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गठिया, मोटापा दूर करना है तो लेमनग्रास लाओ



आपको गठिया-बाई की शिकायत है, मोटापा कंट्रोल नहीं हो रहा है, टेंशन हो गई है, कोलेस्ट्रॉल काबू में करना है, ऐसी 20 बीमारियां का रामबाण इलाज है एक जड़ी बूटी। आमतौर पर जंगली घास के बीच मिल जाने वाली इस बेशकीमती जड़ी बूटी का नाम है लेमनग्रास। 
गेहूं की बाली जैसे इस घास के खट्टेपन के गुण के कारण इसे नींबू से जोड़ा गया है। लेमनग्रास एक ऐसी सुगंधित जड़ी बूटी है, जो आज के ट्रेंडिग लाइफस्टाइल हैबिट्स का हिस्सा बनता जा रहा है। लेमन ग्रास का इस्तेमाल एशियाई व्यंजनों के साथ-साथ पारंपरिक दवाओं में भी व्यापक रूप से किया जा रहा है। लेमनग्रास में कई तरह के कंपाउंड शामिल होते हैं जो विशिष्ट स्वाद सहित कई स्वास्थ्य लाभों में योगदान देते हैं। लेमनग्रास आपके साप्ताहिक आहार में शामिल करने के लिए सबसे फायदेमंद खाद्य पदार्थों में से एक है क्योंकि यह फोलिक एसिड, फोलेट, जिंक, मैग्नीशियम, कॉपर, पोटेशियम, आयरन, फास्फोरस, मैंगनीज, कैल्शियम और विटामिन ए, बी और सी में उच्च है।
लेमन ग्रास की खुशबू नींबू की तरह खट्टी मीठा और हल्का होती है। लेमनग्रास, चाहे सूखा हो या ताजा, इनमें एंटी-इंफ्लेमेटरी, एनाल्जेसिक, एंटीडिप्रेसेंट, एंटीसेप्टिक, एंटीपीयरेटिक, एंटीफंगल, एंटीबैक्टीरियल, कैंसर विरोधी और एंटी-एजिंग और कसैले सहित कई चिकित्सीय विशेषताएं होती हैं। 
अब लेमनग्रास को जड़ी बूटी क्यों कहते हैं, समझ लीजिए। 
1. पाचन में सहायक: लेमनग्रास में ऐसे रसायन होते हैं जो पाचन में सहायता करते हैं और कब्ज, सूजन और अन्य पाचन समस्याओं से बचने में सहायता करते हैं।
2. दर्द और सूजन से राहत दिलाता है: लेमनग्रास में एंटी-इंफ्लेमेटरी रसायन होते हैं जो शरीर में दर्द और सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं। नतीजतन, यह गठिया, सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द जैसी समस्या के लिए एक प्रभावी प्राकृतिक उपचार है।
3. प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देता है: लेमनग्रास में सिट्रल और लिमोनेन सहित एंटीबैक्टीरियल प्रभाव वाले कई रसायन शामिल हैं। इन गुणों में प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने और शरीर को बीमारियों से बचाने की क्षमता होती है।
4. कोलेस्ट्रॉल कम करता है: लेमनग्रास शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद कर सकता है, जो हृदय रोग और अन्य संबंधित बीमारियों का कारण बनते हैं।
5. लेमनग्रास में डीटॉक्स करने के गुण होते हैं: इसका मतलब है कि यह मूत्र निर्माण और शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालने में सहायता कर सकता है, जिससे लीवर और किडनी की डिटॉक्सिफाइंग प्रक्रियाओं में सहायता मिलती है।
6. चिंता और तनाव कम करता है: लेमनग्रास में एंटीडिप्रेसेंट गुण होते हैं जो चिंता और अवसाद के लक्षणों से राहत दिलाने में मदद करते हैं। यह मस्तिष्क में एक रसायन सेरोटोनिन को बढ़ावा देते हैं जो आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए अच्छे होते हैं। लेमनग्रास न केवल चिंता और उदासी को कम करने में मदद करता है, बल्कि यह आत्म-सम्मान को बढ़ाने, नकारात्मक मूड से लड़ने और मानसिक शक्ति को बढ़ाने में भी मदद करता है।
7. मोटापे को नियंत्रित करता है: लेमनग्रास में मौजूद साइट्रल का लंबे समय से मोटापे के इलाज और रोकथाम के लिए उपयोग किया जाता रहा है। यह पेट की चर्बी के निर्माण को कम करता है। रोजाना लेमनग्रास चाय पीने से आपको तेजी से वजन कम करने में मदद मिल सकती है, लेकिन इसे संतुलित मात्रा में ही लेना चाहिए।
तो ऐसी और भी कई बीमारियों पर काबू पाने में लेमनग्रास मदद करती है। आप भी इस प्राकृतिक जड़ी बूटी का इस्तेमाल करें।

 



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