शुक्रवार, 3 फ़रवरी 2023 | 03:57 IST
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ठंड में ये तीन काम करें, हार्ट अटैक नहीं आएगा


फिटनेस एक्सपर्ट आमतौर पर आपको रोजाना सैर पर जाने और वर्क आउट करने के लिए कहते हैं, लेकिन ठंड के दिनों में उनकी बात मानने से पहले कार्डियोलॉजिस्ट की भी सुन लेना चाहिए। आप ख़बरों में सुन रहे हैं कि लगातार ठंड के दिनों में कार्डिक अरेस्ट के केस बढ़ते जा रहे है। ऐसे में ठंड में फिटनेस के नियम बदल जाते हैं। ऐसा क्यों होता है, समझ लीजिए। दरअसल सोते समय हमारे शरीर की एक्टिविटीज स्लो हो जाती हैं। BP और शुगर का लेवल भी कम होता है, लेकिन उठने से पहले ही शरीर का ऑटोनॉमिक नर्वस सिस्टम उसे सामान्य स्तर पर लाने का काम करता है। यह सिस्टम हर मौसम में काम करता है, लेकिन ठंड के दिनों में इसके लिए दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इससे जिन्हें हार्ट की बीमारी है, उन्हें हार्ट अटैक आने का खतरा बढ़ जाता है।

कॉर्डियोलाजिस्ट का कहना है कि ठंड के मौसम में नसें ज्यादा सिकुड़ती हैं और सख्त बन जाती हैं। ऐसे में जब नसों को एक्टिव करने के लिए एक्सरसाइज करते हैं तो उनके गर्म होने से ब्लड का फ्लो बढ़ जाता है, जिससे ब्लड प्रेशर भी बढ़ जाता है। ब्लड प्रेशर बढ़ने से हार्ट अटैक होने का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों, जिन्हें पहले से ही दिल की बीमारी या BP की समस्या है। इनको दिसंबर से मार्च तक सुबह सैर नहीं करने की सलाह दी जाती है। उनके लिए ज्यादा ठंड जानलेवा हो जाती है।

ज़्यादातर फिटनेस एक्सपर्ट इन महीन बातों को नहीं जानते हैं, इसलिए रोजाना सैर की सलाह दे बैठते हैं।

इसके अलावा अगर आपकी उम्र 60 साल से ज़्यादा है तो ये बातें भी अमल में लाएं। दरअसल दिल का एक काम शरीर में मौजूद रक्त के साथ लिक्विड को पंप करने का भी होता है। जिन्हें दिल की बीमारी होती है, उनके दिल को वैसे भी पंप करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। ऐसे में अगर आप बहुत ज्यादा पानी पी लेंगे तो हार्ट को पम्पिंग में और भी मेहनत करनी पड़ेगी। इससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाएगा। कई लोग सुबह उठकर 2-3 गिलास पानी पीते हैं। हार्ट के मरीज हैं तो किसी भी मौसम में ऐसा नहीं करना चाहिए, ठंड के मौसम में तो बिल्कुल भी न करें। दूसरा दिल के मरीजों और बुजुर्गों को अपने खाने में नमक की मात्रा कम से कम लेनी चाहिए। नमक शरीर में पानी को रोकता है। पानी को रोकने का मतलब यही होगा कि शरीर में दिल को ज्यादा मात्रा में लिक्विड को पंप करना होगा।

तीसरा जिन लोगों को पहले भी हार्ट अटैक आ चुका है, अधिक उम्र है, वे ठंड के दिनों में न तो बिस्तर जल्दी छोड़ें और न ही जल्दी सैर पर जाएं। ठंड की वजह से नसें पहले से ही सिकुड़ी हुई होंगी। जब ठंडे वातावरण के संपर्क में आएंगे तो बाहर की अधिक सर्दी की वजह से शरीर को अपने आप को गर्म बनाए रखने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी। इससे दिल को ज्यादा काम करना पड़ेगा।  तो इन छोटी छोटी सलाहों पर अमल करके आप हार्ट अटैक से बच सकते हैं।



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