेड एनालिस्ट्स का यह भी मानना है कि इन आंकड़ों में कुछ कॉर्पोरेट बुकिंग (फीडिंग) भी शामिल है, इसलिए इन्हें अंतिम सच मानने के बजाय थोड़ी सावधानी के साथ देखा जाना चाहिए। ‘पति पत्नी और वो 2’ के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के दिन-वार आंकड़े: दिन नेट कलेक्शन पहला हफ्ता 28.00 करोड़ रु. दूसरा शुक्रवार 1.25 करोड़ रु. दूसरा शनिवार 2.50 करोड़ रु. दूसरा रविवार 3.25 करोड़ रु. दूसरा सोमवार 1.00 करोड़ रु. दूसरा मंगलवार 1.25 करोड़ रु. (अनुमानित) कुल कमाई 37.25 करोड़ रु. पोस्ट नेविगेशन बड़े पर्दे पर ‘मैंडलोरियन और ग्रोगू’ की वापसी, और वह 600 डॉलर का एनिमेट्रोनिक खिलौना जिसने सबका दिमाग घुमा दिया