रविवार, 7 जून 2020 | 12:30 IST
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हरिद्वार वन विभाग के पास सीमित संसाधन होने के कारण नहीं लग पा रही जंगली जानवरों पर लगाम


हरिद्वार में गुलदार और जंगली हाथियों पर लगाम लगाने में नाकाम वन विभाग अब सक्रीय हो गया है। इसी का नतीजा रहा कि हरिद्वार वन प्रभाग कार्यालय के सभागार में डीएफओ आकाश कुमार ने एक प्रेस वार्ता में स्वीकार किया कि वन विभाग के पास सीमित संसाधन है। यही कारण है कि वो आबादी क्षेत्र में घुसने वाले गुलदार और हाथियों पर लगाम लगाने में नाकाम साबित हो रहे है।

आपको बता दें कि कुछ दिन पहले ही हरिद्वार के दो गाँवों में हाथियों ने एक बुजुर्ग और एक महिला को पटक-पटक कर मौत के घाट उतार दिया था। इससे पहले भी बीएचईएल से सटे जंगल में गुलदार ने एक व्यक्ति को निवाला बना लिया। इसी के साथ गुलदार और हाथी लगातार हरिद्वार के आबादी वाले इलाकों में घुस रहे है।

लेकिन हरिद्वार के डीएफओ दावा कर रहे है कि सीमित संसाधनों के बावजूद उनके द्वारा जंगली जानवरों को रोकने की पूरी कोशिश की जा रही है। बीएचईएल से सटे इलाको में गुलदार को रोकने के लिए पांच पिजंरे लगा दिए गए है। बीएचईएल प्रबंधन से भी अनुरोध किया गया हैं कि गुलदार प्रभावित इलाकों में झाड़ियों को काटने, लाइट की व्यवस्था आस-पास फैले अपशिष्टों को हटवाने और लोगों को इन इलाकों में न जाने का काम जल्द से जल्द किया जाए। वहीं उन्होंने हाथियों को रोकने के लिए भी गश्त बढ़ाने और फेंसिंग की सीमा बढ़ाने की बात कही। उन्होंने ये भी स्वीकार किया है कि हाथियों को रोकने के लिए उनके पास पर्याप्त कर्मी नहीं है। हाथियों की निगरानी करने वाले कर्मियों की संख्या 60 प्रतिशत से भी कम है। वहीं उन्होंने ये भी बताया कि उनके पास 97 के सापेक्ष में 61 वनकर्मि ही है जिनसे वो काम ले रहे है। इस सम्बंध में उनके द्वारा शासन को पत्र भी लिखा का चुका है। ताकि जल्द से जल्द से जल्द लोगों को इन जंगली जानवरों से सुरक्षित रखा जाए।

 

 



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