मंगलवार, 16 जुलाई 2019 | 04:00 IST
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इशरत जहां फर्जी एनकाउंटर’ में क्या है मोदी ‘कनेक्शन’?


इशरत जहां फर्जी एंनकाऊटर के आरोपी डीजी वंजारा ने एक खुलासा कर दिया है जिसके बाद  देश की राजनीति में बवाब मच गया है आपको बते दें  फर्जी मुठभेड़ मामले के आरोपी डीजी वंजारा ने एक सनसनीखेज दावा करते हुए कहा है कि जांच अधिकारी आईओ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुप्त रूप से पूछताछ की थी। उस वक्त मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। वंजारा ने सीबीआई स्पेशल कोर्ट में बताया कि उस वक्त के सीएम और मौजूदा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को भी जांच अधिकारी ने पूछताछ के लिए बुलाया था, हालांकि यह बात रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है। वंजारा ने ये भी बताया कि जांच टीम का उद्देश्य था कि मोदी को आरोपी बनाया जाए और इसीलिए चार्जशीट की पूरी कहानी बनायी गई। इस जांच टीम में आईपीएस अधिकारी सतीश शर्मा भी शामिल थे।  वंजारा ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में रिकॉर्ड में जो भी बातें हैं, वो झूठी और गढ़ी गई हैं। वर्तमान आवेदक के खिलाफ अभियोजन पक्ष के पास कोई सबूत नहीं है। आपको बते दें  मुंबई की 19 साल की इशरत जहां, जावेद शेख उर्फ प्राणेश पिल्लई, अमजद अली अकबरअली राणा और जीशान जौहर 15 जून 2004 को अहमदाबाद के बाहरी इलाके में एक कथित मुठभेड़ में मारे गए थे... गुजरात पुलिस ने उस वक्त दावा किया था कि इशरत और उसके तीनों साथी तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने के लिए अहमदाबाद गए थे। हालांकि इस मुठभेड़ को गुजरात हाईकोर्ट के आदेश पर बनाई गई एसआईटी ने फर्जी करार दिया। साथ ही इस मुठभेड़ की जांच के भी आदेश दिए थे। इशरत जहां एनकाउंटर को लेकर खूब बवाल मचा था। उस वक्त यह बवाल इतना बढ़ गया था कि गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री मोदी से इस्तीफे तक की मांग की गई थी। इस कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में सिर्फ डीजी वंजारा ही नहीं बल्कि कई और पुलिसवाले फंसे थे

 



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