रविवार, 23 फ़रवरी 2020 | 02:53 IST
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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पीएम मोदी की महाबलीपुरम में होगी महामुलाकात


जम्मू-कश्मीर के मसले पर भारत-पाकिस्तान के बीच चल रही तनातनी के बीच चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत पहुंच रहे हैं। जिनपिंग का ये दौरा उस वक्त हो रहा है जब पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान बीजिंग में ही हैं। शी जिनपिंग और नरेंद्र मोदी की मुलाकात तमिलनाडु के महाबलीपुरम में होगी, 11-12 अक्टूबर को होने वाले इस दौरे पर कई मसलों पर बात होगी।

इस बीच तमिलनाडु का ऐतिहासिक शहर महाबलीपुरम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के स्वागत के लिए तैयार हो रहा है। सुरक्षा के लिहाज से तटों पर पानी से जुड़ी स्पोर्ट्स गतिविधियों को रोक दिया गया है।

 दोनों नेताओं के बीच शिखर बैठक से जुड़े कार्यक्रम 11 से 13 अक्टूबर तक होने हैं। इसके लिए कोवलम से महाबलीपुरम तक 20 किलोमीटर के दायरे में सुरक्षा को लेकर खास प्रबंध किए जा रहे हैं। इस दौरान यह यात्रा होने तक यहां पर किसी को सर्फिंग, पैडलिंग, डाइविंग या तैरने की अनुमति नहीं दी गई है।

माना जा रहा है कि दोनों शीर्ष नेताओं के शिखर मुलाकात के इतर प्रधानमंत्री मोदी चीनी राष्ट्रपति के साथ प्राचीन शहर मामल्लपुरम के ऐतिहासिक इमारतों को भी देखने जा सकते हैं।

यह ऐतिहासिक शहर पल्लव राजवंश युग के दौर का है और दक्षिण भारत में इस शहर की अपनी अलग पहचान है। दोनों नेताओं के बीच इस तरह की यह दूसरी इन्फॉर्मल मुलाकात होगी।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच पिछले साल चीन के वुहान में भी एक सम्मेलन हुआ था। पिछले साल अप्रैल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वुहान में चीनी राष्ट्रपति से मुलाकात की थी। यह शिखर मुलाकात बिना किसी एजेंडे के हुई थी जिसमें कई मसलों पर चर्चा हुई थी।

इस बैठक को लेकर कहा गया कि इसमें कोई एक बंधा एजेंडा नहीं था, हर मुद्दे पर कुछ न कुछ चर्चा की गई। तब इस बात का भी जिक्र किया गया था कि इस तरह की समिट भविष्य में भी जारी रहेंगी।

शी जिनपिंग के भारत पहुंचने से पहले चीन ने कश्मीर के मसले पर टिप्पणी की और पाकिस्तान के साथ खड़ा होने की बात कही। इमरान खान इस वक्त चीन में हैं और उन्होंने वहां चीन के साथ जम्मू-कश्मीर के मसले पर बात की, इसके बाद चीन ने जो बयान दिया, उसपर भारत ने कड़ी टिप्पणी की है।

बुधवार को इसी मसले पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने जवाब दिया। रवीश ने कहा कि हमने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के बीच बैठक के संबंध में रिपोर्ट देखी, जिसमें उन्होंने अपनी बातचीत के दौरान कश्मीर का भी उल्लेख किया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत का पक्ष अटल बना हुआ है और स्पष्ट है कि जम्मू एवं कश्मीर भारत का आंतरिक मुद्दा है। चीन हमारे पक्ष से अच्छी तरह वाकिफ है। भारत के आंतरिक मामलों पर किसी अन्य देश को टिप्पणी करने का कोई हक नहीं है।



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