इंडियन टेलीविजन पर हर दिन मेकर्स दर्शकों को अपनी ओर खींचने के लिए नए-नए पैंतरे आजमाते हैं। कहानी में कभी कोई बड़ा ट्विस्ट आता है तो कभी कोई नया चेहरा एंट्री लेता है। आखिर में असली फैसला टीआरपी रेटिंग्स से ही होता है, जिससे पता चलता है कि दर्शकों के दिलों पर कौन राज कर रहा है। हाल ही में ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) ने इस साल के तीसरे हफ्ते की टीआरपी लिस्ट जारी कर दी है और इस बार टॉप 7 की सूची में काफी उथल-पुथल देखने को मिली है।

टॉप शोज का हाल: नागिन और तुलसी का जलवा

टीआरपी चार्ट में इस बार एकता कपूर के सुपरनैचुरल शो ‘नागिन 7’ ने सीधा पहला मुकाम हासिल किया है। दिसंबर 2025 के आखिर में लॉन्च हुए इस शो में प्रियंका चाहर चौधरी लीड रोल में हैं और इसे दर्शकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है, जिसके चलते यह 2.4 की शानदार रेटिंग पर पहुंच गया है। वहीं, स्मृति ईरानी के कमबैक सीरियल ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ ने भी लोगों को स्क्रीन से बांध रखा है। वीरानी परिवार के दिवालिया होने की खबर और मिहिर-तुलसी के रिश्ते की उलझनों के चलते यह शो 2.2 रेटिंग के साथ दूसरे नंबर पर काबिज है।

इन दोनों शोज के आगे लंबे समय तक नंबर वन का ताज पहनने वाला रूपाली गांगुली का शो ‘अनुपमा’ इस हफ्ते खिसक कर तीसरे पायदान (2.2 रेटिंग) पर आ गया है। इसके अलावा शरद केलकर की वापसी से ‘तुम से तुम तक’ की पॉपुलैरिटी काफी बढ़ी है और यह ज़ी टीवी का शो 1.9 रेटिंग के साथ मजबूती से चौथे नंबर पर है।

बाकी शोज की बात करें तो टीवी सीरियल ‘वसुधा’ ने लंबी छलांग मारी है। पिछले हफ्ते टॉप 10 से बाहर रहने वाला यह शो सीधा 1.9 रेटिंग बटोर कर पांचवें नंबर पर आ गया है। ज़ी टीवी का ही एक और शो ‘गंगा माई की बेटियां’ अपनी पकड़ बनाए हुए है और पिछले हफ्ते की तरह छठे नंबर (1.9 रेटिंग) पर है। वहीं कंवर ढिल्लों और नेहा हरसोरा के फैमिली ड्रामा ‘उड़ने की आशा’ को दर्शकों का प्यार मिल रहा है, हालांकि इसके स्पेशल एपिसोड के बावजूद यह 1.8 रेटिंग के साथ सातवें नंबर पर आ गया है। इस शो में पुरु छिब्बर और संजय नार्वेकर भी अहम किरदारों में हैं।

अनुपमा की गिरती टीआरपी के बीच कहानी में नया मोड़

भले ही ‘अनुपमा’ टीआरपी लिस्ट में खिसक कर नीचे आ गया है, लेकिन मेकर्स कहानी को दिलचस्प बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं ताकि नंबर वन की कुर्सी वापस हासिल की जा सके। 23 फरवरी के हालिया एपिसोड में काफी हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला है। मनप्रीत को टीना और अर्जुन के चंगुल से आज़ाद कराने के लिए अनुपमा और हसमुख ने एक नया भेष धरा है। ये दोनों मनप्रीत के रिश्तेदार बनकर उनके घर पहुंच गए हैं।

लालच का खेल और घर के काम

टीना और अर्जुन के घर पहुंचकर अनुपमा और हसमुख ने पैसों और गहनों से भरे एक बैग का लालच देकर उन्हें अपने जाल में फंसा लिया है। पैसों के लालच में अंधे होकर टीना और अर्जुन हसमुख को अपना एसी वाला कमरा तक देने को तैयार हो जाते हैं। मजेदार बात तो यह है कि जो टीना मनप्रीत से सारा काम करवाती थी, अब अनुपमा ने उससे ही पूरे घर का काम करवाना शुरू कर दिया है।

अनुपमा ने जहां टीना को सबके लिए खाना बनाने का काम सौंपा, वहीं अर्जुन को घर की साफ-सफाई में लगा दिया। डाइनिंग टेबल पर जब टीना ने गलती से मनप्रीत को रूखी रोटी खाने को दी, तो अनुपमा ने उसे खूब खरी-खोटी सुनाई। इसके बाद अनुपमा ने टीना को वहां से जाने को कहा और खुद अपने हाथों से मनप्रीत को अच्छा खाना खिलाया।

प्रेम का इनकार और शाह हाउस में जासूसी

दूसरी तरफ, कोठारी हाउस में भी अलग ही तनाव चल रहा है। एग्जीबिशन की सफलता के बाद प्रेरणा एक इन्वेस्टर के साथ ब्रांड बनाने के सिलसिले में लोकेशन देखने जाना चाहती है। वह प्रेम को साथ चलने को कहती है, लेकिन प्रेम उसके साथ जाने से साफ मना कर देता है। राही इस बात की वजह जानने की कोशिश करती है, पर दोनों ही बातों को घुमा देते हैं। इसी बीच माही राही और प्रेम के अजीबोगरीब रिश्ते पर ताना मारती है, जिस पर राही भड़क जाती है और उसे उनके मामलों से दूर रहने को कहती है।

उधर शाह हाउस में पाखी और परितोष अपनी अलग ही चाल चल रहे हैं। दोनों घर में चोरी-छिपे छानबीन करते हैं, जहां परितोष के हाथ हसमुख की वसीयत लग जाती है। उसे यह देखकर बड़ा झटका लगता है कि वसीयत में किसी गुप्त संपत्ति का जिक्र है। वहीं पाखी को भी लीला के छिपाए हुए गहने मिल जाते हैं। हालांकि, किंजल ऐन मौके पर उन्हें पकड़ लेती है और बाबूजी तथा दादी की प्राइवेसी का सम्मान करने की हिदायत देकर उन्हें ऐसा करने से रोक देती है।