सोमवार, 24 फ़रवरी 2020 | 07:52 IST
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इन महिलाओँ ने नही किए होते ये आविष्कार तो क्या होती हमारी जिंदगी ?


अगर किसी आविष्कारक का नाम आए तो ज्यादातर थॉमस एडिसन, एलेग्जेंडर ग्राहम बेल आदि वैज्ञानिकों के नाम ही सामने आता है लेकिन क्या कभी आपने मेरी एंडरसन या एन सुकामोटो का नाम आपने सुना है शायद ही किसी ने इनका नाम सुना हो लेकिन कुछ आविष्कारों में महिलाओं का बहुत बडा योगदान रहा है जिनसे आज हमारी जिंदगी पूरी तरह बदल गई। रियल एडमिरल ग्रेस हॉपर जो दूसरे वर्ल्ड वॉर के दौरान यूएस नेवी में शामिल हुई थी बाद में कंप्यूटर प्रोग्रामिंग पर काम करने लगी कंपाइलर कोड इन्होने ही जमाने को दिए। डॉ शर्ली जैकसन अमरीकी सैद्धांतिक भौतिकशास्त्री महिला थी उन्होने साल 1970 में जो रिसर्च किया वह कॉलर आईडी और कॉल वेटिंग बनाने के काम आया इसी के साथ उनके आविष्कारों से कई ओर कारनामे करने में भी मद्द मिली जिनमें पोर्टेबल फैक्स , फाइबर ऑप्टिक केवल्स सोलर सेल बनाने में मद्द मिली। तीसरे आविष्कारक के तौर पर नाम सामने आता है जिन्होने बारिश के मौसम में कार से न्यूयॉर्क में घूमते समय वाइपर का पानी पौछने के लिए इस्तेमाल करते हुए विंडसक्रीन वाइपर का कॉन्सेप्ट तैयार किया था उन्होने उसको गाडी के अंदर से ही कंट्रोल किया था  आज वही चीज दुनिया की तमाम गाडियो पर नजर आती है। कोक्रेन एक ऐसी मशीन  चाहती थी जो किसी भी डिश की धुलाई का काम उनके नौकरो से भी ज्यादा तेजी से धो सके इसके लिए उसने बॉइलर के अंदर घूमने वाला पहिया लगा दिया जो वॉटर प्रेशर पर काम करने वाला पहला डिशबॉशर था। जो सीसीटीवी कैमरे आज हमें हर कई जरूरत के तौर पर गिनाये जाते है दरअसल उसका इजाद करने वाली भी एक महिला ही थी  मेरी वान ब्रिटन ब्राउन घर पर अक्सर अकेली ररहा करती थी उन्होने अपने पति के साथ मिलकर ऐसा सिक्योरिटी सिस्टम बनाया जो मोटर से चलने वाला कैमरा था यह एक छेदकी मद्द से दरवाजे पर ऊपर नीचे मूव होता था। कोमोटो के छोटे से आविष्कार से जिसका नाम स्टेमसेलआइसोलेशन था कैंसर के मरीजों की रक्त प्रणाली को समझने में मद्द मिली जिससे कैंसर का इलाज संभव हो सका। आज जिस बुलेटप्रुफ जैकेट का इस्तेमाल किया जाता है उसे भी स्टेफनी क्वॉलेक नाम की एक महिला ने ही बनाया था उन्होने एक ऐसे फाइबर को बनाया जो स्टील से भी 5 गुना मजबूत लेकिन लचीला होता था यह आविष्कार 1965से अब तक कई सौ लोगो की जाने बचा चुका है

 



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