बुधवार, 12 अगस्त 2020 | 09:25 IST
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उत्तराखंड में बर्फबारी से बंद हुए कई मार्ग खुले,400 से अधिक गांव अभी भी बर्फ में कैद


उत्तराखंड में पिछले तीन दिनों से हो रही बर्फबारी के चलते कई सड़क मार्ग बंद हो गए थे। जिन्हें अब खोल दिया गया। चंबा-धनोल्टी सड़क मार्ग बर्फ के कारण अभी भी बंद है। जिस कारण अभी भी धनोल्टी और आसपास के इलाकों में भी करीब 250 पर्यटक होटलों में कैद हैं। रास्ता बंद होने की वजह से उन्हें बाहर नहीं निकाला जा सका। वाहनों का संचालन न होने के कारण लोग अभी चंबा-धनोल्टी मार्ग पर आवागमन नहीं कर पा रहे हैं। शाम तक रास्ता खुलने की उम्मीद है।


नई टिहरी, रुद्रप्रयाग, यमुनोत्री घाटी, चमोली में चटक धूप खिली हुई। रुद्रप्रयाग जनपद में बर्फबारी प्रभावित गांवों में जनजीवन अस्त-व्यस्त है। बद्रीनाथ एवं गौरीकुंड राजमार्ग खुले हैं। कुंड-ऊखीमठ-चोपता-गोपेश्वर राजमार्ग बर्फ के कारण बंद हैं। यमुनोत्री हाईवे अभी भी बाधित है। चमोली जिले में ठंड से राहत मिली है। जिससे बर्फ से बंद सड़कों के खोलने में तेजी आएगी। लेकिन मौसम विभाग का कहना हैं कि अगले तीन दिनों में अभी शीतलहर और कोहरे से परेशानी बढ़ेगी। 10, 11 और 12 जनवरी को देहरादून और आसपास के इलाकों में शीतलहर चल सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी है।

इधर ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर बृहस्पतिवार को व्यासी से अटाली होटल के बीच पहाड़ी दरकने से बड़ी मात्रा में बोल्डर और मलबा सड़क पर आ गया। इसके बाद सड़क के दोनों ओर कई किलोमीटर तक वाहनों का लंबा जाम लग गया। आननफानन एनएच विभाग ने पोकलैंड की सहायता से मलबे को हटाने का काम शुरू किया। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद वाहनों की आवाजाही के लिए केवल सिंगल रैंप तैयार किया जा सका।

कुमाऊं के चंपावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर और नैनीताल में बुधवार रात से बृहस्पतिवार तड़के तक हुई भारी बर्फबारी और बारिश लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। कई इलाकों में सड़कें बंद हैं तो कई जगह बिजली और संचार सेवा ठप है। आरतोला में पटोरिया टेलीफोन एक्सचेंज के मजदूर की ठंड से मौत हो गई। शव बर्फ में दबा मिला है। तराई-भाबर में कल रात हुई बारिश के बाद बृहस्पतिवार सुबह धूप खिली लेकिन ठंड से छुटकारा नहीं मिला। उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग में 400 से अधिक गांव अभी भी बर्फ में कैद हैं। दर्जनों सड़कें बर्फ से ढकी हैं, बिजली और पानी की सप्लाई ठप पड़ी है।

चंपावत, पिथौरागढ़, नैनीताल, चंपावत में बृहस्पतिवार सुबह जब लोगों की आंख खुली तो धरा बर्फ की चादर ओढ़े नजर आई। बर्फबारी के कारण थल-मुनस्यारी सड़क छठे दिन भी बंद रही। सीमांत के दारमा, चौंदास, ब्यास सहित छिपला केदार घाटी के दर, बोंगलिंग, नागलिंग, दुग्तु, दांतु में तीन फीट तक हिमपात हुआ है। तिदांग और कुटी पोस्ट में आईटीबीपी जवानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।


 

 

 



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