बृहस्पतिवार, 17 अक्टूबर 2019 | 06:54 IST
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लेखक रमेश घिल्डियाल के हिन्दी उपन्यास 'प्रीतम के आशियाने' का लोकार्पण


 

 दिल्ली के गांधी शान्ति प्रतिष्ठान में वरिष्ठ साहित्यकार रमेश घिल्डियाल के हिन्दी उपन्यास प्रीतम का आशियाना का लोकार्पण वरिष्ठ साहित्यकार एवं चिन्तक सर्वश्री डॉ गंगा प्रसाद विमल, श्रीमती सुशीला रावत, डॉ हरि सुमन विष्ट, डॉ सतीश कालेश्वरी, डॉ सुवर्ण रावत, ब्रह्मानन्द कगडियाल, गिरीश विष्ट हंसमुख, ब्रजमोहन शर्मा वेदवाल, अयज बिष्ट, कुसुम चैहान आदि ने किया।

इस मौके पर उपन्यास लेखक रमेश घिल्डियाल ने अपने वक्तव्य में कहा कि प्रीतम का आशियाना जिस पृष्ठभूमि को मध्य में रखकर लिखा गया है वह उनका नया प्रयास है, श्रीमती बसुन्धरा नेगी की दो कविताओं ने मेरे उपन्यास को पूर्णता प्रदान की है। और उनकी कविताओं ने मेरे उपन्यास के भावों को जीवंत कर दिया है। श्री रमेश घिल्डियाल के इस उपन्यास के कवरपेज को देखकर भी पहली नजर में कोई भी यह नहीं कह सकता कि यह किसी साहित्यिक कृति का कवर पेज है। लगता है जैसे किसी फिल्म के पोस्टर को चस्पा कर दिया गया हो।

उपन्यास के कथानक के बारे में वरिष्ठ साहित्यकार श्री गिरीश बिष्ट हंसमुख ने बताया कि समाज में इस प्रकार की बातों को स्वीकार नहीं किया जा सकता है। संस्कार एवं सामाजिक मर्यादाओं का ध्यान रखा जाना चाहिए। इस कथन से इस बात को बल मिला कि शायद इस उपन्यास में सामाजिक बर्जनाओं को तोड़ा गया है। जैसा कि श्री घिल्डियाल ने भी अपने वक्तव्य में बताया कि मैं पाठकों से अनुरोध करूंगा कि शब्दो के जाल और कथानक पर ध्यान न देते हुए मेरे भावों को समझने का प्रयास कीजियेगा।

इस मौके पर गंगा प्रसाद विमल,डॉ,हरिसुमन बिष्ट,डॉ सतीश कालेश्वरी, डॉ सुवर्ण रावत, ब्रह्मानन्द कगडियाल, गिरीश विष्ट हंसमुख समारोह में आदि साहित्यकार, कवि, पत्रकार एवं समाज के अग्रणीय लोगों ने उपन्यास के लेखक रमेश घिल्डियाल को उनकी इस रचना के लिए बधाई दी एवं विचार व्यक्त किए।

 कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ कवि प्रदीप वेदवाल, सार्वभौमिक के अध्यक्ष श्री अजय विष्ट एवं लेखिका एवं नाट्यकर्मी श्रीमती वसुन्धरा नेगी ने संयुक्त रूप से किया।



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