बुधवार, 23 जून 2021 | 11:34 IST
समर्थन और विरोध केवल विचारों का होना चाहिये किसी व्यक्ति का नहीं!!
सीएम रावत ने रेल विकास निगम के अधिकारियों से ली ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाईन की जानकारी          हुंडई मोटर इंडिया फाउंडेशन ने उत्तराखंड को प्रदान किए वेंटिलेटर,ऑक्सीमीटर एवं सैनिटाइजर सहित अन्य सामान          सीएम ने दिखाई पांच वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी          इसरो की सेटेलाइट से बच्चें करेंगे ऑन लाइन पढ़ाई          पंजाब चुनावों से पहले कांग्रेस में छिड़ी जंग          उत्तराखंड में कोरोना कर्फ्यू के लिए दिशा-निर्देश जारी          उत्तराखंड में जल्द दूर होंगी सेवानिवृत्त राजकीय पेंशन संबंधी विसंगतियां          सचिन तेंदुलकर बने सदी के सबसे तेज बल्लेबाज          अमेरिका के राष्ट्रपति को पीछे छोड़ नंबर वन बने पीएम मोदी         
होम | धर्म-अध्यात्म | 14 मई को अक्षय तृतीय के पर्व पर खुलेंगे यमुनोत्री धाम के कपाट

14 मई को अक्षय तृतीय के पर्व पर खुलेंगे यमुनोत्री धाम के कपाट


चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को देश के कई स्थानों पर यमुना जयंती या यमुना छठ पर्व मनाया जाता है। मुख्य रूप से इस पर्व को मथुरा, वृंदावन और गुजरात में बेहद ही धूमधाम के साथ और भव्य तरीके से मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी दिन यमुना देवी धरती पर अवतरित हुई थीं। यमुना जयंती पर उत्तराखंड स्थित प्रसिद्ध यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने की तिथी तय हो गई है।

यमुनोत्री धाम के कपाट 14 मई 2021 को अक्षय तृतीय के पर्व पर खोले जाएंगे। यमुनोत्री मंदिर समिति के सचिव कृतेश्वर उनियाल ने बताया कि मंदिर के पुजारियों और ज्योतिषाचार्यों से राय मशवरा कर यह तय किया गया कि 14 मई की सुबह 9 बजकर 15 मिनट पर यमुना की डोली अपने भाई शनिदेव की अगुवायी में यमुनोत्री के लिए रवाना होगी। जिसके बाद ठीक 12 बजकर 15 बजे अभिजीत मुहूर्त, आर्द नक्षत्र और कर्क-मिथुन लग्न पर यमुनोत्री धाम के कपाट खोले जाएंगे।

आपको बता दें कि इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा हैं कि यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट अलग-अलग दिन खुलेंगे। सदियों से गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीय के पर्व पर खुलते हैं। लेकिन, इस बार अक्षय तृतीय का पर्व दो दिनों में व्यतीत हो रहा है।  जिसके चलते गंगोत्री धाम के तीर्थ पुरोहितों ने गंगोत्री के कपाट 15 मई की सुबह 7 बजकर 30 मिनट पर खोलने का निर्णय लिया है। यही वजह हैं कि इस बार इतिहास में पहली बार यमुनोत्री-गंगोत्री धाम के कपाट अलग-अलग दिन खुल रहे है।



© 2016 All Rights Reserved.
Follow US On: