शनिवार, 25 सितंबर 2021 | 09:34 IST
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टोक्यो ओलंपिक में नीरज चोपड़ा ने रचा इतिहास जैवलिन थ्रो में जीता गोल्ड मेडल,राष्ट्रपति और प्रधानमंत्


टोक्यो ओलंपिक 2020 में जैवलिन थ्रो में नीरज चोपड़ा ने इतिहास रच दिया है। नीरज ने जैवलिन थ्रो के फाइनल मुकाबले में गोल्ड मेडल जीता है। जो ओलंपिक एथलेटिक्स में भारत का पहला गोल्ड है। इसी के साथ नीरज चोपड़ा ने एथलेटिक्स में ओलंपिक पदक जीतने का पिछले 100 साल से भी अधिक का इंतजार समाप्त कर दिया।

टोक्यो ओलंपिक में भारत का यह पहला गोल्ड है और कुल सातवां पदक है। नीरज चोपड़ा के गोल्ड जीतने पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंड,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,हरियाण के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर  एवं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उन्हें बधाई दी है। हरियाण के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने नीरज चोपड़ा की जीत पर लड्डू बांटकर जश्न मनाया। उन्होंने नीरज चोपड़ा को 6 कोरड़ रुपये और क्लास-1 की नौकरी देने का ऐलान भी किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीरज चोपड़ा को बधाई देते हुए कहा हैं कि “टोक्यो में इतिहास स्क्रिप्ट किया गया है। नीरज चोपड़ा ने आज जो हासिल किया है उसे हमेशा याद किया जाएगा। युवा नीरज ने असाधारण रूप से अच्छा किया। उन्होंने उल्लेखनीय जुनून के साथ खेला और अतुलनीय कृतज्ञता दिखाई। गोल्ड जीतने के लिए इन्हें बधाई।”

टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड जीतने के बाद नीरज चोपड़ा ने कहा कि आज मुझे कुछ अलग करना था। मुझे पता था कि आज मैं अपना बेस्ट दूंगा,जो मैं किया मैं अपने इस गोल्ड सम्मान को हॉकी के जादूगर मिल्खा सिंह को समर्पित करता हूं।

गृहमंत्री अमित शाह ने नीरज चोपड़ा को बधाई देते हुए कहा कि यह गौरवमयी व ऐतिहासिक क्षण है। ओलंपिक में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने के लिए नीरज चोपड़ा को बहुत-बहुत बधाई। आपने अपने परिश्रम और लगन से देश को जो सम्मान दिलाया है उस पर हर भारतीय को गर्व है। पूरा भारत आपकी इस असाधारण उपलब्धि से आनंदित है।

आपको बता दें कि नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक में शनिवार को भाला फेंक में स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय खेलों में नया इतिहास रचा। नीरज ने अपने दूसरे प्रयास में 87.58 मीटर भाला फेंका जो कि सोने का तमगा हासिल करने के लिए पर्याप्त था। उन्होंने क्वालीफिकेशन में अपने पहले प्रयास में 86.59 मीटर भाला फेंककर शीर्ष पर रहकर फाइनल में जगह बनायी थी। शनिवार को हुए फाइनल में उन्होंने पहले प्रयास में 87.03 मीटर भाला फेंका था और वह शुरू से ही पहले स्थान पर चल रहे थे। तीसरे प्रयास में वह 76.79 मीटर भाला ही फेंक पाए जबकि चौथे प्रयास में फाउल कर गये। अपने छठे प्रयास में 84.24 मीटर भाला फेंका लेकिन इससे पहले उनका स्वर्ण पदक पक्का हो गया था।

हरियाणा के पानीपत जिले के खांद्रा गांव में एक छोटे से किसान के घर पर 24 दिसंबर 1997 को जन्में नीरज ने अपनी पढ़ाई चंडीगढ़ से की,उन्होंने 2016 में पोलैंड में हुए IAAF वर्ल्ड U-20 चैम्पियनशिप में 86.48 मीटर दूर भाला फेंककर गोल्ड जीता था। जिसके बाद उन्हें आर्मी में जूनियर कमिशन्ड ऑफिसर के तौर पर नियुक्ति मिली थी। जिसके बाद उन्होंने अपनी प्रैक्टिस लगातार जारी रखी और उनकी इसी मेहनत का नतीजा है कि ओलंपिक में नीरज चोपड़ा ने भारत को 13 साल बाद गोल्ड मेडल दिला दिया।



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