मंगलवार, 20 अप्रैल 2021 | 08:31 IST
समर्थन और विरोध केवल विचारों का होना चाहिये किसी व्यक्ति का नहीं!!
कोरोना से बिगडे़ हालात: एक दिन में 2.16 लाख नए मामले, 1184 मौतें और 15 लाख सक्रिय केस          शिक्षा मंत्री का एलान, देशभर में दसवीं की परीक्षाएं रद्द व बारहवीं की स्थगित          अमेरिकी सांसद ने उड़ाए इमरान के होश, बोले-आतंकियों को आसरा देता है पाकिस्तान          यूएई के प्रधानमंत्री बने ब्रिटेन के सबसे बड़े जमींदार, खरीदी एक लाख एकड़ जमीन          हरिद्वार-दो अखाड़ों ने की कुंभ समापन की घोषणा, नाराज संत बोले-अपनी अवधि तक चलेगा मेला          गीतकार पंडित किरण मिश्र का निधन, 67 की उम्र में ली अंतिम सांस          केदारनाथ धाम के पत्थरों से तैयार किए गए 10 हजार शिवलिंग, घर ले जा सकेंगे तीर्थयात्री          बैंकों और बीमा कंपनियों में लावारिस पड़े हैं 32,000 करोड़ से भी ज्यादा पैसे, नहीं है कोई दावेदार         
होम | क्राइम | पौड़ी जिले में दलित युवती से दुष्कर्म में फौजी समेत दो गिरफ्तार

पौड़ी जिले में दलित युवती से दुष्कर्म में फौजी समेत दो गिरफ्तार


पौड़ी जिले में दलित युवती से दुष्कर्म करने वालो दोनों आरोपी युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आपको बता दें कि पिछले दिनों पौड़ी जनपद में एक दलित युवती के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पौड़ी तहसील के एक गांव में दलित युवती के साथ दो लोगों ने दुष्कर्म किया। इन पर आरोप था कि इस मामले में जब राजस्व पुलिस की ओर से केस दर्ज किया गया तो आरोपियों के परिजनों ने युवती को घर बुलाया और उसकी जमकर पिटाई भी की थी। जिससे युवती के हाथ और पैरों में कई चोटें आई हैं। घटना के बाद से यह दोनों आरोपी फरार चल रहे थे। जिन्हें पुलिस ने आज उत्तराखंड की अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार कर ली है। जिसे  पिथौरागढ़ से और दूसरे युवक जो दिल्ली भाग गया था।  उसे पौड़ी के बुआखाल से गिरफ्तार कर लिया गया है। जिसके बाद इन दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

इन युवकों के खिलाफ राजस्व पुलिस चौकी सितोनस्यूँ में मु0अ0सं001/2021धारा 376/323/506 भादवि0 व धारा 3(क) के तहत अमित उर्फ संतू व आशीष के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए। इसकी विवेचना राजस्व पुलिस से रेगूलर पुलिस को सौंपा गया था। जिसके बाद पुलिस अधीक्षक पौड़ी रेणुका देवी द्वारा महिला संबंधी अपराध पर तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों अभियुक्तों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के लिए निर्देश दिए गए थे। इस मामले को लेकर तमाम सामाजिक संगठनों और पौड़ी जनपद में दलित युवती के साथ दुष्कर्म के मामले में शनिवार को पौड़ी कांग्रेस,अनुसूचित जाति विभाग के जिला अध्यक्ष बीरबल सिंह मंडागी,आखिल भारतीय युवा कोली समाज के प्रदेश अध्यक्ष राजेश सिंह राजा कोली,कांग्रेस महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्षा कमला रावत,शिल्पकार संगठन के हीरा लाल टम्टा कांग्रेस,अनुसूचित जाती विभाग के पौड़ी जिला अध्यक्ष हरीश चंद्र आर्य एवं विनोद कुमार,वीरेंद्र लाल,धनीराम,ओम प्रकाश,दयाल चंद,पवित्रा देवी,अनिता देवी ने पौड़ी इस घटना में शामिल आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तारी करने और इन्हें कड़ी से कड़ी सज़ा दिलवाने के लिए पौड़ी जिलाधिकारी के माध्यम से उत्तराखंड की महामहीम राज्यपाल श्रीमती बेबी रानी मौर्य एवं मुख्यमंत्री तीरथ से रावत को ज्ञापन भेजा था।

जिसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए,अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार मनीषा जोशी के निर्देशन में क्षेत्राधिकारी सदर पौड़ी प्रेमलाल टम्टा के प्रर्यवेक्षण, प्रभारी निरीक्षक विनोद सिंह गुसांई, प्रभारी सी.आई.यू.विजय सिंह,वरिष्ट उपनिरिक्षक महेश रावत, उपनिरिक्षक ब्रजेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम गठित कर इन अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए सम्भावित स्थानों पर दबिश दी गई। जिसके के बात पुलिस की एक द्वारा अभियुक्त आशीष को पौड़ी क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। जबकि दूसरी पुलिस टीम द्वारा एक अभियुक्त अमित उर्फ संतू को 6वीं गढ़वाल राइफल पिथौरागढ़ से गिरफ्तार किया गया।

दोनों अभियुक्त को गिरफ्तार कर जब इनसे कड़ाई से पूछताछ की गई तो,दोनों ही अभियुक्तों ने अपना अपराध कूबुल कर लिया है। इन्होंने बताया की वह पौड़ी स्थित खोलाचौंरी बाजार में घूमने आये थे। यहां उन्होंने शराब पी और अपने घर वापस घर आते समय इन्हें सड़क पर अकेली चलते हुए एक लड़की मिली। जिसे इन दोनों ने बहला फुसलाकर बुलाया और फिर उसके साथ दुष्कर्म कर फरार हो गए। साथ ही इन्होंने लड़की को धमकी दी कि यदि उसने किसी को भी इस घटना के बारे में बताया तो वह उसे और परिजनों को जान से मार देंगे। जिसके बाद लड़की डर गई थी। लेकिन जब लड़की के परिजनों ने लड़की के हाथ-पैर में चोट के निशान देखे तो,लड़की से इस बारे में पूछने पर लड़की ने पूरी घटना के बारे में अपने परिजनों को बताया।

इस मामले को गंभीरता से जांच करने और अपराधियों को गिरफ्तार करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पुलिस टीम को ढाई हजार का ईनाम की घोषणा की है।



© 2016 All Rights Reserved.
Follow US On: