शुक्रवार, 17 जनवरी 2020 | 09:53 IST
समर्थन और विरोध केवल विचारों का होना चाहिये किसी व्यक्ति का नहीं!!
गणतंत्र दिवस पर बड़े आतंकी हमले की साजिश नाकाम, जैश के पांच आतंकी गिरफ्तार          एजीआरः टेलीकॉम कंपनियों को एक हफ्ते में चुकाना होगा 1.04 लाख करोड़ रुपये, पुनर्विचार याचिका खारिज          हिमाचल सरकार ने खोला नौकरियों का पिटारा, भरे जाएंगे 2500 पद, पढ़ें कैबिनेट के बड़े फैसले          महेंद्र सिंह धोनी BCCI के सालाना अनुबंध से भी बाहर, इन खिलाड़ियों को किया गया शामिल          जम्मू-कश्मीरः आफत बनकर आया हिमस्खलन, बर्फीले तूफान की चपेट में आने से तीन जवान शहीद, दो लापता          पीओके पर सेनाध्यक्ष की दो टूक- जैसे ही संसद का आदेश मिलेगा, हम उचित कार्रवाई करेंगे          22 जनवरी 2020 को होगी निर्भया के दोषियों को फांसी, डेथ वॉरंट जारी          दिल्ली विधानसभा चुनाव की घोषणा 70 विधानसभा सीटों पर 8 फरवरी को होंगे चुनाव 11 फरवरी आएंगे नतीजे           सीबीएसई के निर्देश, अब 75 प्रतिशत से कम हाजिरी वाले छात्र नहीं दे पाएंगे परीक्षा          मेरी दिल्ली मेरा सुझाव: भाजपा ने चुनाव घोषणापत्र के लिए लोगों के सुझाव को लेकर अभियान शुरू किया          भारतीय विज्ञान कांग्रेस में बोले पीएम मोदी- प्रयोगशालाओं में प्लास्टिक का विकल्प खोजें          पांच महीने बाद कश्मीर में एसएमएस और सरकारी अस्पतालों में ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवा शुरू          जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास माइन ब्लास्ट, सेना के लेफ्टिनेंट समेत 4 जवान घायल          मनोज मुकुंद नरवाणे बने देश के 28वें सेनाध्यक्ष          CAA के समर्थन में PM मोदी ने शुरू किया ट्विटर कैंपेन,बोले-नहीं जाएगी नागरिकता          देश के पहले CDS होंगे जनरल बिपिन रावत          एशिया XI टीम में हिस्सा नहीं होंगे पाकिस्तान क्रिकेट टीम के खिलाड़ी          विश्वविद्यालयों-कॉलेजों में हिंसक प्रदर्शनों पर बोले सेना प्रमुख रावत- ये नेतृत्व का काम नहीं          टी-20, वन-डे सीरीज के लिए टीम इंडिया का एलान, रोहित-शमी को आराम, बुमराह-धवन की वापसी          भारतीयों के स्विस खातों, काले धन के बारे में जानकारी देने से वित्त मंत्रालय ने किया इंकार          भाजपा के हाथ से झारखंड भी निकला, अब 16 राज्यों में 42 फीसदी आबादी पर बची एनडीए सरकार          66वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में उत्तराखंड को मिला मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट का सम्मान          पीएम की कांग्रेस को खुली चुनौती,अगर साहस है तो ऐलान करें,पाकिस्तान के सभी नागरिकों को देंगे नागरिकता          नागरिकता संशोधन कानून पर जारी विरोध के बीच पीएम मोदी ने लोगों से बांटने वालों से दूर रहने की अपील की है          पाकिस्तान को भारत की नसीहत, अपने यहां अल्पसंख्यकों के हालात पर दें ध्यान          टी-20 रैंकिंग में विराट को पांच स्थान और राहुल को तीन स्थान का फायदा हुआ है। राहुल 734 अंकों के साथ छठे और विराट 685 अंकों के साथ टॉप-10 की लिस्ट में दसवें स्थान पर पहुंच गए हैं          अयोध्या पर सभी पुनर्विचार याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज,पांच जजों की बेंच ने सुनाया फैसला           निर्भया के दोषी की सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका, कहा- यहां तो हवा से मर रहे, फिर फांसी क्यों          भारतीय सेना को मिले 306 युवा जांबाज अधिकारी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने परेड की सलामी          हैदराबाद एनकाउंटर पर CJI का बड़ा बयान,बदले की भावना से किया गया न्याय इंसाफ नहीं          भारतीय संसद का ऐतिहासिक फैसला,सांसदों ने सर्वसम्मति से लिया फैसला,कैंटीन में मिलने वाली खाद्य सब्सिडी को छोड़ देंगे           60 साल की उम्र में सेवानिवृत्त करने पर फिलहाल सरकार का कोई विचार नहीं- जितेंद्र सिंह          कोर्ट ने कहा,विवादित जमीन के नीचे एक ढांचा था और यह इस्लामिक ढांचा नहीं था          मोदी सरकार का बड़ा फैसला, दिल्ली की अवैध कॉलोनियां होगी नियमित          पीओके से आए 5300 कश्मीरियों के लिए मोदी सरकार का बड़ा ऐलान, मिलेंगे साढ़े पांच लाख रुपये          देश के सबसे बड़ा सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक पब्लिक प्रॉविडेंट फंड पर सेविंग अकाउंट की तुलना में दे रहा है डबल ब्याज           पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कबूल किया कि उनका देश कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने की कोशिशों में नाकाम रहा          संयुक्‍त राष्‍ट्र ने भी माना,जलवायु परिवर्तन से निपटने में अहम है भारत की भूमिका          बैंकों और बीमा कंपनियों में लावारिस पड़े हैं 32,000 करोड़ से भी ज्यादा पैसे, नहीं है कोई दावेदार         
होम | विचार | जिन्होंने खुद को जलाकर हमारे भविष्य को प्रकाशित किया हम भूल गये, उस उत्तराखंड के गांधी को

