शनिवार, 25 सितंबर 2021 | 08:07 IST
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41 साल बाद भारत ने हॉकी में जीता मेडल


टोक्यो मे चल रहे ओलंपिक में भारत को एक और जीत मिली है। ये जीत भारत को हॉकी टीम ने दिलाई है। जिसके बाद भारत को 41 साल हॉकी में नेडल मिला है। टोक्‍यो ओलिंपिक में फील्‍ड हॉकी का ब्रॉन्‍ज मेडल हमारा हुआ। लंबे इंतजार के बाद जब कुछ हासिल होता है तो उसकी खुशी अलग ही होती है। टीम के हर सदस्‍य का चेहरा दमक रहा है... गर्व की लाली उन्‍हें किसी योद्धा सा रूप दे रही है। कुछ को यकीन नहीं हो रहा कि यह सच है या सपना। तस्‍वीरें आ रही हैं, तोक्‍यो में जश्‍न शुरू हो चुका है। यह बस इन खिलाड़‍ियों का जश्‍न भर नहीं है। उनके जोश के पीछे 130 करोड़ से ज्‍यादा भारतीयों की दहाड़ है। भारत को मिली इस शानदार जीत में गोलकीपर पीआर श्रीजेश का अहम योगदान रहा। जर्मनी के खिलाफ मैच में तो पीआर श्रीजेश ने कई शानदार सेव किए ही लेकिन पूरे टूर्नामेंट के दौरान उन्होंने गजब की गोलकीपिंग की। पीआर श्रीजेश के बारे में यह बात बहुत कम लोग जानते हैं कि वह टीम इंडिया के पूर्व कप्तान एम एस धोनी के बहुत बड़े फैन हैं। हमारे पास कई मेडल हैं, लेकिन ओलिंपिक का नहीं, इस सपने के लिए मैंने अपने जीवन में काफी त्याग किए हैं... तोक्यो ओलिंपिक के लिए रवाना होने से पहले ये शब्द थे भारतीय हॉकी के टीम के स्टार गोलकीपर पीआर श्रीजेश के। जब भारतीय हॉकी टीम तोक्यो के लिए रवाना हुई थी तो शायद ही किसी ने सोचा होगा कि मेडल का 41 साल का सूखा इसबार खत्म होगा। आज ये लंबा इंतजार भी पूरा हुआ और श्रीजेश का अधूरा सपना भी। अब जब हॉकी टीम तोक्यो में इतिहास बना चुकी है तो इस सफर के हीरो श्रीजेश के योगदान को याद करना जरूरी भी है और उनके प्रदर्शन के साथ न्याय भी। भारत आज इस जीत का जश्न मना रहा है। आम हो या खास सभी हॉकी टीम को धन्यवाद के साथ बधाई दे रहे हैं।



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