शुक्रवार, 7 अगस्त 2020 | 08:46 IST
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विश्व धरोहर फूलों की घाटी शीत काल में पर्यटकों के लिए बंद


विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी गुरुवार को शीतकाल में पर्यटकों के लिए बंद कर दी गई है। एक जून को इसे पर्यटकों के लिए खोला गया था। इस साल यहां पर्यटकों की आमद और राजस्व का नया रिकॉर्ड बना। 17 हजार से ज्यादा पर्यटकों ने फूलों की घाटी के दीदार किए, इनसे 27 लाख से अधिक का राजस्व अर्जित हुआ। 

फूलों की घाटी वन प्रभाग के वन क्षेत्राधिकारी बृजमोहन भारती ने बताया कि इस साल फूलों की घाटी में रिकॉर्ड 17,424 पर्यटक पहुंचे। इनमें 16,904 भारतीय और 520 विदेशी शामिल हैं। यह संख्या अब तक की सर्वाधिक है। पिछला रिकार्ड वर्ष 2018 में 14742 पर्यटकों की आमद का था। इसी तरह आय के मामले में भी नया रिकॉर्ड बना है। इस साल अब तक 27,825  रूपए  की आय हो चुकी है। 

घाटी में पर्यटकों की खासी आमद से स्थानीय पर्यटन और होटल व्यवसाइयों के भी चेहरों पर रौनक है, इस दरिम्यान उन्होंने उम्मीदों से बढ़कर कारोबार किया। बताते चलें कि वर्ष 2013 में आई आपदा के बाद कुछ सालों तक यहां पर्यटकों का रुख बहुत कम रहा। आपदा के अगले साल यानि वर्ष 2014 में 484 पर्यटक और 2015 में 181 पर्यटक ही फूलों की घाटी पहुंचे थे। लेकिन, इसके बाद साल-दर-साल यह संख्या बढ़ती गई। 

समुद्र तल से 13 हजार फीट की ऊंचाई पर 2-4  कि.मी.के दायरे मे फूलों की घाटी फैली हुई है। 06 नवंबर 1982  को  इसे  राष्ट्रीय पार्क घोषित  किया गया था l जब कि 2004  मे यूनेस्को ने फूलों की घाटी को विश्व धरोहर घोषित किया l सीजन  मे  400 से आधिक प्रजाति  के फूल यहां खिलते है l पार्क प्रशासन द्वारा इस वर्ष पूरी घाटी से पोलीगेमन घास  को हटाया गया l



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