मनोरंजन जगत और सोशल मीडिया पर इन दिनों हास्य व्यंग्य के विविध रूप देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां आम भारतीय जनजीवन से जुड़े किस्से लोगों को गुदगुदा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिलीज हुए कॉमेडी एल्बम भी चर्चा और समीक्षा का विषय बने हुए हैं।

दैनिक जीवन और रिश्तों पर आधारित वायरल प्रसंग

सोशल मीडिया और आम बोलचाल में प्रचलित चुटकुले अक्सर समाज की विसंगतियों और रिश्तों की नोकझोंक को बयां करते हैं। हाल ही में अदालती कार्यवाही पर आधारित एक व्यंग्य काफी चर्चा में रहा। इस प्रसंग में एक महिला को मॉल से बिस्कुट का पैकेट चोरी करते हुए पकड़ा गया। जब मामला कोर्ट पहुंचा, तो जज ने बिस्कुट के पैकेट में मौजूद 30 बिस्कुटों की गिनती के आधार पर महिला को 30 दिन की सजा सुना दी। स्थिति तब हास्यास्पद हो गई जब महिला के पति ने तुरंत जज से गुहार लगाई कि उसकी पत्नी ने ‘सूजी’ का पैकेट भी चुराया है। पति का अपनी ही पत्नी की सजा बढ़वाने का यह प्रयास सुनकर जज का हैरान होना स्वाभाविक था।

रिश्तों और भाषाई समझ पर भी कई रोचक किस्से प्रचलित हैं। एक वाकये में जब एक लड़के ने लड़की से उसका अंग्रेजी नाम पूछा और जवाब में ‘Silent Lady’ मिला, तो उसका देसी हिंदी अनुवाद ‘शांति बाई’ सुनकर हंसी नहीं रुकती। इसी तरह बैंकिंग क्षेत्र के नियमों का मजाक उड़ाते हुए एक प्रसंग है, जहां एक प्रेमिका ने अपने प्रेमी का लव लेटर यह कहकर लौटा दिया कि उसके ‘सिग्नेचर’ मेल नहीं खा रहे हैं। वहीं, पतियों की अभिव्यक्ति की आजादी पर एक पत्नी का कटाक्ष यह कहता है कि पतियों को बोलने का हक देने वाला लेखक यह बात सिर्फ लिख ही पाया होगा, असल जिंदगी में बोल नहीं पाया होगा। पिता-पुत्र के संवाद में भी ‘सिर ऊंचा करने’ के मुहावरे का जब बेटे ने शाब्दिक अर्थ निकालकर तकिया लगाने की बात कही, तो यह पीढ़ियों के बीच की सोच के अंतर को मजाकिया अंदाज में दर्शाता है।

गिल्बर्ट गॉटफ्राइड के एल्बम की समीक्षा

देसी चुटकुलों से इतर, यदि हम स्टैंड-अप कॉमेडी की दुनिया का रुख करें, तो गिल्बर्ट गॉटफ्राइड का सीडी एल्बम ‘डर्टी जोक्स’ समीक्षकों के रडार पर है। मनोरंजन समीक्षकों के अनुसार, यह एल्बम श्रोताओं की उम्मीदों पर पूरी तरह खरा नहीं उतरता। एल्बम में गॉटफ्राइड अपनी जानी-पहचानी, थोड़ी कर्कश आवाज में लगभग 40 पुराने और घिसे-पिटे पंचलाइन्स दोहराते नजर आते हैं। इसमें ‘न्यू जर्सी की यात्रा’ या ‘गायनोकोलॉजिस्ट और गूंज (इको)’ जैसे संवाद शामिल हैं, जो अब काफी पुराने लग सकते हैं।

हालांकि, इस एल्बम में ‘द अरिस्ट्रocrats’ नामक ट्रैक को एक अपवाद माना जा सकता है, जो गॉटफ्राइड ने इसी नाम की डॉक्यूमेंट्री में भी प्रस्तुत किया था। कॉमेडी के जानकारों का सुझाव है कि यदि श्रोता वास्तव में इस तरह के बोल्ड और ‘डर्टी’ जोक्स के शौकीन हैं, तो उन्हें गॉटफ्राइड के इस एल्बम के बजाय ‘द अरिस्ट्रocrats’ के ओरिजिनल साउंडट्रैक को सुनना चाहिए। उस साउंडट्रैक में बॉब सगेट, मार्टिन मुल्ल और सारा सिल्वरमैन जैसे दिग्गजों द्वारा सुनाई गई इस लेजेंडरी कहानी के लगभग 100 अलग-अलग और बेहतरीन संस्करण मौजूद हैं, जो असल मायने में हास्य का अनुभव कराते हैं।