रविवार, 23 फ़रवरी 2020 | 02:54 IST
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ये कैसी है बीमारी अकेलापन देता है कई मानसिक बीमारियों को दावत


एक व्यस्त और सफल लड़का, जो अपनी हाजिर-जवाबी और खुशमिजाज अंदाज के कारण काफी पॉपुलर रहा अचानक आत्महत्या कर लेता है। वजह ना कोई साजिश ना हादसा बस उसके दिल को लगी कोई टीस या याद जिसनें सुखद भविष्य के आसमॉ को मौत के गर्त में धकेल दिया। आखिर ऐसी क्या मजबूरी रही होगी जिसकी वजह से एक मिलनसार इंसान को अकेला कर दिया। जी हाँ मनुष्य जहॉ आज की व्यस्त लाइफस्टाइल के चलते अधिक से अधिक लोगों के संपर्क में रहता है। जरूरतमंद जीवनशैली ने इंसान को ओर अधिक सामाजिक तो बना दिया। लेकिन फिर भी देश की 90 में से 75 % जनसंख्या डिप्रेशन यानी की तनाव से ग्रस्त है। एक सामाजिक प्राणी होने के बावजूद समाज ने आखिर किस विचारधारा को अपना लिया कि इस तरह बीमारी की शिकार हो रही है।

अकेलापन एक ऐसी बीमारी है जो हमारी दिनचर्या में जरा से बदलाव से प्रवेश कर जाता है। जिसका हमारी सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ता है। कुछ अबूझ बीमारियाँ अकेलेपन से घिरे लोगों को आसानी से अपना शिकार बना लेती है जैसे कि डिमेंशिया का खतरा- डिमेंशिया यानी कि मनोभ्रंश उन उम्र दराज लोगो में अधिक होती है जिन्हें उनके बच्चे अकेला छोड़ देते हैं। ऐसे में उनकी याद्दाश्त कमजोर पड़ने लगती है। ऐसे में किसी चीज को याद रखने में सक्षम नहीं रहती। धीरे-धीरे अल्जाइमर या फिर डिमेंशिया जैसी गंभीर बीमारियों की गिरफ्त में आने लगते है।

डिप्रेशन – शोध में भी यह बात साफ हो गई है कि अकेलेपन से ग्रस्त व्यक्ति में डिप्रेशन बहुत ज्यादा होता है। जिससे पीडित में आत्मविश्वास की कमी के कारण बिना मतलब गुस्सा और चिड़चिड़ापन दिखने लगता है।

मानसिक रोग का खतरा – कई अध्ययनों में यह बात साफ हो गई है कि बहुत दिनों तक अकेले रहने से कोई भी शख्स सायकोसिस जैसी बीमारी का शिकार हो सकता है।

अनिद्रा की समस्या – ऐसे व्यक्ति को नींद से जुड़ी समस्याओं का सामना भी करना पड़ता है। और नींद पूरी न होने के कारण शरीर के हार्मोंस पर बुरा प्रभाव पड़ता है जिससे उनकी थिंकिंग ग्रोथ पर असर पड़ता है।

जल्दी मरने का खतरा –अकेलेपन के कारण आत्महत्या जैसे सामाजिक अपराध में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में व्यक्ति दूसरों से बिल्कुल अलग रहने लगता है व सिगरेट शराब का आदि हो जाता है।



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