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लीसा फैक्टरी में लगी आग ने लिया भीषण रूप, काबू पाने में लगे तीन घंटे


हल्द्वानी- रामपुर रोड पर बेलबाबा क्षेत्र में मेन हाईवे से 100 मीटर दूर लीसा फैक्टरी में मंगलवार शाम अज्ञात कारणों से आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग बुझाने के दौरान फोम खत्म हो गया और पानी की ऊंची-ऊंची बौछार नाकाफी साबित हुई। छह फायर टेंडर ने किसी तरह आग पर काबू पाया।
रामपुर रोड स्थित बेलबाबा मंदिर के पास उमेश चंद्र डालाकोटी की डालाकोटी पेंट्स एंड केमिकल के नाम से लीसा फैक्टरी है। फैक्ट्री में शाम करीब 5:30 बजे आग लग गई। तब आग बेहद हल्की थी और काम कर रहे मजदूरों ने आग पर काबू करने की कोशिशें शुरू कर दीं। पर ज्वलनशील लीसा कुछ ही मिनट में धधकने लगा। मजूदरों ने पास स्थित खड़िया फैक्टरी में सूचना दी। वहां से 6:20 बजे फायर बिग्रेड को सूचना दी गई। आधे घंटे बाद पहुंचे एक फायर टेंडर ने आग बुझाना शुरू किया।
आग बढ़ने पर हल्द्वानी से दो और फायर टेंडर बुलाए गए। इसके बाद रुद्रपुर से दो और रामनगर से एक फायर टेंडर बुलाए गए। आग बुझाने के लिए फायर टेंडर ने दोबारा पानी भरने के लिए 18 चक्कर लगाए। 500 लीटर फोम के प्रयोग के बाद रात करीब 8:30 बजे आग पर काबू पाया जा सका।
फायर ब्रिगेड कर्मी आग बुझा रहे थे। जैसे ही वह लीसे में लगी आग पर पानी डालते तो वह और भड़क जाती। इसके बाद पानी में फोम मिलाया गया। इस बीच फोम खत्म हो गया। इसके बाद रुद्रपुर, रामनगर और हल्द्वानी से 200 लीटर फोम मंगाया गया। इसके बाद आग पर काबू पाया जा सका।
आग लगने के बाद जब पानी खत्म होने लगा तो अधिकारी फायर हाइड्रेंट की बात करने लगे। इस बीच स्टोन क्रशरों से फायर टेंडर भरकर लाए गए। इससे आग बुझाने में मदद मिली। इधर घटना की सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेई, एसडीएम परितोष वर्मा, एसपी सिटी हरबंस सिंह, तहसीलदार सचिन कुमार, सीओ नितिन लोहनी, सीएफओ गौरव किरार भी पहुंच गए।
आग लगने के दौरान फैक्ट्री में कर्मचारी और मजदूर काम कर रहे थे। एक मजदूर ने बताया कि लीसा गर्म करने के दौरान उसमें आग पकड़ गई। कहा कि उनके मोबाइल भी जल गए। बुमश्किल वह दीवार फांदकर वहां से भागे। बता दें कि लीसा फैक्टरी के आसपास तीन खड़िया फैक्ट्री हैं। साथ ही 50 मीटर की दूरी पर शराब का बड़ा गोदाम है। अगर आग फैलती तो शराब के गोदाम और अन्य फैक्ट्री में आग पकड़ सकती थी।
फैक्टरी में आग लगने के दौरान वहां गैस सिलिंडर मौजूद था। आग पर काबू करने के बीच गैस सिलिंडर को बाहर निकाला गया। गनीमत रही कि गैस सिलिंडर नहीं फटा। वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी गौरव किरार ने बताया कि हमें शाम 6:20 बजे डायल 112 से आग लगने की सूचना मिली थी। इसके बाद फौरन टीम को मौके पर रवाना किया गया और रामनगर व रुद्रपुर से भी फोम टेंडर मंगाए। अग्निकांड में हुए नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। आग कैसे लगी, इसकी जांच कराई जाएगी।

 



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