रविवार, 27 सितंबर 2020 | 08:57 IST
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दिल्ली को दंगों की आग में किसने सोच-समझकर झोंका?


दिल्ली में दंगे फिलहाल शातं हैं लेकिन हिंसा का आग में जली चीख-चीख कर गवाही दे रही है कि किस तरह से उसे आग में सोच-समझकर साजिश के तह झोंका गया है। हिंसा में मारे जाने वालों की संख्या 39 हो चुकी है और 200 से भी अधिक लोग घायल हैं। मरने वालों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। कहीं नालों से शव बरामद हो रहे हैं, तो कहीं जले हुए घर और गाड़ियों से लाशें मिल रही हैं। इतनी तबाही मचाने के लिए दंगाइयों ने एक नहीं, बल्कि कई तरह के हथियारों का इस्तेमाल किया। आइए सबके बारे में जानते हैं। दिल्ली के शिव विहार इलाके में मिली ये गुलेल एक रिक्शे पर लोहे के एंगल को वेल्डिंग कर के बनाई गई थी। जिस तरह छोटी गुलेल से मामूली गिट्टियां चलाई जाती हैं, ठीक वैसे ही इस बड़ी गुलेल से पेट्रोल बम की बोतलें, बड़े-बड़े पत्थर या और भी चीजें फेंकी जा सकती हैं। यानी किसी भारी चीज को दूर तक फेंकने के लिए ये गुलेल बनाई गई, वो भी रिक्शे के ऊपर। यानी मोबाइल गुलेल, जिसे जहां चाहे, वहां ले जाया जा सके और घटना को अंजाम दिया जा सके। ऐसा नहीं है कि दंगाइयों के पास सिर्फ बड़ी गुलेल ही थी, उनकी पास छोटी गुलेल भी थी। ये छोटी गुलेल किसी पर सटीक निशाना लगाकर उस पर जानलेवा हमला करने के लिए इस्तेमाल की गई होंगी। इनके हथियार साफ होता है कि दंगाई पूरी तैयारी से आए थे। किसी के ऊपर एसिड गिर जाए, ये बात तो सोचकर भी रूह कांप जाती है। दिल्ली हिंसा के दंगाइयों ने एसिड को भी अपने हथियार की तरह इस्तेमाल किया।जिस तरह से हथियार और चीजे दंगो के बाद देखने को मिल रही हैं। उसे देखकर साफ लगा रहा ह कि ये सब साजिश के तहत हुआ है। अब दंगों के पीछे असली चेहरा कौन हैं ये तो पुलिस जांच के बाद ही बताएगी। लेकिन दिल्ली के दंगों ने सब जलाकर खाक कर दिया है। और कई घरों से उनके चिराग छिन लिए हैं।

 



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