गूगल फ़ोटो में नया ‘कॉपी’ बटन: तस्वीरें शेयर करना होगा पहले से कहीं तेज़ और आसान

हाल के महीनों में गूगल फ़ोटो लगातार बदलावों से गुज़रता रहा है। सबसे ज़्यादा ध्यान इसके इंटरफ़ेस में किए गए बड़े विज़ुअल रीडिज़ाइन पर गया, जिसमें नेविगेशन और लेआउट को अधिक आधुनिक और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाया गया। लेकिन अब कंपनी एक ऐसी सुविधा पर काम कर रही है, जिसका डिज़ाइन से सीधा संबंध नहीं है, फिर भी रोज़मर्रा के इस्तेमाल में इसका असर कहीं ज़्यादा व्यावहारिक साबित हो सकता है।

माउंटेन व्यू स्थित कंपनी का लक्ष्य इस बार क्लाउड में सेव तस्वीरों को कॉपी और शेयर करने की प्रक्रिया को तेज़, सरल और कम झंझट वाला बनाना है।

क्लाउड तस्वीरें शेयर करने का नया तरीका

इस फीचर की जानकारी सबसे पहले Android Authority ने दी। रिपोर्ट के अनुसार, गूगल फ़ोटो में एक नया “कॉपी” (Copy) बटन जोड़ा जा रहा है, जो किसी भी इमेज को खोलने पर दिखाई देगा। पहली नज़र में यह मामूली बदलाव लग सकता है, लेकिन उपयोग के स्तर पर यह एक बड़ी सुविधा बनकर उभरता है।

अब तक यदि किसी उपयोगकर्ता को गूगल फ़ोटो की क्लाउड गैलरी से कोई तस्वीर व्हाट्सऐप, ईमेल या किसी अन्य ऐप पर भेजनी होती थी, तो उसे पहले उस फ़ोटो को मोबाइल में डाउनलोड करना पड़ता था। यह प्रक्रिया समय भी लेती थी और डिवाइस के स्टोरेज का इस्तेमाल भी करती थी।

नए बटन के साथ यह चरण लगभग समाप्त हो जाएगा।

कैसे काम करेगा ‘कॉपी’ फीचर

प्रक्रिया को जानबूझकर बेहद सीधा रखा गया है। उपयोगकर्ता को बस अपनी क्लाउड गैलरी में जाकर मनचाही तस्वीर खोलनी होगी, “कॉपी” विकल्प चुनना होगा, और फिर उसे किसी भी ऐप—जैसे मैसेजिंग प्लेटफ़ॉर्म, नोट्स, ईमेल या सोशल मीडिया—में जाकर पेस्ट किया जा सकेगा।

महत्वपूर्ण बात यह है कि तस्वीर वास्तविक रूप से डिवाइस में डाउनलोड नहीं होगी। वह क्लाउड में ही सुरक्षित रहेगी, लेकिन उपयोगकर्ता उसे ऐसे इस्तेमाल कर सकेगा जैसे वह फ़ोन की लोकल स्टोरेज में मौजूद हो। इससे इंटरनल स्टोरेज बचाने में भी मदद मिलेगी।

छोटा बदलाव, बड़ा प्रभाव

तकनीकी दृष्टि से यह फीचर छोटा लग सकता है, मगर उपयोगकर्ता अनुभव के लिहाज़ से यह गूगल फ़ोटो की लंबे समय से महसूस की जा रही एक कमी को दूर करता है।

कई उपयोगकर्ता अक्सर क्लाउड में सेव तस्वीरें साझा करने में आलस्य महसूस करते थे, क्योंकि पहले डाउनलोड—फिर शेयर—की दोहरी प्रक्रिया झंझट भरी लगती थी। अब सिर्फ़ लॉन्ग-प्रेस, कॉपी और पेस्ट से काम पूरा हो जाएगा।

इसका मतलब है:

  • समय की बचत

  • स्टोरेज की बचत

  • कम चरणों में शेयरिंग

इंटरफ़ेस रीडिज़ाइन के बाद नई उपयोगिता

यह अपडेट गूगल फ़ोटो के हालिया बड़े इंटरफ़ेस रिमॉडल और Material Expressive 3 डिज़ाइन इंटीग्रेशन के बाद सामने आया है। हालाँकि आज की मुख्य सुविधा का संबंध विज़ुअल बदलाव से कम और कार्यक्षमता से ज़्यादा है, फिर भी कंपनी ने इसे अपने हालिया अपडेट चक्र के साथ जोड़कर पेश करने की तैयारी की है।

अभी परीक्षण चरण में

रिपोर्टों के मुताबिक, ‘कॉपी’ बटन फिलहाल ऐप के आंतरिक परीक्षण (internal testing) में दिखाई दे रहा है। इसका अर्थ है कि फीचर को कोडबेस में शामिल कर लिया गया है और यह किसी नियमित अपडेट के ज़रिये जल्द ही उपयोगकर्ताओं तक पहुँच सकता है।

हालाँकि रिलीज़ टाइमलाइन पर कंपनी ने कोई आधिकारिक तिथि घोषित नहीं की है। यह अगली अपडेट में भी आ सकता है या कुछ सप्ताह बाद रोल-आउट हो सकता है।

कंटेंट शेयरिंग का बदलेगा तरीका

स्पष्ट है कि यह फीचर गूगल फ़ोटो के उपयोग के तरीके को सूक्ष्म लेकिन ठोस रूप से बदल देगा। क्लाउड-आधारित लाइब्रेरी से सीधे कॉपी-पेस्ट की क्षमता न केवल वर्कफ़्लो को तेज़ बनाएगी, बल्कि मोबाइल स्टोरेज पर निर्भरता भी घटाएगी।

छोटा सुधार—लेकिन रोज़मर्रा के डिजिटल व्यवहार में बड़ा अंतर पैदा करने वाला।