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मंगलौर और बदरीनाथ उपचुनाव में वोटिंग घटी, बूथों पर ही रोकी 40 पोलिंग पार्टियां


चमोली- उत्तराखंड में दो विधानसभा उपचुनावों में मतदान प्रतिशत गिर गया है। 2022 के विधानसभा चुनाव के मुकाबले इस बार मतदान प्रतिशत काफी कम रहा है। खबर लिखे जाने तक मंगलौर में 68.24 प्रतिशत और बदरीनाथ में 51.43 प्रतिशत मतदान रिकॉर्ड किया गया था।

बुधवार को सुबह आठ बजे से दोनों विधानसभा सीटों पर उपचुनाव शुरू हुआ। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि दोनों विधानसभा में उपचुनाव शांतिपूर्ण रहा है। समय से सभी ईवीएम ने काम शुरू कर दिया था।

खबर लिखे जाने तक मंगलौर विधानसभा उपचुनाव संपन्न हो गया थालेकिन मतदान प्रतिशत के अंतिम आंकड़े आने बाकी हैं। देर शाम तक मंगलौर विधानसभा में करीब 68 प्रतिशत और बदरीनाथ विधानसभा में करीब 51 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। 2022 के विधानसभा चुनाव में मंगलौर में 75.95 प्रतिशत और बदरीनाथ में 65.65 प्रतिशत मतदान हुआ था।

बदरीनाथ हाईवे बंद होने की वजह से बुधवार को मतदान संपन्न होने के बाद 40 पोलिंग पार्टियां स्ट्रांग रूम तक ईवीएम नहीं पहुंचा पाईं। चुनाव आयोग ने इन्हें पोलिंग बूथों पर ही रोक दिया है। पोलिंग पार्टियों को यहां पांच किमी पैदल चलना पड़ेगा। यह आधा हिस्सा जंगल से लगा हुआ है। एसडीएम चंद्रशेखर वशिष्ट ने बताया कि पैदल रास्ते की वजह से उन्हें यहीं रोका गया है। वहींमुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ.बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि सभी पोलिंग पार्टियों को बूथों पर ही सुरक्षित रखा गया है। बृहस्पतिवार की शाम तक सड़क मार्ग से ही सभी पार्टियां गोपेश्वर पहुंच जाएंगी। आपको बता दें कि मतदान के लिए रवानगी के बाद भी पोलिंग पार्टियां यहां फंस गई थीं।

केदारनाथ विधायक शैलारानी रावत के निधन के बाद अब यह विधानसभा सीट रिक्त हो गई है। इस सरकार में तीसरे विधायक की मृत्यु की वजह से सीट खाली हुई है। इससे पहले बागेश्वर विधायक चंदन रामदास के निधन पर रिक्त हुई सीट पर उपचुनाव हुआ था। विधायक सरवत करीम अंसारी के निधन के बाद रिक्त हुई मंगलौर विधानसभा सीट पर बुधवार को मतदान हुआ।

 



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