रविवार, 23 फ़रवरी 2020 | 02:45 IST
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कब तक बचते रहेंगे निर्भया के दोषी?


यूं तो निर्भया क दोषियों के एक फरवरी को फांसी होनी है लेकिन हालातों के देखते हुए लग नहीं रहा है कि, दोषियों को फांसी हो ही जाएगी। क्योकि दोषियोंकी तरफ से बार-बार कोई न कोई कानूनी पेंच फंसा दिया जा रहा है। अब निर्भया रेप और मर्डर केस में मौत की सजा पाने वाले दोषी मुकेश ने राष्ट्रपति के दया याचिका ठुकराने के खिलाफ दायर याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग की। कोर्ट ने दोषी मुकेश के वकील से कहा कि वह शीर्ष अदालत के सक्षम अधिकारी के समक्ष सोमवार को ही याचिका का उल्लेख करें। दोषी मुकेश की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर किसी को फांसी दी जाने वाली है तो इससे अधिक जरूरी कुछ नहीं हो सकता । तो वहीं निर्भया की मां आशी देवी का दर्द अब फूट पड़ा है। उन्होंने बड़ा बयान देते हुए कहा कि, दोषियों को माफ किए जाने को लेकर उठ रही आवाजों से जुड़े प्रश्न का जवाब देते हुये कहा कि बीते सात वर्ष से वे अपनी बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए लड़ रही है। उन्होंने कहा क्रूरतम अपराध सामूहिक दुष्कर्म के बाद मौत से लड़ती उनकी बेटी की आखिर क्या गलती थी। उन्होंने कहा कि जिंदगी की जंग लड़ती उनकी बेटी को उन्होंने तड़पते-मरते हुए देखा है। ऐसी वेदना से ईश्वर सबको दूर रखें। आशा देवी ने आरोप लगाते हुए कहा कि बीते सात वर्षों में कोई मानव अधिकार का नुमाइंदा उनसे नहीं मिला है। उन्हें तारीख पर तारीख मिल रही है। अब आगामी एक फरवरी को सभी दोषियों को फांसी मिले, इससे निर्भया को इंसाफ मिलेगा। लेकिन जिस तरह से दोषी की तरफ से कानूनी पेंच बाजी करनेकी कोशिस की जा रही है। उस देखकरक तो ऐसा लग रहा है कि एक फरवरी को षायद से ही दोषियोंको फांसी हो।



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