बृहस्पतिवार, 17 अक्टूबर 2019 | 07:06 IST
समर्थन और विरोध केवल विचारों का होना चाहिये किसी व्यक्ति का नहीं!!
पीओके से आए 5300 कश्मीरियों के लिए मोदी सरकार का बड़ा ऐलान, मिलेंगे साढ़े पांच लाख रुपये          कांग्रेस पार्टी का बड़ा एलान, जम्मू-कश्मीर में नहीं लड़ेंगे BDS चुनाव          केंद्र सरकार ने 48 लाख कर्मचारियों को दिवाली से पहले दिया बड़ा तोहफा, 5 फीसदी बढ़ाया महंगाई भत्ता           देश के सबसे बड़ा सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक पब्लिक प्रॉविडेंट फंड पर सेविंग अकाउंट की तुलना में दे रहा है डबल ब्याज           भारतीय सेना एलओसी पार करने से हिचकेगी नहीं,पाकिस्तान को आर्मी चीफ बिपिन रावत की चेतावनी          पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कबूल किया कि उनका देश कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने की कोशिशों में नाकाम रहा          संयुक्‍त राष्‍ट्र ने भी माना,जलवायु परिवर्तन से निपटने में अहम है भारत की भूमिका          महाराष्ट्र, हरियाणा में 21 अक्टूबर को होगा विधानसभा चुनाव, 24 को आएंगे नतीजे          बैंकों और बीमा कंपनियों में लावारिस पड़े हैं 32,000 करोड़ से भी ज्यादा पैसे, नहीं है कोई दावेदार         
होम | सेहत | कब्ज और एसिडिटी के लिए रामबाण औषधि है काफल

कब्ज और एसिडिटी के लिए रामबाण औषधि है काफल


काफल myrica esculataएक लोकप्रिय पहाड़ी फल है। यह मध्य हिमालयी क्षेत्रों में पाये जाने वाला सदाबहार वृक्ष है. गर्मी के मौसम में काफल के पेड़ पर अति स्वादिष्ट फल लगता है, जो देखने में शहतूत की तरह लगता है लेकिंन यह शहतूत से बहुत अलग है.

 काफल का यह पौधा 1300 मीटर से 2100 मीटर (4000 फीट से 6000 फीट) तक की ऊँचाई वाले क्षेत्रों में पैदा होता है. यह अधिकतर हिमाचल प्रदेश, उतराखंड, उत्तर-पूर्वी राज्य मेघालय, और  नेपाल में पाया जाता है.  इसे बॉक्स मर्टल और बेबेरी भी कहा जाता है। यह स्वाद में खट्टा-मीठा मिश्रण लिए होता है.

कई बेरोजगार लोग दिनभर काफी मेहनत से जंगल से काफल निकालते हैं तथा शहरों में अच्छे दामों में बेचते हैं जिससे उनकी अच्छी आमदनी हो जाती है. गर्मी के मौसम में किसी बस स्टैंड से लेकर प्रमुख बाजारों तक में ग्रामीण काफल बेचते हुए दिखाई देते हैं.

  1. यह जंगली फल एंटी-ऑक्सीडेंट गुणों के कारण हमारे शरीर के लिए फायदेमंद है.

 

  1. इसका फल अत्यधिक रस-युक्त और पाचक होता है. कब्ज और एसिडिटी के लिए रामबाण औषधि है काफल  
  2. फल के ऊपर मोम के प्रकार के पदार्थ की परत होती है जो कि पारगम्य एवं भूरे व काले धब्बों से युक्त होती है. यह मोम मोर्टिल मोम कहलाता है तथा फल को गर्म पानी में उबालकर आसानी से अलग किया जा सकता है.  यह मोम अल्सर की बीमारी में प्रभावी होता है.
  3. इसके अतिरिक्त इसे मोमबत्तियां, साबुन तथा पॉलिश बनाने में उपयोग में लाया जाता है.
  4. इस फल को खाने से पेट के कई प्रकार के विकार दूर होते हैं.
  5. मानसिक बीमारियों समेत कई प्रकार के रोगों के लिए काफल काम आता है.
  6. इसके तने की छाल का सार, अदरक तथा दालचीनी का मिश्रण अस्थमा, डायरिया, बुखार, टाइफाइड, पेचिश तथा फेफड़े ग्रस्त बीमारियों के लिए अत्यधिक उपयोगी है.
  7. इसके पेड़ की छाल का पाउडर जुकाम, आँख की बीमारी तथा सरदर्द में सूँधनी के रूप में प्रयोग में लाया जाता है.
  8. इसके पेड़ की छाल तथा अन्य औषधीय पौधों के मिश्रण से निर्मित काफलड़ी चूर्ण को अदरक के जूस तथा शहद के साथ मिलाकर उपयोग करने से गले की बीमारी, खाँसी तथा अस्थमा जैसे रोगों से मुक्ति मिल जाती है.
  9. दाँत दर्द के लिए छाल तथा कान दर्द के लिए छाल का तेल अत्यधिक उपयोगी है.
  10. काफल के फूल का तेल कान दर्द, डायरिया तथा लकवे की बीमारी में उपयोग में लाया जाता है. इस फल का उपयोग औषधी तथा पेट दर्द निवारक के रूप में होता है.
  11. काफल के फूल का तेल कान दर्द, डायरिया तथा लकवे की बीमारी में उपयोग में लाया जाता है. इस फल का उपयोग औषधी तथा पेट दर्द निवारक के रूप में होता है.


© 2016 All Rights Reserved.
Follow US On: