बुधवार, 29 जून 2022 | 10:01 IST
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दिल्ली में स्वर्गीय कन्हैयालाल डंडरियाल की 18वीं पुण्यतिथि पर उनके व्यक्तित्व व कवित्व पर चर्चा


पूर्वी विनोद नगर,दिल्ली में पहाड़ी उत्पादों के सर्वप्रिय स्टोर स्यारा रिटेल्स के भीतर उत्तराखंडी कला,साहित्य व संस्कृति की 'खुचकंडी' भी बसती है। खुचकंडी नाम से यहां पहाड़ी लोक साहित्य का एक कोना है जो खास अवसरों पर साहित्यनुरागियों को जोड़ता है।

2 जून ऐसा ही एक मौका था,जब समकालीन गढ़वाली कविता के शीर्षस्थ हस्ताक्षर स्वर्गीय कन्हैयालाल डंडरियाल की 18वीं पुण्यतिथि पर हम सबने 'खुचकंडी' में उन्हें याद किया और उनके व्यक्तित्व व कवित्व पर चर्चा की। इस मौके पर बुरांस साहित्य एवं कला केंद्र के अध्यक्ष वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप वेदवाल के सौजन्य से महाकवि डंडरियाल की पुस्तकें अंज्वाल़,कुहेड़ी (कविता संग्रह) नागराजा (खंडकाव्य)और चाठौं कू घ्वीड़ (यात्रा संस्मरण) खुचकंडी को समर्पित की गईं।

स्यारा रिटेल के संस्थापक,प्रमोटर दीपक ध्यानी व उनके सहयोगियों के आतिथ्य में आयोजित इस कार्यक्रम के सूत्रधार प्रदीप वेदवाल थे जिन्होंने गहन विवेचन के साथ डंडरियाल जी की रचनाओं का सूक्ष्मतम परिचय कराया। वरिष्ठ पत्रकार सुषमा जुगरान ध्यानी और राज्यसभा सचिवालय में निदेशक स्तर की अधिकारी मीना कण्डवाल ने महाकवि डंडरियाल की रचनाओं का शानदार पाठ किया।

मौके पर दिए गए वक्तव्यों का सार यह था कि डंडरियाल जी ने सत्तर-अस्सी के दशक की दिल्ली में अत्यंत विपरीत परिस्थितियों में रहकर भी पहाड़ और वहां की संवेदना को अपने भीतर एवं बाहर समग्रता में जीया तथा अपने लेखन से लोकभाषा गढ़वाली को समृद्ध किया-

"दादु म्यरि उल्यरि जिकुड़ी, दादू मैं परबतू को वासी

दादू म्यरु सौंजड्या च काफू, दादू म्यरि गैल्या चा हिलांसी। झम्म...

कार्यक्रम में ध्रुव इन्सुलेशन प्रा.लि.के निदेशक विनोद नौटियाल ने प्रसंगवश उत्तराखंड में कृषि, पलायन और भू-कानून पर एक यथार्थवादी दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि पहाड़ में बची-खुची खेती भी उसी पुराने ढर्रे पर होती रहेगी तो ऐसी कष्टदायी खेती के लिए पर्वतीय महिला अपने हाड़ क्यों तोड़े!

स्यारा रिटेल्स के निदेशक दीपक ध्यानी ने पर्वतीय उत्पादों के संवर्धन पर जोर दिया। उन्होंने पारंपरिक पर्वतीय परिधान पिछौड़ा के संवर्धित रूप (स्ट्राल) की नुमाइश की। उपस्थित मातृशक्ति का पिछौड़े और पुरुषों का स्यारा रिटेल्स की लोकप्रिय पहाड़ी टुपली पहनाकर स्वागत किया गया।

कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार और चिंतक चारू तिवारी,उत्तराखंड जर्नलिस्ट फोरम के अध्यक्ष सुनील नेगी,वासुकी फाउंडेशन के अध्यक्ष पीएन शर्मा,समाजसेवी विनोद कबटियाल,शिक्षा विभाग दिल्ली की उपनिदेशक डा.राजेश्वरी कापड़ी,देवभूमि संवाद न्यूज पोर्टल के सतेन्द्र नेगी,पत्रकार दीपा नयाल दियोपा,स्यारा रिटेल्स की एक्जीक्यूटिव गरिमा सुंदरियाल और नैटवाड़ (उत्तरकाशी) में सेब क्रांति की अलख जगा रहे अर्जुन सिंह पंवार के प्रतिनिधि हरिपाल सिंह की गरिमामय उपस्थिति रही।



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