सोमवार, 27 सितंबर 2021 | 04:23 IST
समर्थन और विरोध केवल विचारों का होना चाहिये किसी व्यक्ति का नहीं!!
प्रदेश में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिये मुख्यमंत्री नारी सशक्तिकरण योजना का शुभारम्भ किया जाय          विश्व पर्यटन दिवस पर सीएम पुष्कर धामी ने प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं          भाजपा की महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष वानाती श्रीनिवासन ने कहा,पीएम मोदी के कार्यकाल में मातृशक्ति सबसे ज्यादा मजबूत हुई है          सीएम पुष्कर धामी हरिद्वार में ब्रह्मलीन वीतराग सन्त शिरोमणि स्वामी वामदेव जी महाराज की प्रतिमा का किया अनावरण          उत्तराखण्ड में भी होगा वन्दे भारत ट्रेन का संचालन          उत्तराखंड कैबिनेट का बड़ा फैसला,राज्य कर्मियों का महंगाई भत्ता 11 फीसद बढ़ा          चार धाम यात्रा के लिए अब तक 42 हजार तीर्थ यात्रियों ने किया रजिस्ट्रेशन          रक्तदान के लिए हर व्यक्ति को आगे आने की जरूरतः त्रिवेंद्र रावत          उत्तराखंड की चार धाम यात्रा से हटी रोक         
होम | धर्म-अध्यात्म | पुरी यात्रा में कोई भी श्रद्धालु नहीं हो सकेगा शामिल

पुरी यात्रा में कोई भी श्रद्धालु नहीं हो सकेगा शामिल


हर साल उड़ीसा में निकलने वाली पुरी रथ यात्रा का श्रद्धालु बड़ी ही बेसब्री से इंतजार करते हैं। लेकिन पिछले दो साल से कोरोना महामारी के कारण पूरी की रथ यात्रा निकल नहीं पा रही है। इस बार भी श्रद्धालु पुरी रथ यात्रा में शामिल नहीं हो सकेंगे।
पुरी के जिलाधिकारी समर्थ वर्मा ने यहां संवाददाताओं से कहा कि प्रशासन ने अपने फैसले की समीक्षा की है और रथयात्रा का दृश्य घरों व होटलों की छतों से देखने पर भी पाबंदी लगा दी गयी है। उन्होंने कहा कि 12 जुलाई को होने वाले इस उत्सव से एक दिन पहले पुरी शहर में कर्फ्यू लगाया जाएगा जो अगले दिन दोपहर तक प्रभाव में रहेगा।
भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ का यह उत्सव कोविड-19 महामारी के चलते लगातार दूसरे वर्ष बिना श्रद्धालुओं की भागीदारी के मनाया जा रहा है। जिसके कारण उन्होंने शहर के लोगों से टेलीविजन पर इस उत्सव का सीधा प्रसारण देखने की अपील की है। इस फैसले से श्रदलुओ को बड़ा झटका लगा है। 
उड़ीसा में हर साल आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीय तिथि को यानी इस वर्ष 12 जुलाई से शुरू हो रही जगन्नाथ रथ यात्रा का समापन 20 जुलाई को होगा। हिन्दू धर्म में ये बेहद ही पवित्र त्योहार माना जाता है। इसलिए हर साल जगन्नाथ रथ यात्रा का भव्य आयोजन किया जाता है। कहते हैं कि इस यात्रा के माध्यम से भगवान जगन्नाथ साल में एक बार प्रसिध्द गुंडिचा माता के मंदिर में जाते हैं। इस दौरान भगवान को ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा के दिन 108 पानी के घड़ों से स्नान कराया जाता है, और जिस कुंए से पानी निकाला जाता है उस कुंए को दोबारा ढंक दिया जाता है अर्थात् वह कुंआ साल में सिर्फ एक ही बार खोला जाता है। 
इस लिए ये यात्रा बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। लेकिन 
कोरोना के चलते श्रद्धालु  इस बार भी भगवान पुरी के दर्शन बस टीवी पर ही कर सकेंगे।



© 2016 All Rights Reserved.
Follow US On: