बृहस्पतिवार, 8 दिसम्बर 2022 | 05:53 IST
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पाकिस्तान में ‘गृहयुद्ध’ करा देंगे इमरान ख़ान ?


हमेशा भारत को अपना दुश्मन समझने वाला और आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला पाकिस्तान अब बेहद मुश्किल दौर में पहुंच गया है। सत्ता से हटाए जाने के बाद इमरान खान पूरे बगावत के मूड में हैं और इसके कारण वहां गृह युद्ध जैसे हालात बनते जा रहे हैं। पहली बार है जब आईएसआई चीफ को आरोपों को जवाब देने के लिए जनता के सामने आना पड़ा। इमरान बार बार धमकी दे रहे हैं कि वे आईएसआई की पोल खोल देंगे।

इस बीच इमरान खान के लाहौर से इस्लामाबाद के लिए चल चुके आज़ादी मार्च में जुटी भारी भीड़ ने भी सरकार के माथे पर बल ला दिए हैं। कुछ महीने पहले अपनी कुर्सीं गंवाने के बाद इमरान खान की छटपटाहट बढ़ गई है, इसलिए वे बड़े बड़े खुलासे कर रहे हैं।

'हकीकी आजादी' मार्च के दौरान इमरान ने पाक पीएम शहबाज शरीफ के अलावा सेना और आईएसआई को भी जोरदार निशाने पर रखा। सवाल उठता है कि इमरान के इस 'हकीकी आजादी' मार्च का मकसद क्या है। दरअसल इमरान भले ही अपना मकसद हालांकि पाकिस्तानी आवाम की बेहतरी और पत्रकार अरशद शरीफ के हत्यारों को सजा दिलाना बता रहे हों, लेकिन ये जगजाहिर है कि वो देश में मध्यावधि चुनाव और आर्मी चीफ की नई तैनाती को रोकना चाहते हैं। इमरान के कदम पर सेना भी सख्ती के मूड में आ गई है और इशारों ही इशारों में इमरान को सबक सिखाने के मूड में है। साफ है अभी-अभी बाढ़ की त्रासदी झेल चुका पाकिस्तान अब गृहयुद्ध की तरफ बढ़ रहा है।

इमरान के आरोपों का जवाब देने के लिए पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार आईएसआई चीफ ने प्रेस कांफ्रेंस की थी। उन्होंने इमरान खान पर बड़े आरोप लगाए और कहा कि अपनी कुर्सी बचाने के लिए इमरान खान ने आर्मी चीफ को पद पर बने रहने का ऑफर दिया था।

राजनीतिक जानकार मानते हैं कि इमरान खान सत्ता पाने की लगातार कोशिश में हैं। वो चाहते हैं कि पाकिस्‍तानी पत्रकार अरशद शरीफ की केन्‍या में रहस्‍यमय मौत के बाद पाकिस्तानी आवाम की भावनाओं का इस्‍तेमाल करके आर्मी चीफ जनरल बाजवा और पीएम शहबाज शरीफ की सरकार पर दबाव बनाया जाए। दूसरी ओर सेना भी इमरान खान को करारा जवाब देने के लिए कमर कस चुकी है। इस बीच इमरान ने कई बार भारत की मोदी सरकार की तारीफ करके ये जताने की कोशिश की है कि शाहबाद की सरकार देश को संकट से नहीं निकाल पा रही है, जबकि मोदी हर मोर्चे पर कामयाब हैं।

 

 

 

 



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