शुक्रवार, 19 अप्रैल 2024 | 09:51 IST
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हल्द्वानी हिंसा में अब्दुल मलिक का बेटा मोईद तस्करों की मदद से फरार


हल्द्वानी के वनभूलपुरा हिंसा के मास्टरमाइंड व फरार आरोपी अब्दुल मलिक और उसके बेटे अब्दुल मोईद अभी पुलिस के शिकंजे में नहीं आए हैं। उत्तराखंड से लगी नेपाल की सीमा के चोर रास्तों पर भी पुलिस एवं सुरक्षा बल पैनी नजर रख रहे हैं।
नेपाल में दाखिल होने के कई ऐसे रास्ते हैं जिन्हें तस्कर आदि आपराधिक तत्व आवाजाही के लिए इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में सीमा पर भारत और नेपाल की तरफ सख्ती कर दी गई है। नेपाल सीमा पर पुलिस ने डेरा डाल दिया है।
लुकआउट सर्कुलर जारी होने के बाद भारत और नेपाल की सुरक्षा एजेंसियां भी फरार चल रहे मलिक और उसके बेटे की जानकारी जुटा रही हैं। पहले भी कई आरोपी उत्तराखंड से लगी सीमा से नेपाल भाग चुके हैं।
उत्तराखंड के चंपावत जिले में बनबसा से लेकर पिथौरागढ़ के धारचूला तक सैकड़ों चोर रास्ते धारचूला, झूलाघाट, चम्पावत और बनबसा आदि में ऐसे तमाम रास्ते हैं, जिनका इस्तेमाल तस्कर व आपराधिक तत्व करते हैं।
धारचूला की ओर से नेपाल में प्रवेश करने को आपराधिक तत्व काली नदी को ट्यूब व रस्सी के सहारे भी पार कर लेते हैं। चम्पावत जिले के पंचेश्वर से नेपाल के लिए रास्ता है। टनकपुर के रूपाली घाट से शुरू होने वाली टनकपुर-जौलजीबी सड़क नेपाल बॉर्डर तक पहुंचती है।
इस लंबी सड़क की निगरानी भी आसान नहीं है। ये सड़क काली नदी के किनारे से गुजरती है। इसके अलावा पूर्णागिरि की ओर से भी नेपाल तक पहुंचने का रास्ता है। बॉर्डर पर अतिरिक्त फोर्स तैनात कर दबिश दी जा रही है।
वांटेड मलिक और उसके बेटे मोईद की गिरफ्तारी को पुलिस हर ओर जाल बिछा रही है। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने सड़क, हवाई व जल मार्ग पर मुखबिर तंत्र का जाल बिछा रखा है। आसपास के हर जिले और हर राज्य की पुलिस को दोनों वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सर्कुलर जारी कर अलर्ट किया है।

 



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