रविवार, 23 फ़रवरी 2020 | 02:19 IST
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श्रीलंका में फसे उत्तराखंड के 6 युवकों की जल्द वापसी की उम्मदी,विदेश मंत्रालय ने दिया आश्वासन


एक माह के टूरिस्ट वीजा पर श्रीलंका गए उत्तराखंड के छह युवकों को वहां नौकरी करना भारी पड़ गया। वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद श्रीलंका पुलिस ने सभी युवकों को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल सभी युवक जमानत पर रिहा किए गए हैं। युवकों के परिजनों ने भारत सरकार से युवकों की मदद कर उन्हें श्रीलंका से वापस लाने की गुहार लगाई है।

दरअसल साल 2018 में श्रीलंका गए उत्तराखंड के 6 युवा अभी तक वापस नहीं आ पाए। अगर इन युवाओं को वहां पर रोजगार मिल रहा होता तो भी कोई बात थी। लेकिन इन युवाओं को न तो रोजगार मिल पाया और न ही ये लोग वापस आ पाए। ऐसे में इन युवकों की स्थिति बहुत ही दयनीय हो गई है। साल 2018 में इन लोगों ने सोशल मीडिया पर मदद की गुहार लगाई थी। तब से ही इन लोगों को वापस लाने की कोशिशे लगातार जारी है। लेकिन अभी तक कुछ नहीं हो पाया इस संबंध में अब सुरेंद्र उनियाल उर्फ काका बाबा ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की है। जिसके बाद विदेश मंत्री ने हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया है साथ ही कहा हैं कि आज रात तक इस मामले पर श्रीलंका में भारतीय दूतावास से इस बारे में विस्तृत जानकारी ली जाएगी। श्री एस जयशंकर ने आश्वासन दिया हैं कि इस मामले पर भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से हर संभव मदद की जाएगी।

उत्तराखंड के इन 6 युवकों का मामला अभी श्रीलंका की कोर्ट में चल रहा है। लेकिन इस मामले पर पहले भी श्रीलंका स्थित भारतीय दूतावास की ओर से सकारात्म रूख रहा है। जिस वजह से इन 6 लोगों की जमानत हो पाई अब एक बार फिर से विदेश मंत्री के आश्वासन पर सभी की उम्मीदें टिकी हैं।  
आपको बता दें कि टिहरी गढ़वाल के पुरवाल गांव हिंदाव निवासी कुलदीप प्रसाद, सुभाष भट्ट निवासी भटवाड़ी रुद्रप्रयाग, मनोज सिंह निवासी विल लिस्टवाल्टा बंगार रुद्रप्रयाग, राम लाल निवासी सिरवारी बंगार रुद्रप्रयाग, सुंदर सिंह चौहान निवासी घुत्तू भिलंग टिहरी गढ़वाल व सोहन सिंह मेंगवाल निवासी विला गैठाणा बंगार रुद्रप्रयाग नौकरी के लिए श्रीलंका गए थे। उन्हें वहीं होटल में काम करने वाले एक परिचित रमेश धिरवान निवासी जखवाड़ी बंगार रुद्रप्रयाग ने वहां बुलाकर नौकरी का अश्वासन दिया था। जिसने पैसे लेकर उनका एक माह का टूरिस्ट वीजा बनवाया और टिकट भेजकर उन्हें श्रीलंका बुला लिया। बताया जा रहा है कि श्रीलंका पंहुचकर होटल मालिक ने सभी छह युवकों के पासपोर्ट अपने पास रख लिए और होटल में काम करवाने लगा। जब होटल मालिक ने उन्हें सैलरी नहीं दी तो युवकों ने अपना पासपोर्ट वापस मांगा, लेकिन होटल मालिक ने पासपोर्ट देने से भी इन्कार कर दिया।

 

 
 



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