सोमवार, 21 सितंबर 2020 | 02:45 IST
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निर्भया के वकील की नई चाल क्या बचा लेगी दोषियों की जान?


निर्भया के दोषियों को दो बार फांसी की सजा सुनी जा चुकी है। लेकिन दोनों ही बार वो कानूनी तिगड़मबाजी करके बच गये।लेकिन इस बार उनका बच पाना मुश्किल है इसलिये वो हर वो कोशिश कर रहे हैं। जिससे वो बच सकें ऐसा ही नया दांव निर्या के वकील के द्वारा खेला गया है। अक्षय के वकील एपी सिंह के मुताबिक, अक्षय ने 1 फरवरी को राष्ट्रपति को पत्र लिखकर कहा था कि अक्षय की दया याचिका बिना उसके हस्ताक्षर के राष्ट्रपति के समक्ष दाखिल की गई। लिहाजा दया याचिका पर संज्ञान नहीं लिया जाए। अक्षय के वकील एपी सिंह के मुताबिक, राष्ट्रपति भवन में पावती की मुहर के साथ संलग्न पत्र में कहा गया है कि 31 जनवरी को दाखिल दया याचिका पर अक्षय के हस्ताक्षर या अंगूठे के निशान नहीं हैं। न ही याचिका तिहाड़ जेल प्रशासन से प्रमाणित है। साथ ही याचिका दोषी की आर्थिक स्थिति और केस की पूरी जानकारी के बिना जल्दबाजी में दायर हुई थी।

 

तो वहीं वहीं, इस मामले में दिल्ली सरकार ने पटियाला हाउस कोर्ट में याचिका दाखिल करके डेथ वारंट जारी करने की मांग की है। तिहाड़ जेल प्रसाशन ने पटियाला हाउस कोर्ट में अर्जी दाखिल कर चारों दोषियों के खिलाफ फ्रेश डेथ वारंट जारी करने की मांग की है। तिहाड़ जेल प्रसाशन ने अपनी अर्जी में कहा कि अक्षय, मुकेश और विनय की दया याचिका राष्ट्रपति ने खारिज कर दी है। बेहरहाल आज भी दोषियों को फआंसी की सजा नही सुनाई गई। मामल को लेकर जिस तरह से पेंच फंसाए जा रहे हैं। उसे देखकर तो ऐसा लग रहा है कि वो जानबूझकर दोषियों को बचाने की की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन ज्यादा दिन आरोपी जेल में जिंदा नही रह पाएंगे।

 

 



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