शुक्रवार, 13 दिसम्बर 2019 | 02:42 IST
समर्थन और विरोध केवल विचारों का होना चाहिये किसी व्यक्ति का नहीं!!
पाकिस्तान को भारत की नसीहत, अपने यहां अल्पसंख्यकों के हालात पर दें ध्यान          टी-20 रैंकिंग में विराट को पांच स्थान और राहुल को तीन स्थान का फायदा हुआ है। राहुल 734 अंकों के साथ छठे और विराट 685 अंकों के साथ टॉप-10 की लिस्ट में दसवें स्थान पर पहुंच गए हैं          ICC की टी-20 रैंकिंग में छाए भारतीय बल्लेबाज, विराट और राहुल की बड़ी छलांग          अयोध्या पर सभी पुनर्विचार याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज,पांच जजों की बेंच ने सुनाया फैसला           निर्भया के दोषी की सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका, कहा- यहां तो हवा से मर रहे, फिर फांसी क्यों          भारतीय सेना को मिले 306 युवा जांबाज अधिकारी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने परेड की सलामी          हैदराबाद एनकाउंटर पर CJI का बड़ा बयान,बदले की भावना से किया गया न्याय इंसाफ नहीं          भारतीय संसद का ऐतिहासिक फैसला,सांसदों ने सर्वसम्मति से लिया फैसला,कैंटीन में मिलने वाली खाद्य सब्सिडी को छोड़ देंगे           60 साल की उम्र में सेवानिवृत्त करने पर फिलहाल सरकार का कोई विचार नहीं- जितेंद्र सिंह          इसरो ने रचा इतिहास,कार्टोसैट-3 के अंतरिक्ष यान को सफलतापूर्वक कक्षा में किया स्थापित          अयोध्या में ही मस्जिद निर्माण के लिए दी जाएगी जमीन          सुप्रीम कोर्ट ने विवादित जमीन पर रामलला का हक माना          कोर्ट ने कहा कि पुरातत्व विभाग की खोज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता          कोर्ट ने कहा,विवादित जमीन के नीचे एक ढांचा था और यह इस्लामिक ढांचा नहीं था          कोर्ट के फैसले में ASI का हवाला देते हुए कहा गया कि बाबरी मस्जिद का निर्माण किसी खाली जगह पर नहीं किया गया था          अयोध्या पर आया सुप्रीम कोर्ट का फैसला, बनेगा राम मंदिर, मस्जिद के लिए अलग जगह          मोदी सरकार का बड़ा फैसला, दिल्ली की अवैध कॉलोनियां होगी नियमित          पीओके से आए 5300 कश्मीरियों के लिए मोदी सरकार का बड़ा ऐलान, मिलेंगे साढ़े पांच लाख रुपये          देश के सबसे बड़ा सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक पब्लिक प्रॉविडेंट फंड पर सेविंग अकाउंट की तुलना में दे रहा है डबल ब्याज           पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कबूल किया कि उनका देश कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने की कोशिशों में नाकाम रहा          संयुक्‍त राष्‍ट्र ने भी माना,जलवायु परिवर्तन से निपटने में अहम है भारत की भूमिका          बैंकों और बीमा कंपनियों में लावारिस पड़े हैं 32,000 करोड़ से भी ज्यादा पैसे, नहीं है कोई दावेदार         
होम | देश | स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि को दी गई भू-समधि, रक्षामंत्री राजनाथ समेत कई बड़े नेताओं ने किए अंतिम दर्श

स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि को दी गई भू-समधि, रक्षामंत्री राजनाथ समेत कई बड़े नेताओं ने किए अंतिम दर्श


पद्मभूषण स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि की देह को उनके निवास स्थान राघव कुटीर में भू समाधि दी गई। इस दौरान उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए संत समाज समेत ,उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्या,सीएम योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह,उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद सिंह रावत,उत्तराखंड के विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल,मदन कौशिक,अजय भट्ट,योग गुरू स्वामी रामदेव भी पहुंचे। 

भारत माता मंदिर के संस्थापक स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज को भू-समाधि दे दी गई है। वहां मौजूद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, साध्वी निरंजन ज्योति, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत समेत कई नेताओं ने उन्हें अंतिम प्रणाम किया। 

स्वामी सत्यामित्रानंद को श्रद्धांजलि देने के लिए सुबह से ही तांता लगा रहा। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, योगगुरु बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण समेत कई हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि सभा के संपन्न होने के बाद स्वामी सत्यमित्रानंद की अंतिम यात्रा आश्रम परिसर में ही निकाली गई। बैंड बाजों के साथ निकाली गई अंतिम यात्रा के बाद उनके पार्थिव शरीर को समाधि स्थल में स्थापित किया गया। यहां विधि-विधान और मंत्रोच्चारण के साथ उन्हें भू समाधि दी गई। 

आपको बता दें कि भारत माता मंदिर के संस्थापक पद्मभूषण महामंडलेश्वर स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज 87 वर्ष में मंगलवार सुबह अपने निवास राघव कुटीर में ब्रह्मलीन हुए। वह पिछले एक पखवाड़े से गंभीर रूप से बीमार थे और देहरादून के मैक्स अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। 

 स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी का जन्म 19 सिंतबर, 1932 को आगरा में हुआ था। लेकिन स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि का परिवार उत्तर प्रदेश के सीतापुर का रहने वाला था। बचपन से ही स्वामी जी की रुचि संन्यास और अध्यात्म में थी। जिसकी वजह से उन्होंने अपना सांसारिक जीवन बहुत कम उम्र में त्याग दिया था। सांसारिक जीवन से संन्यास लेने से पहले लोग उऩ्हें अंबिका प्रसाद पांडेय के नाम से पहचानते थे। स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी के पिता का नाम शिवशंकर पांडेय था। उनके पिता को राष्ट्रपति पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका था। स्वामी जी जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि के गुरु थे.

स्वामी सत्यमित्रानंद को 29 अप्रैल, 1960 को मात्र 26 वर्ष की आयु में भानपुरा पीठ का शंकराचार्य बना दिया गया था। लेकिन करीब 9 साल तक धर्म और मानव सेवा करने के बाद उन्होंने साल 1969 में खुद शंकराचार्य के पद को त्याग दिया था।

स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि ने हरिद्वार में साल 1983 में भारत माता मंदिर की स्थापना की थी। वो अपने जीवनकाल में 65 से अधिक देशों की यात्रा कर चुके थे। आध्यात्म चेतना के धनी स्वामी जी को साल 2015 में पद्मभूषण पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।

 



© 2016 All Rights Reserved.
Follow US On: