बृहस्पतिवार, 17 अक्टूबर 2019 | 07:04 IST
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उत्तराखंड में बिजली चोरी रोकने के लिये ऊर्जागिरी की शुरूआत,मुख्यमंत्री ने की अभियान की शुरूआत


 मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश में बिजली चोरी तथा लाइन लॉस को रोकने के लिये व्यापक जन-जागरूकता के प्रसार पर बल दिया है। गांधी जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास स्थित जनता मिलन हॉल में ऊर्जा की बचत तथा राजस्व वृद्धि के लिये बिजली चोरी रोकने के लिये ऊर्जा गिरी अभियान का शुभारम्भ करते हुए मुख्यमंत्री ने बिजली चोरी रोकने के लिये किये जा रहे प्रयासों में तेजी लाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जन जागरूकता के लिये इस अभियान के रूप में एक अच्छी शुरूआत हुई है। इससे निश्चित रूप से समाज में जागरूकता आयेगी।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि राज्य गठन के बाद राज्य में ए.टी.एण्ड सी. हानियॉ 52.98 प्रतिशत से वर्तमान में 16.52 के स्तर लाये जाने के साथ ही वितरण हानियाँ 29.52 प्रतिशत से 14.32 प्रतिशत के स्तर पर लाये जाने पर संतोष व्यक्त करते हुए इसे 13 प्रतिशत पर लाये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बिजली चोरी रोकने के लिये प्रतिबद्ध है, ऊर्जा निगमों के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों का दायित्व है कि बिजली चोरी रोके जाने हेतु समुचित उपाय सुनिश्चित करें जिससे कि ईमानदार उपभोक्ताओं पर उसका भार न पड़े। उन्होंने विद्युत चोरी पर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिये यू.पी.सी.एल. विजिलेंस सेल को मजबूती प्रदान करने के भी निर्देश दिये। यू.पी.सी.एल में मुख्य अभियन्ता से अवर अभियन्ता तक सभी को विद्युत संयोजनों की मासिक चैकिंग के लक्ष्य निर्धारित किये जाने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही। उन्होंने राज्य की आवश्यकता के अनुरूप बाजार से महंगी बिजली खरीद कर राज्य की जनता तथा उद्योगों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के प्रयासों की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें बिजली चोरी रोकने के लिये जनजागरूकता के साथ ही इसकी शपथ भी लेनी होगी।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि ऐसे प्रयासों से ही समाज में जन जागरूकता का प्रचार होता है तथा इसका समाज मे व्यापक प्रभाव भी पड़ता है उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास प्रदेश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने तथा राजश्व वृद्धि में भी सहायक होते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखण्ड को लाइन लॉस व बिजली चोरी रोकने में गुजरात के बाद दूसरा नम्बर है। इस दिशा में हमें समेकित प्रयासों से देश में पहले नम्बर पर आने के प्रयास करने होंगे। मुख्यमंत्री ने स्वच्छता एवं वन टाइम यूज प्लास्टिक का उपयोग न करने के संबंध में प्रधानमंत्री की अपील को साकार करने में भी योगदान देने की अपील की, उन्होंने कहा कि हमें इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाना होगा। स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता से हमने पर्यावरणीय मानकों में सुधार की शुरूआत की है। मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुधार एवं सुरक्षा जैसे कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में गांधी जी एवं शास्त्री जी के साथ ही सरदार पटेल के सिद्धांतो पर अमल करने की भी अपील की। इन महापुरूषों ने समाज को नई दिशा दी है। हमे अपने उद्देश्यों को