आजकल स्मार्टफोन मार्केट में टिके रहना किसी चक्रव्यूह को भेदने से कम नहीं है। कम्पोनेंट्स की बढ़ती कीमतें, मेमोरी शॉर्टेज और ऊपर से शाओमी और सैमसंग जैसी कंपनियों का तगड़ा कॉम्पिटिशन। ऐसे में कंपनियों को अपनी रणनीति बदलनी ही पड़ती है और इसका सबसे ताजा और बड़ा उदाहरण हमें बीबीके इलेक्ट्रॉनिक्स (BBK Electronics) के खेमे में देखने को मिल रहा है। अप्रैल 2026 की ताजा रिपोर्ट्स बता रही हैं कि वनप्लस और रियलमी ने चीन में अपने कई अहम इंटरनल ऑपरेशन्स का आपस में विलय कर लिया है।

अब पर्दे के पीछे की कहानी यह है कि दोनों ब्रांड्स के डोमेस्टिक और ग्लोबल प्रोडक्ट डेवलपमेंट वाली टीमों को मिलाकर एक नया सब-प्रोडक्ट सेंटर बना दिया गया है। इस पूरी यूनिट की कमान वनप्लस चीन के हेड ली जी (Li Jie) के हाथों में है, जो सीधे ओप्पो के फाउंडर और सीईओ लियू जुओहू को रिपोर्ट करेंगे। वहीं रियलमी के पूर्व वाइस प्रेसिडेंट वांग वेई को डिप्टी जनरल मैनेजर की कुर्सी सौंपी गई है। देखा जाए तो इस बदलाव की नींव जनवरी 2026 में ही रख दी गई थी, जब रियलमी को आधिकारिक तौर पर वनप्लस के साथ-साथ ओप्पो का सब-ब्रांड बना दिया गया था।

रिसर्च एंड डेवलपमेंट, सप्लाई चेन और मार्केटिंग के कुछ हिस्सों को साझा करने का सीधा मकसद है फालतू के खर्चों में कटौती करना और डेवलपमेंट की स्पीड बढ़ाना। हालांकि, सामने से देखने पर ब्रांडिंग अलग ही रहेगी। वनप्लस अभी भी प्रीमियम परफॉरमेंस वाले यूजर्स को टारगेट करेगा, जबकि रियलमी का फोकस बजट-फ्रेंडली वैल्यू डिवाइस पर होगा। लेकिन अगर आप ध्यान से देखें, तो यह नई रणनीति अपकमिंग डिवाइसेज में अभी से झलकने लगी है। कहा जा रहा है कि आने वाला OnePlus Nord CE6 Lite असल में रियलमी P4X का ही रीब्रांडेड वर्जन होगा। दोनों ही फोंस में एक जैसा डिजाइन, मीडियाटेक डिमेंसिटी 7400 चिपसेट, 7000 एमएएच की विशाल बैटरी, 45W चार्जिंग और लगभग एक जैसा कैमरा सेटअप मिलने वाला है।

यह सब देखकर थोड़ा अजीब लगता है, खासकर तब जब हम रियलमी के पिछले कुछ सालों के सफर पर नजर डालते हैं। एक वक्त था जब रियलमी अपनी एक बिल्कुल अलग और स्वतंत्र पहचान के साथ मार्केट में एग्रेसिव डिवाइसेज उतारता था। इस बात को समझने के लिए हमें थोड़ा पीछे, 11 नवंबर 2022 के दौर में जाना होगा जब रियलमी 10 5G लॉन्च हुआ था। यह फोन इस बात का सबूत था कि रियलमी अपने दम पर बजट 5G सेगमेंट में क्या कर सकता है।

रियलमी 10 5G उस समय के हिसाब से काफी बैलेंस्ड पैकेज था। इसमें 6.60 इंच की फुल एचडी प्लस (FHD+) टचस्क्रीन डिस्प्ले दी गई थी, जिसका रिज़ॉल्यूशन 1080×2408 पिक्सल और पिक्सल डेंसिटी 401 पीपीआई थी। परफॉरमेंस के लिए कंपनी ने इसमें ऑक्टा-कोर मीडियाटेक डिमेंसिटी 700 प्रोसेसर का इस्तेमाल किया था। 8 जीबी रैम और 128 जीबी की एक्सपेंडेबल माइक्रोएसडी स्टोरेज के साथ यह फोन एंड्रॉइड 12 पर आधारित Realme UI 3.0 पर काम करता था। यह वो दौर था जब कंपनियां बजट फोंस में भी हार्डवेयर को लेकर काफी प्रयोग कर रही थीं।

डिजाइन और बिल्ड क्वालिटी की बात करें तो 164.40 x 75.10 x 8.10mm के डायमेंशन और 191 ग्राम वजन के साथ यह फोन हाथ में काफी सॉलिड फील देता था। इसे रिज़िन डौजिन (Rijin Doujin) और स्टोन क्रिस्टल ब्लैक जैसे थोड़े अजीब लेकिन आकर्षक कलर ऑप्शंस में उतारा गया था। फोन में 5000 एमएएच की बैटरी थी जो प्रॉपराइट्री फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती थी। कनेक्टिविटी के मामले में भी यह पीछे नहीं था—वाई-फाई 802.11 a/b/g/n/ac/ax, यूएसबी टाइप-सी, 3.5 एमएम हेडफोन जैक और दोनों सिम कार्ड्स पर एक्टिव 4G के साथ-साथ 5G का सपोर्ट इसमें मौजूद था। सिक्योरिटी के लिए इसमें साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर, एक्सेलेरोमीटर और जायरोस्कोप जैसे जरूरी सेंसर्स भी दिए गए थे।

उस दौर में रियलमी का कैमरा गेम भी काफी दिलचस्प हुआ करता था। रियलमी 10 5G के रियर में तीन कैमरों का सेटअप बताया गया था, जिसमें f/1.8 अपर्चर वाला 50-मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर और f/2.4 अपर्चर वाला 2-मेगापिक्सल का सेकेंडरी लेंस शामिल था (तीसरे कैमरे के नाम पर f/2.8 का एक एट्रीब्यूट लेंस मौजूद था, जो उस वक्त की एक आम मार्केटिंग ट्रिक हुआ करती थी)। सेल्फी के शौकीनों के लिए फ्रंट में 16-मेगापिक्सल का कैमरा मौजूद था।

आज जब हम 2026 में खड़े होकर देखते हैं, तो रियलमी 10 5G के दौर से लेकर वनप्लस और ओप्पो के साथ इसके मौजूदा विलय तक का सफर स्मार्टफोन इंडस्ट्री की बदलती सच्चाई को बयां करता है। कल तक जो ब्रांड्स एक-दूसरे को टक्कर देते थे, आज वो एक ही छतरी के नीचे अपनी तकनीक और रिसोर्सेज शेयर कर रहे हैं। मार्केट डायनामिक्स ने साबित कर दिया है कि सर्वाइवल के लिए अब इंडिपेंडेंट स्वैग से ज्यादा स्मार्ट कोलैबोरेशन की जरूरत है। आगे चलकर हमें ऐसे और भी कई ‘जुड़वां’ फोंस देखने को मिल सकते हैं, बस पीछे का लोगो बदला हुआ होगा।