सोमवार, 23 सितंबर 2019 | 09:26 IST
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उत्तराखंड में भी प्लास्टिक कूड़ें से बनेगी घर की ईंट


 उत्तराखंड में बीते कुछ समय से पर्यावरण को सुरक्षित रखने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर प्रदान करने की कोशिश जारी है. इसी कड़ी में चमोली जिले की नगर पालिका ने गोपेश्वर नगर को साफ-सुथरा रखने के लिए एक महिम चलाई है. जिसके तहत स्थानीय नगर पालिका गोपेश्वर से निकलने वाले पर्यावरण के बेहद खतरनाक पॉलिथीन और प्लास्टिक के कचरे से टाइल्स और ईंटें बनाने की योजना है.

आपको बता दें कि इस योजना पर काम शुरु हो चुका है. जिसके लिए नगर पालिका ने गैर पुल के नजदीक संबंधित प्लांट बनाने का काम शुरु कर दिया है.इस योजना को पूरा करने के लिए 20 लाख रुपये खर्च करने की योजना बनाई गई है. साथ ही नगर पालिका गोपेश्वर से निकलने वाले सभी प्लास्टिक कचरे को इकट्ठा करने में लग गई है. बता दें कि नगर पालिका गोपेश्वर से हर रोज 7 टन से भी अधिक जैविक और अजैविक कूड़े निकलता है. जिसमें प्लास्टिक कूड़े की मात्रा बीस क्विंटल है।

>70 प्रतिशत प्लास्टिक लगेगा ईंट निर्माण में
> 500 टन प्लास्टिक कचरे की खपत होगी
> 300 टन तक दबाव झेल सकती है ईंट
> 230 डिग्री से. तापमान में होता है निर्माण
> 100 साल तक सुरक्षित रहेगी प्लास्टिक ईंट

यहां होगा उपयोग

> फुटपाथ बनाने में
> पार्क का पाथ बनाने में
> सड़क निर्माण में भी उपयोग किया जा सकेगा
> पाथ-वे के निर्माण में
> वॉकिंग ट्रैक बनाने में

> प्लास्टिक कचरे से मुक्ति मिलेगी
> पर्यावरण का संरक्षण होगा
> सड़क टिकाऊ होगी, मरम्मत की खर्च बचेगी



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