सामने रखकर उन पर अमल करना होगा जब उद्देश्य सामने होता है तो लोग उनसे जुड़ते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड जन-आंदोलनों से बना राज्य है। राज्य आन्दोलनकारियों की अपेक्षा के अनुरूप हमने विकास के नये आयाम स्थापित किये हैं। उत्तराखण्ड के साथ बने अन्य दो राज्यों में आज विकास की दृष्टि से हम पहले स्थान पर हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा राज्य को दिये गये विशेष औद्योगिक पैकेज ने प्रदेश में औद्योगिक वातावरण के सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने इस अभियान से संबंधित सोशल मीडिया, टी.वी, रेडिया जिंगल फ्लेक्स आदि के माध्यम से किये जाने वाले जन-जागरूकता कार्यक्रमों का भी शुभारम्भ किया।
 सचिव ऊर्जा श्रीमती राधिक झा ने कहा कि गांधी जयन्ती के अवसर पर गांधी गिरी की भांति ऊर्जा गिरी की शुरूआत से एक विचारधारा बनेगी, उन्होंने कहा कि सबके सहयोग से बिजली चोरी व लीकेज में भी इससे कमी आ सकेगी। उन्होंने कहा कि हमें ऊर्जा संरक्षण के लिये माध्यम बनना होगा। उन्होंने कहा कि बिजली चोरी रोकने तथा लाइन लास को कम करने के लिये ऊर्जा निगम द्वारा नियमित रूप से विजिलेंस रेड्स की जा रही है तथा दोषी व्यक्तियों के विरूद्ध विद्युत अधिनियम के अन्तर्गत पुलिस थानों तथा स्पेशल न्यायालय में वाद पंजीकृत किये जा रहे हैं।
प्रदेश में मैकेनिक मीटर के स्थान पर इलैक्ट्रिनिक मीटर लगाये जा रहे है। खराब मीटरों को बदला जा रहा है। चोरी सम्भावित क्षेत्रों में एलटी एबी केबल डाली जा रही है। अधिक विद्युत खपत करने वाले उपभोक्ताओं के संबंध में ऑटोमेटिक मीटर रीडिंग की व्यवस्था की गई है। विद्युत खपत के आंकलन में गड़बडी रोकने के लिये एण्ड्रोयड बिलिंग एप के माध्यम से मीटर रीडिंग लेकर बिलिंग की जा रही है, जिसमें रीडिंग की फोटो ली जाती हैं। स्थायी/अस्थायी रूप से काटे गये संयोजनों की जांच की जा रही है। अधिक भार वाले उपभोक्ताओं की मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता तथा उपखण्ड अधिकारी द्वारा सैम्पल जांच की जा रही है। विद्युत खपत का स्पेशल टीम द्वारा सैम्पल जांच की जा रही है। अधिक भार वाले उपभोक्ताओं की खपत मापने के लिये 02 मीटर लगाये जा रहे है। इस वर्ष यूपीसीएल विजिलेंस द्वारा माह अप्रैल से अगस्त तक 2209 चैकिंग के सापेक्ष 1562 प्रकरणों में बिजली चोरी के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करायी गई।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में बिजली चोरी की सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखे जाने तथा निर्धारण राशि का 10 प्रतिशत (अधिकतम रू. 50,000 तक) प्रोत्साहन राशि का प्राविधान भी किया गया है।
यू.पी.सी.एल की रू. 553 करोड़ की गत वर्ष की हानियों के बारे में भ्रामक स्थिति के संबंध में उन्होंने कहा कि यह हानियॉ वास्तव में नियामक आयोग द्वारा तय किए गए विद्युत दरों के सापेक्ष केन्द्र सरकार की परियोजनाओं व एक्सचेंज में बढ़ी विद्युत की दरों के कारण हुई है जो कि यू.पी.सी.एल. को देय होगी।
यू.पी.सी.एल के प्रबंध निदेशक श्री वी.सी.के मिश्रा ने इस संबंध में निर्गत वैधानिक प्राविधानों के साथ ही विभागीय स्तर की जा रही कार्यवाही की जानकारी दी।
इस अवसर पर मेयर सुनील उलियाल गामा, विधायक हरवंश कपूर, महानगर अध्यक्ष श्री अनिल गोयल के साथ ही बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, उद्यमी व व्यापारी वर्ग के साथ ही विभिन्न संस्थानों व विभागों के अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।
 



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