जिन्होंने खुद को जलाकर हमारे भविष्य को प्रकाशित किया हम भूल गये, उस उत्तराखंड के गांधी को


जिन्होंने खुद को जलाकर हमारे भविष्य को प्रकाशित किया हम भूल गये, उस उत्तराखंड के गांधी को 

श्रवण सेमवाल

उत्तराखण्ड को अलग राज्य का दर्जा देने ओर उत्तराखंड की हर पीड़ा समझने के पीछे उत्तराखंड के गांधी इंन्द्रमणी बडोनी का गांधी अहम योगदान रहा है। आज दो अभी दो उत्तराखंड राज्य दो का नारा देने वाले और उस नारे पर सतत चलने वाले पहाड़ की तरह अडिग रहने वाले उत्तराखंड के गांधी का आज जन्मदिन है। आज ही के दिन यानी 24  दिसंबर 1925 को टिहरी जिले के अखोड़ी,पट्टी-ग्यारह गांव, को माँ श्रीमती कल्दी देवी पिताजी-श्री सुरेशानंद  जी के घर में पहाड़ के गांधी ने जन्म लिया। बड़ोनी जी का जीवन बहुत ही परेशानियों से गुजरा है। पिता का साया बेटे से तभी उठ गया था जब वह कक्षा चार में पढ़ते थे। परिवार की जिम्मेदारी के साथ ही अपनी पढ़ाई को भी  बडोनी जी ने जारी रखा। बडोनी जी प्रारम्भिक शिक्षा टिहरी के प्रताप इंटर कालेज में पूरी हुई। इंन्दरमणी जी ने उच्च शिक्षा देहरादून और मसूरी से बहुत कठिनाइयों के बीच पूरी की। साथ ही बड़ोनी जी ने अपने दो  छोटे भाई महीधर प्रसाद और मेधनीधर को उच्च शिक्षा दिलाई । बड़ोनी जी ने गांव में ही अपने सामाजिक जीवन को विस्तार देना प्रारम्भ किया जगह जगह सांस्कृतिक कार्यक्रम कराये, वीर भड़ माधो सिंह भंडारी नृत्य नाटिका और रामलीला का मंचन कई गांवों और प्रदर्शनियों में किया। माना जाता है कि वह बहुत अच्छे अभिनेता ,निर्देशक,लेखक,गीतकार,गायक ,हारमोनियम और तबले के जानकार और नृतक भी थे।  संगीत की शिक्षा उन्होने श्री जबर सिंह नेगी से सीखी थी। वह बॉलीवाल के कुशल खिलाड़ी भी माने जाते है। समाज सेवा की जीवन ज्योति उनके अंदर पहले ही थी। उन्होने जगह-जगह स्कूल खोले। स्थानीय कलाकारों के एक दल को लेकर गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित कार्यक्रमों में 1956 में केदार नृत्य प्रस्तुत कर अपनी लोक कला को बड़े मंच पर लाये। 1956  में वह जखोली विकास खण्ड के प्रमुख बने। उससे पहले वह गांव के प्रधान थे। 1967  में वह निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में विजयी होकर पहली बार उत्तर प्रदेश विधानसभा में पहुचे। 1969 को अखिल भारतीय कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में दूसरी बार विधायक बने। 1974  में बड़ोनी जी गोविन्द प्रसाद गैरोला से चुनाव हारे। 1977  में तीसरी बार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में निर्वाचित होकर लखनऊ विधानसभा में पहुचे 1989  में बडोनी जी ब्रह्म दत्त जी से फिर चुनाव हारे। 1979  से ही पृथक उत्तराखंड राज्य के लिए वे सक्रिय रहे। बडोनी जी पर्वतीय विकास परिषद के उपाध्यक्ष रहे भी रहै। 1994 पौड़ी में उन्होंने पृथक उत्तराखंड राज के लिये आमरण अनशन शुरू किया। जिसके लिए सरकार द्वारा उन्हें मुज्जफरनगर जेल में डाल दिया गया, उसके बाद 2  सितम्बर और 2  अक्टूबर का काला इतिहास में घटित हुआ। उत्तराखंड आंदोलन में कई मोड़ आये पूरे आंदोलन में वे केंद्रीय भूमिका में रहे। बहुत ज्यादा धड़ो और खेमों में बंटे आंदोलनकारियों का उन्होंने सफलतापूर्वक नेतृत्व किया एक अहिंसक आंदोलन में उमड़े जन सैलाब की उनकी प्रति अटूट आस्था ,करिश्माई पर सहज -सरल व्यक्तित्व के कारण वाशिंटन पोस्ट ने उन्हें "पर्वतीय गाँधी" की संज्ञा दी। उत्तराखंड के गाधी का निधन 18  अगस्त 1999 को  विठल आश्रम ऋषिकेश में हुआ। राजनीति की इस उठा पटक में हम आज ऐसे महापुरूष को भूल गये जिन्होंने खुद को जलाकार पूरे उत्तराखंड को प्रकाशित किया। 



© 2016 All Rights Reserved.
Follow US On: