शुक्रवार, 7 अगस्त 2020 | 10:01 IST
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उत्तराखंड में मंदाकिनी,अलकनंदा नदियां उफान पर घाट हुए जलमग्न


पिछले तीन दिनों से पहाड़ी क्षेत्रों हो रही लगातार बारिश पहाड़ के लिए आफत बन गई है। बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर आ गये हैं। जगह-जगह बरसाती गदेरे निकलने लगे हैं। नदियां खतरे के निशान के नजदीक बह रही हैं। बारिश का सितम अगर ऐसे ही रहा तो उत्तराखंड में आम जनता की दिक्कतें बढ़ सकती हैं। उत्तराखंड में अलकनंदा नदी और मंदाकिनी नदी भी उफान पर हैं। अलकनंदा नदी के उफान पर आने से नदी किनारे स्थित सभी स्नान घाट जलमग्न हो गये हैं। साथ ही नदी किनारे रह रहे लोगों को भी खतरा बन गया है।  केदारनाथ में भी तीन दिन लगातार हो रही बारिश के कारण यात्रा मार्ग पर व्यापार करने वाले व्यापारियों का व्यवसाय चौपट हो गया है। धाम में अब पाचं से एक हजार के बीच ही तीर्थयात्री आ रहे हैं। लगातार बारिश के कारण यात्रा पर बुरा असर देखने को मिल रहा है। व्यापारियों का कहना हैं कि हमेशा यात्रियों से गुलजार रहने वाला केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग यात्रियों के अभाव में वीरान नजर आ रहा है। पैदल मार्ग पर घोड़े-खच्चर नहीं चल रहे हैं। यात्रा में भारी कमी आने से यात्रा मार्ग पर व्यवसाय खासा नुकसान झेलना पड़ रहा है।  जिसके चलते हमारे व्यापारियों ने जो पैदल मार्ग पर दुकानें लगता थे.उन्होंने अपनी दुकाने भी हटा दी हैं। केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग के जंगलचटटी, छानी कैंप, बेस कैंप, लिनचैली में सन्नाटा पसरा हुआ है। 

 जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल का कहना है कि मानसून को देखते हुए प्रशासन स्तर पर तैयारियां पूरी की गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग गौरीकुण्ड-रुद्रप्रयाग में 15 से ज्यादा मशीने तैनात की गई है, जबकि दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में दो माह का राशन भेजा जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में एसडीआरएफ की टीम को भी तैनात किया गया है, जिससे कोई बड़ी घटना होने

प्रशासन की ओर से विभागों को अलर्ट पर रखा गया है। दूरस्थ क्षेत्रों में एसडीआरएफ की टीम को तैनात किया गया है, जिससे कोई भी परेशानी होनी पर शीघ्र पहुंचाई जा सके। 
पिछले कई दिनों से उत्तराखंड में लगातार बारिश हो रही है। बारिश से जगह-जगह भूस्खलन होना भी शुरू हो गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग रुद्रप्रयाग-गौरीकुण्ड पर डेंजर जोन सक्रिय हो चुके हैं। इसके अलावा नदी-नाले और गाड़ गदेरे भी उफान पर आने लगे हैं। बारिश के कारण चमोली जिले और केदारघाटी में लगातार बारिश होने से अलकनंदा व मंदाकिनी नदी का जल स्तर बढ़ गया है, जिससे नदी किनारे नमामि गंगे योजना के तहत नवनिर्मित सभी स्नान एवं अन्य घाट पूर्ण रूप से जलमग्न हो गये हैं। नदी का बहाव इतना तेज है कि घाट के कुछ हिस्सों का कुछ पता ही नहीं है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मद्देनजर उत्तराखंड में अगले 1 हफ्ते तक लगातार मूसलाधार  बारिश हो सकती है। प्रदेश में पिछले 24 घंटों से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। जिससे उत्तराखंड की राजधानी देहरादून समेत प्रदेश के कई जिलों में रहने वाले लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है। लगातार हो रही बारिश से जहां नालियां चोक हो चुकी हैं। वहीं कई स्थानों पर जलभराव की समस्याओं से भी दो-चार लोगों को होना पड़ रहा है



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