सोमवार, 24 फ़रवरी 2020 | 08:00 IST
समर्थन और विरोध केवल विचारों का होना चाहिये किसी व्यक्ति का नहीं!!
भारत बना रहा है नेवी के लिए नई हाईटेक क्रूज मिसाइल, जद में होगा पाकिस्‍तान          भारतीयों के स्विस खातों, काले धन के बारे में जानकारी देने से वित्त मंत्रालय ने किया इंकार          पीएम की कांग्रेस को खुली चुनौती,अगर साहस है तो ऐलान करें,पाकिस्तान के सभी नागरिकों को देंगे नागरिकता          नागरिकता संशोधन कानून पर जारी विरोध के बीच पीएम मोदी ने लोगों से बांटने वालों से दूर रहने की अपील की है          भारतीय संसद का ऐतिहासिक फैसला,सांसदों ने सर्वसम्मति से लिया फैसला,कैंटीन में मिलने वाली खाद्य सब्सिडी को छोड़ देंगे           60 साल की उम्र में सेवानिवृत्त करने पर फिलहाल सरकार का कोई विचार नहीं- जितेंद्र सिंह          मोदी सरकार का बड़ा फैसला, दिल्ली की अवैध कॉलोनियां होगी नियमित          पीओके से आए 5300 कश्मीरियों के लिए मोदी सरकार का बड़ा ऐलान, मिलेंगे साढ़े पांच लाख रुपये          पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कबूल किया कि उनका देश कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने की कोशिशों में नाकाम रहा          संयुक्‍त राष्‍ट्र ने भी माना,जलवायु परिवर्तन से निपटने में अहम है भारत की भूमिका          बैंकों और बीमा कंपनियों में लावारिस पड़े हैं 32,000 करोड़ से भी ज्यादा पैसे, नहीं है कोई दावेदार         
होम | उत्तराखंड | उत्तराखंड में जीर्ण-शीर्ण हो चुके विद्यालय भवनों का शीघ्र होगा पुर्ननिर्माण

उत्तराखंड में जीर्ण-शीर्ण हो चुके विद्यालय भवनों का शीघ्र होगा पुर्ननिर्माण


मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने सोमवार को सचिवालय में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ प्रदेश में जीर्ण-शीर्ण हो चुके विद्यालय भवनों के पुनरूद्धार के सम्बन्ध में बैठक की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को प्रदेश भर में जर्जर हो रहे विद्यालय भवनों की जानकारी एक़त्र करने के निर्देश हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश का अधिकतर भाग भूकम्प की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है।

मुख्य सचिव ने प्रदेश के पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों सहित मैदानी क्षेत्रों में भी जोन-4 एवं जोन-5 के तहत आने वाले सभी विद्यालय भवनों का परीक्षण करा कर सूची तैयार कर ली जाए। उन्होंने निर्देश दिये कि प्रदेशभर में जीर्ण-शीर्ण विद्यालय भवनों के पुनरूद्धार एवं पुनर्निर्माण का कार्य अभियान के तौर पर शुरू किया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि अत्यंत जर्जर अवस्था के विद्यालय भवनों को प्राथमिकता पर लिया जाए। इसके लिए लक्ष्य निर्धारित कर लिए जाएं ताकि निर्धारित समयानुसार विद्यालय भवनों के पुनरूद्धार का कार्य किया जा सके। उन्होंने निर्देश दिये कि नये बनाए जाने वाले भवनों को भूकम्परोधी तकनीक के साथ निर्मित किया जाए। उन्होंने कहा कि विद्यालय भवनों के अन्य मॉडल के साथ ही आधुनिक एवं आकर्षक डिजाइन पर भी विचार किया जाना चाहिए, ताकि सरकारी विद्यालयों की छवि सुधारी जा सके।
इस अवसर पर सचिव शिक्षा आर. मीनाक्षी सुन्दरम, प्रभारी सचिव एस.ए.मुरूगेशन एवं निदेशक शिक्षा डॉ. आर.के. कुंवर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

 



© 2016 All Rights Reserved.
Follow US On: