बुधवार, 23 जून 2021 | 10:34 IST
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कोरोना काल में मीडिया का अहम योगदान


देश में जब इस समय कोरोना संक्रमण अपना कहर बरपा रहा है,और डॉक्टर्स व पैरामेडिकल स्टाफ योद्धाओं की भांति मैदान में डटे हुए हैं,तो वहीं एक तरफ़ संपादक,पत्रकार,अपनी कलम, अपनी आवाज़ के ज़रिए लोगों को जागरूक करने का,उन तक जानकारी पहुंचने का काम करके ये साबित कर रहे हैं कि मीडिया को यूंही लोकतंत्र का चौथा स्तंभ नहीं कहा जाता। प्रिंट,इलेक्ट्रॉनिक व सोशल मीडिया के माध्यम से हमें घर बैठे सही व सटीक जानकारी मिल रही है। वहीं अगर प्रिंट मीडिया की हम बात करें,तो प्रिंट मीडिया को सबसे ज्यादा ज़िम्मेदार और विश्वनीय माध्यम माना जाता है।क्योंकि आज़ादी के दौर से लेकर अब तक प्रिंट मीडिया ने समाज के निर्माण में अहम भूमिका निभाई है।

कोरोना के इस काल में चुनाव भी हमने देखे, परीक्षाएं, त्योहार, मेले, मनोरंजन, शादियां, मातम, मज़दूरों का पलायन,लोगों  की नौकरियां भी गई,और हम लगातार लापरवाही करते रहे, व समाज कोरोना की चपेट में आता चला गया।


लेकिन ऐसे समय में अखबार व पत्र-पत्रिकाएं हम तक सही जानकारियां पहुंचा कर हमारे जीवन में सकारात्मकता बनाए हुए है।


इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर ख़बरें इस तरह से वायरल होती है जैसे जंगल में आग फैलती हों।टेलीविजन ,रेडियो, इंटरनेट से हमें पल -पल की ख़बरें मिलती रहती हैं।हमारे डॉक्टर्स,पैरामेडिकल स्टाफ,पुलिस, जल व बिजली विभाग के कर्मचारी तन मन धन से अपने कार्यों में लगे हुए हैं।


देश में जहां इस वक्त ऑक्सीजन की किल्लत हमने देखी,लोगों को मरते देखा,शमशान घाट में चिताएं जलती देखी, वहीं हमें हर तरह,हर जगह,हर पल की ख़बरें लगातार मिलती रही, क्योंकि हमारे मीडिया कर्मी भी अपनी जान को जोखिम में डाल कर हर कठिन परिस्थिति से ख़बरें हम तक पहुंचा रहे हैं।इसलिए कोरोना काल में हम मीडिया की भूमिका को झुठला नहीं सकते। ये तो हुई मीडिया की बात लेकिन देश में हम सभी की जिम्मेदारी बनती है की हम सभी व्यक्तिगत तौर पर एक दूसरे की मदद करें और सही जानकारियां लोगों तक पहुंचाए।




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