रविवार, 21 जुलाई 2019 | 08:50 IST
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प्रयाग के माघ मेले में पौष पूर्णिमा पर गंगा स्नान, देखिये जरा ?


भारत देश में आस्थाओं के साथ-साथ विज्ञान के तथ्यों के साथ जुड़ा हुआ है। वही दूसरी ओर देश में हर महिने कोई न कोई त्यौहार, पर्व, मेला, स्नान श्रद्धा से किया जाता है। साथ ही इलाहाबाद में संगम तट पर लगने वाले दुनिया के सबसे बड़े सालाना धार्मिक मेले "माघ मेले" की शुरुआत आज पौष पूर्णिमा के स्नान पर्व के साथ हो गई है।

साथ ही इस मौके पर संगम में आस्था की डुबकी लगाने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ नजर आई।

एक तरफ कड़ाके की सर्दी के बाद भी इलाहाबद के संगम तट पर श्रद्धालुओं का सैलाब नजर आया। साथ ही इस में माघ मेले के पहले स्नान पर्व पौष पूर्णिमा पर आज शाम तक तकरीबन बीस लाख श्रद्धालु त्रिवेणी की धारा में आस्था की डुबकी लगाई।

मेले के लिए सुविधाओं में संगम की रेती पर अलग से तम्बु लगाये गये और सुरक्षा के लिए इंतज़ाम भी किये।

आपको बता दे कि प्रयाग के माघ मेले में पौष पूर्णिमा पर गंगा स्नान के लिए सभी तैंतीस करोड़ देवी-देवता भी अदृश्य रूप में यहाँ पर आते हैं, इसीलिये देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु गंगा यमुना और अदृश्य सरस्वती की पावन धारा में डुबकी लगाकर दान-उपासना दूसरे संस्कारों के जरिये पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं।

पौष पूर्णिमा के साथ ही संगम पर लगने वाला एक महीने का कल्पवास भी आज से ही शुरू हो गया है। पांच लाख से ज्यादा श्रद्धालु आज से एक महीने तक मेले में गंगा किनारे संयमित जीवन बिताकर पूजा-आराधना करेंगे।

मान्यताओं के मुताबिक़, संगम पर कल्पवास करने वालों को न सिर्फ अपार पुण्य हासिल होता है, बल्कि उन्हें जीवन-मरण के बंधन से मुक्ति मिल जाती है और मोक्ष प्राप्त होता है।

दुनिया के इस सबसे बड़े सालाना धार्मि‍क आयोजन में एक महीने तक कई शंकराचार्यों समेत देश भर के साधू-संत यहाँ भक्ति-ज्ञान और आध्यात्म की गंगा बहाएंगे तो साथ ही छह प्रमुख स्नान पर्वों पर पांच करोड़ से ज़्यादा श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने के लिए आएंगे।

आपको बता दे कि यह मेला आज से शुरू हुआ ये माघ मेला महाशिवरात्रि तक चलेगा।



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