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जोशीमठ में आपदा के बीच भूकंप के झटके, नेपाल बॉर्डर था केन्द्र


उत्तराखंड में जोशीमठ आपदा के बीच मंगलवार को भूकंप से धरती डोल गई। गढ़वाल और कुमाऊं में दोपहर करीब 2:29 मिनट पर कई हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र नेपाल बताया जा रहा है। वहीं, पिथौरागढ़ आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 5.8 मैग्नीट्यूड मापी गई है। चमोली जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी ने बताया कि भूकंप के हल्के झटके महसूस हुए हैं। कहीं से नुकसान की कोई सूचना नहीं है।

जानकारी के अनुसार, चमोली, देहरादून, श्रीनगर गढ़वाल, चंपावत, पंतनगर, भीमताल, बागेश्वर, हल्द्वानी, रुद्रपुर, पहाड़पानी और नैनीताल में भूकंप के तेज झटके महसूस हुए। भूकंप महसूस होते ही लोग घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। पिथौरागढ़ जिले में इससे पूर्व रविवार को भी भूकंप आया था। जिसका केंद्र बिंदु पिथौरागढ़ जनपद था। 

वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी के भूकंप विज्ञानियों की मानें तो उत्तराखंड भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। उत्तराखंड का ज्यादातर इलाका भूकंप के लिहाज से जोन चार और पांच में हैं। इसलिए बार-बार भूकंप की घटनाएं देखने को मिल रही हैं।

 भूकंप से नेपाल के सुदूर पश्चिम जिला प्रदेश नंबर-7 के बाजुरा और बझांग जिलों में मकानों को नुकसान पहुंचा है। एक मंदिर को भी क्षति पहुंची है। गांवपालिका-2 में जंगल में घास काट रही जमुना रोकाया (35) की सिर पर पत्थर लगने से मौत हो गई।
भूकंप मापक केंद्र के राजेश शर्मा के अनुसार भूकंप का केंद्र नेपाल के बाजुरा जिले के मैला में था। भूकंप से बाजुरा जिले के बडिमालिका वार्ड नंबर सात में एक मकान पूरी तरह ढह गया। बाजुरा के डीएसपी सूर्य थापा ने बताया कि भूकंप से जनहानि की सूचना अब तक नहीं मिली है।
बझांग जिले के सदर मुकाम चैनपुर में कृषि ज्ञान केंद्र, सशस्त्र प्रहरी बल भवन और चैनपुर बाजार में मंदिर को भारी नुकसान हुआ है। इन जिलों में अन्य मकानों के भी क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। नेपाल प्रशासन नुकसान का जायजा ले रहा है।

 

 

 



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