मंगलवार, 16 जुलाई 2019 | 04:04 IST
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गैरसैण आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग को लेकर प्रदर्शन


गैरसैण राजधानी के लिए संघर्षरत आंदोलनकारियों पर दर्ज मुक़दमे वापस लेने और उन्हें जेल से बिना शर्त रिहा करने की मांग को लेकर रुद्रप्रयाग शहर में स्थायी राजधानी गैरसैण संघर्ष समिति ने जुलूस-प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शकारियों ने सरकार का भी पुतला फूंका और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर आन्दोलन कारियों की रिहाई की मांग की। 

गैरसैण राजधानी की मांग को आंदोलनरत लोगों पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजने के खिलाफ लोगों में गुस्सा है। आंदोलनकारियों के समर्थन और सरकार की दमनकारी नीति का विरोध करते हुए रुद्रप्रयाग शहर में संघर्ष समिति ने जुलूस निकाला और मुख्य चौराहे पर सरकार का पुतला फूंका। 

 

इस मौके पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए प्रदर्शनकारियों  ने कहा कि सरकार आंदोलनकारियों का उत्पीड़न कर रही है। उन्हें सिर्फ इस बात की सजा दी जा रही है कि उन्होंने गैरसैण राजधानी के लिए आंदोलन किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने जल्द आंदोलनकारियों के खिलाफ फर्जी मुकदमे वापस नहीं लिए तो प्रदेश व्यापी आन्दोपन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक विधायक ने उत्तराखंड को भद्दी-भद्दी गाली दी, सरकार उसके खिलाफ कार्यवाही नहीं कर रही। जबकि उसकी विधानसभा सदस्यता खत्म होनी चाहिए थी। इसके उलट आंदोलनकारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजधानी आन्दोलन को धार देने के लिए अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का काम किया जाएगा। 

 उत्तराखंड राज्य लंबे संघर्ष के बाद मिला है। आंदोलन के कोख से जन्मा यह राज्य आज चौराहे पर खड़ा है। 'नशा नहीं रोजगार दो' के नारे के साथ राज्य की लड़ाई लड़ी गई और आज शराब की फैक्टरी पहाड़ों में खोली जा रही है। महाविद्यालयों में शिक्षक-पुस्तक आंदोलन चल रहे हैं, लेकिन सरकार के कानों में जूं तक नहीं रेंग रहा। उन्होंने कहा कि पहाड़ की समस्याओं का समाधान गैरसैण राजधानी से ही निकलेगा।



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