रविवार, 17 नवंबर 2019 | 07:14 IST
समर्थन और विरोध केवल विचारों का होना चाहिये किसी व्यक्ति का नहीं!!
स्वर कोकिला लता मंगेशकर की हालत नाजुक, देश भर दुआओं का दौर जारी           महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश, मोदी कैबिनेट ने दी मंजूरी          अयोध्या में ही मस्जिद निर्माण के लिए दी जाएगी जमीन          सुप्रीम कोर्ट ने विवादित जमीन पर रामलला का हक माना          कोर्ट ने कहा कि पुरातत्व विभाग की खोज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता          कोर्ट ने कहा,विवादित जमीन के नीचे एक ढांचा था और यह इस्लामिक ढांचा नहीं था          कोर्ट के फैसले में ASI का हवाला देते हुए कहा गया कि बाबरी मस्जिद का निर्माण किसी खाली जगह पर नहीं किया गया था          अयोध्या पर आया सुप्रीम कोर्ट का फैसला, बनेगा राम मंदिर, मस्जिद के लिए अलग जगह          मोदी सरकार का बड़ा फैसला, दिल्ली की अवैध कॉलोनियां होगी नियमित          पीओके से आए 5300 कश्मीरियों के लिए मोदी सरकार का बड़ा ऐलान, मिलेंगे साढ़े पांच लाख रुपये          केंद्र सरकार ने 48 लाख कर्मचारियों को दिवाली से पहले दिया बड़ा तोहफा, 5 फीसदी बढ़ाया महंगाई भत्ता           देश के सबसे बड़ा सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक पब्लिक प्रॉविडेंट फंड पर सेविंग अकाउंट की तुलना में दे रहा है डबल ब्याज           पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कबूल किया कि उनका देश कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने की कोशिशों में नाकाम रहा          संयुक्‍त राष्‍ट्र ने भी माना,जलवायु परिवर्तन से निपटने में अहम है भारत की भूमिका          महाराष्ट्र, हरियाणा में 21 अक्टूबर को होगा विधानसभा चुनाव, 24 को आएंगे नतीजे          बैंकों और बीमा कंपनियों में लावारिस पड़े हैं 32,000 करोड़ से भी ज्यादा पैसे, नहीं है कोई दावेदार         
होम | साहित्य | वरिष्ठ कवि-पत्रकार सुरेंद्र पुंडीर का निधन

वरिष्ठ कवि-पत्रकार सुरेंद्र पुंडीर का निधन


वरिष्ठ पत्रकार, कवि-साहित्यकार, सेवानिवृत शिक्षक एवं उत्तरांचल प्रेस क्लब के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे सुरेंद्र पुंडीर का सोमवार को सुबह 8 बजे मसूरी में निधन हो गया। वह 64 वर्ष के थे। वह रविवार को देहरादून से मसूरी गांधीजी पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने गए थे और पूर्णतः स्वस्थ थे। सोमवार सुबह अपने मसूरी के लंढौर स्थित घर में हृदयगति रुक जाने से उनका निधन हो गया।

सुरेंद्र पुंडीर मसूरी और देहरादून के साहित्यिक परिवेश के एक जाना पहचाना नाम थे। मसूरी में साहित्यिक संस्था "अलीक" के संस्थापकों में भी वे रहे हैं और उनकी सक्रियता के चलते 1990 के दशक के आखिर तक मसूरी और आस-पास अलीक की मासिक साहित्यिक गोष्ठियां नियमित तौर पर होती रहीं। उनकी कुछ पुस्तकें भी प्रकाशित हुईं। प्रदेश में कहीं ही होने वाले साहित्यिक आयोजनों में उनकी मौजूदगी तकरीबन हमेशा रहती थी। 

एक पत्रकार के तौर पर उन्‍होंने 1986 में मसूरी से एक अखबार से संवाददाता के तौर पर जुड़े और लंबे समय तक सक्रिय रहे। 1994 में जब दून (उत्तरांचल) प्रेस क्लब की स्थापना हुई तो वे उसके संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे। प्रेस क्लब की शुरुआती कार्यकारिणी में मसूरी से वे कार्यकारिणी सदस्य भी रह चुके हैं। उन्होंने जौनपुर ब्लाक स्थित इंटर कॉलेज घोड़ाखुरी में कर डेढ़ दशक तक अध्यापक के तौर पर भी कार्य किया। अभी 3-4 साल पूर्व ही वे वहां से सेवानिवृत हुए। मसूरी के अलावा वे काफी समय से देहरादून में भी रह रहे थे।



© 2016 All Rights Reserved.
Follow US On: