सोमवार, 30 मार्च 2020 | 12:19 IST
समर्थन और विरोध केवल विचारों का होना चाहिये किसी व्यक्ति का नहीं!!
कोरोना के चलते लखनऊ में भी लॉकडाउन, 23 मार्च तक सभी दफ्तर बंद          मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ ने अपने पद से इस्तीफा दिया          जनता कर्फ्यू.रविवार को नहीं चलेगी मेट्रो, DMRC ने जारी की एडवायजरी          उत्तराखंड में 65 साल के अधिक और 10 साल से कम आयु वाले बच्चों से 31 मार्च तक घर पर रहने की अपील           कोरोना वायरस: दिल्ली का चिड़ियाघर 31 मार्च तक बंद          विदेशों में 276 भारतीय कोरोना वायरस से संक्रमित          कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते माता वैष्णो देवी की यात्रा आज से बंद          उत्तराखंड सरकार बड़ा फैसला,पदोन्नति में आरक्षण किया खत्म,कर्मचारी लौटे काम पर          भारत में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 131 हुई,उत्तराखंड व्यक्ति में कोरोना की पुष्टि           आईपीएल पर कोरोना वायरस का साया,अब 15 अप्रैल से शुरू होंगे मैच          ज्योतिरादित्य सिंधिया को भाजपा ने मध्यप्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार घोषित किया          भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया           SBI ने बताया यस बैंक को बचाने का प्लान, कहा- पैसा बिल्कुल सेफ          कोरोना वायरस पर बोले पीएम मोदी- अफवाहों से बचें, जो भी करें अपने डॉक्टर की सलाह पर करें          निर्भया के दोषियों के खिलाफ नया डेथ वारंट जारी, 20 मार्च सुबह 5:30 बजे होगी फांसी          कोरोनवायरस के चलते दिल्ली के सभी सरकारी और निजी प्राइमरी स्कूल कक्षा 5 वीं तक 31 मार्च तक बंद           नशीले पदार्थों की तस्करी पर काबू करने की प्रणाली पर सहमति          भारत और अमेरिका के बीच डिफेंस डील पर मुहर, ट्रेड डील के लिए बातचीत पर सहमति          भारत बना रहा है नेवी के लिए नई हाईटेक क्रूज मिसाइल, जद में होगा पाकिस्‍तान          भारतीयों के स्विस खातों, काले धन के बारे में जानकारी देने से वित्त मंत्रालय ने किया इंकार          पीएम की कांग्रेस को खुली चुनौती,अगर साहस है तो ऐलान करें,पाकिस्तान के सभी नागरिकों को देंगे नागरिकता          नागरिकता संशोधन कानून पर जारी विरोध के बीच पीएम मोदी ने लोगों से बांटने वालों से दूर रहने की अपील की है          भारतीय संसद का ऐतिहासिक फैसला,सांसदों ने सर्वसम्मति से लिया फैसला,कैंटीन में मिलने वाली खाद्य सब्सिडी को छोड़ देंगे           60 साल की उम्र में सेवानिवृत्त करने पर फिलहाल सरकार का कोई विचार नहीं- जितेंद्र सिंह          मोदी सरकार का बड़ा फैसला, दिल्ली की अवैध कॉलोनियां होगी नियमित          पीओके से आए 5300 कश्मीरियों के लिए मोदी सरकार का बड़ा ऐलान, मिलेंगे साढ़े पांच लाख रुपये          पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कबूल किया कि उनका देश कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने की कोशिशों में नाकाम रहा          संयुक्‍त राष्‍ट्र ने भी माना,जलवायु परिवर्तन से निपटने में अहम है भारत की भूमिका          बैंकों और बीमा कंपनियों में लावारिस पड़े हैं 32,000 करोड़ से भी ज्यादा पैसे, नहीं है कोई दावेदार         
होम | साहित्य | हिंदी के वरिष्ठ साहित्यकार गंगा प्रसाद विमल नहीं रहे,सड़क दुर्घटना में पुत्री-पोते का भी निधन

हिंदी के वरिष्ठ साहित्यकार गंगा प्रसाद विमल नहीं रहे,सड़क दुर्घटना में पुत्री-पोते का भी निधन


हिंदी के वरिष्ठ लेखक-कवि डॉ.गंगा प्रसाद विमल का श्रीलंका में हुई एक कार दुर्घटना में निधन हो गया है  उनके साथ उनकी पुत्री और नाती का भी निधन हो गया है। उनका पार्थिव शरीर शुक्रवार तक भारत पहुंचने की संभावना है।

गंगा प्रसाद विमल के अकस्मिक निधन से साहित्य जगत में शोक की लहर है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत,राज्यपाल बेबी रानी मौर्य,महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी,मानव संसधान विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक,गढ़वाल सांसद तीरथ सिह रावत,समाजसेवी माता मंगला जी एवं श्री भोले जी महाराज ने शोक व्यक्त किया ।

गंगा प्रसाद विमल का जन्म 3 जून 1939 में उत्तरकाशी में हुआ था। गंगा प्रसाद विमल के चार उपन्यास, पाँच कविता-संग्रह, ग्यारह कहानी संग्रह प्रकाशित हो चुके है। गंगाप्रसाद विमल ने अनेक विश्वप्रसिद्ध कृतियों का हिन्दी में अनुवाद किया है। ‘आधुनिकता : साहित्य के संदर्भ में’ तथा ‘समकालीन कहानी का रचना-विधान’ आदि कुछेक गद्य रचनाओं के अतिरिक्त अज्ञेय, मुक्तिबोध तथा आधुनिक कहानी संबंधी उनकी उल्लेखनीय संपादित कृतियाँ हैं।

गंगाप्रसाद विमल की अनेक कृतियों के विश्व की अनेक भाषाओं में अनुवाद हुए हैं। अंतर्राष्ट्रीय लेखक सम्मेलनों में कई बार उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया और अनेक विदेशी विश्वविद्यालयों में हिंदी और भारतीय साहित्य पर व्याख्यान दिए। सन् 1994 में ब्रिटेन के विश्वविद्यालयों और कविता-केंद्रों में अतिथि कवि के रूप में आमंत्रित किए गए।

गंगाप्रसाद विमल को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए हैं।

एक चौथाई शताब्दी दिल्ली विश्वविद्यालय से जुड़े संस्थान में काम करने के उपरांत वे कुछ बरस केंद्रीय हिंदी निदेशालय के निदेशक-पद पर कार्य करते रहे।

उनकी प्रमुख कृतियाँ  हैं।

कविता संग्रह: विज्जप (1967), बोधि बृक्ष (1983), इतना कुछ (1990), तलिस्मा (काव्य एवं कथा) 1990, सन्नाटे से मुठभेड़ (1994), मैं वहाँ हूँ (1996), अलिखित-अदिखत (2004), कुछ तो है (2006),

कहानी संग्रह: कोई शुरुआत (1972), अतीत में कुछ (1973), इधर उधर (1980), बाहर न भीतर (1981), चर्चित कहानियाँ (1983), खोई हुई थाती (1994), चर्चित कहानियाँ (1994), समग्र कहानियाँ (2004),

उपन्यास: अपने से अलग (1969), कहीं कुछ और (1971), मरीचिका (1978), मृगांतक (1978)

लेख: अनेकों लेख तमाम पत्रिकाओं में प्रकाशित.

संपादित पुस्तकें: अभिव्यक्ति (1964), अज्ञेय का रचना संसार (1966), मुक्तिबोध का रचना संसार (1966), लावा (1974), आधुनिक हिंदी कहानी (1978), क्रांतिकारी समूहगान (1979), नागरी लिपि की वैज्ञानिकता (नागरी लिपि परिषद नई दिल्ली), वाक्य विचार (2002).

अंग्रेज़ी अनुवाद: हेयर एण्ड देयर एण्ड अदर स्टोरीज़ (1978), मिरेज़ (उपन्यास) 1983, तलिस्माँ (काव्य संग्रह) 1987, हू लीव्स व्हेयर एण्ड अदर पोएम्स (2004).

हिन्दी अनुवाद: गद्य-समकालीन कहानी का रचना विधान (1968), प्रेम चंद (1968), आधुनिक साहित्य के संदर्भ में (1978).
अन्य भाषाओं से अनुवाद: दूरंत यात्रायें (एलिजाबेथ बाग्रयाना) 1978, पितृ भूमिस्च (हृस्तो वोतेव) 1978, दव के तले ( ईवान वाज़ोव का उपन्यास) 1978, प्रसांतक (विसिलिसी वित्सातिस की कविताएँ) 1979, हरा तोता(मिको ताकेयामा का उपन्यास) 1979, जन्म भूमि तथा अन्य कविताएँ (एन. वाप्तसरोव की कविताएँ) 1979, ल्यूबोमीर की कविताएँ (1982), लाचेज़ार एलेनकोव की कविताएँ (1983), उद्गम (कामेन काल्चेव का उपन्यास) 1981, बोज़ीदोर बोझिलोव की कविताएँ (1984), स्टोरी ऑफ़ योदान योवज्कोव (1984), पोएम्स ऑफ़ योदान मिलेव (1995), तमामरात आग (1996), मार्ग (पोएम्स ऑफ़ जर्मन दूगन ब्रूड्स)2004.

 



© 2016 All Rights Reserved.
Follow US On: