शनिवार, 25 सितंबर 2021 | 08:16 IST
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अफगानिस्तान मीडिया में खबरों की जगह सुनाया जा रहा कट्टरपन


अफगानिस्तान में कब्जा करने का बाद तालिबान मीडिया को पूरी तरह से बदल दिया है। अफगानिस्तान में मीडिया में मनोरंजन पूरी तरह से बंद हो गया है। इसके साथ ही कट्टर पन दिखाया और सुनाया जा रहा है। सभी टीवी चैनल ने अब संगीत और इससे जुड़े मनोरंजक कार्यक्रम दिखाने बंद कर दिए हैं। टीवी पर अब धार्मिक और जिहादी कार्यक्रम ही प्रसारित किए जा रहे हैं। न्यूज़ में भी तालिबान नेताओं की तारीफ के पुल बांधे जा रहे हैं। तालिबान ने सबसे पहले 2 अगस्त 2021 को हेलमंड स्थित राष्ट्रीय रेडियो स्टेशन पर कब्जा किया था। इसके बाद तेजी से देश के अन्य टीवी चैनलों को भी अपने नियंत्रण में ले लिया और प्रसारण बंद कर दिए गए। अफगानिस्तान में मीडियाकर्मियों को गंभीर मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई चैनल बंद होने से बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी अपनी नौकरी गंवा चुके हैं और जिनकी नौकरी बची है, उन्हें तरह-तरह के जोखिम का सामना करना पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय पत्रकार संघ के उपमहासचिव जर्मी डीयर ने भी माना कि अफगानिस्तान में पत्रकारों के लिए यह एक कठिन समय है।तालिबान मीडिया का इस्तेमाल करने में माहिर है। यही वजह है कि उसने अंतरराष्ट्रीय टीवी चैनल अल-जजीरा को विशेष अनुमति देकर एक्सक्लुसिव इंटरव्यू दिया। इसके विपरीत तालिबान ने अफगानिस्तान में शुरुआत में टीवी प्रसारण बाधित कर दिए और महिला एंकर-रिपोर्टर को मीडिया से दूर रहने को कहा। लेकिन बाद में सख्त हिदायतों के साथ टीवी प्रसारण और महिला पत्रकारों को काम करने की अनुमति दे दी। तालिबान के इस फैसले ने अफगानिस्तान मे रह रहे लोगों की मुश्किल बढ़ा दी है।



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