रविवार, 27 सितंबर 2020 | 08:09 IST
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दिल्ली में बढ़ते मौतों के आंकड़ों का कौन जिम्मेदार?


दिल्ली में हुई हिंसा ने इंसानियात को तो शर्मसार किया ही है। इसके साथ ही कई परिवारों के उनकी खुशियां छीन ली हैं। अभी तक के सरकारी आंकड़ों की बात करें तो अब तक दिल्ली हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 20 हो गई हैं। नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन करने वाले और विरोध करने वालों के बीच रविवार को भड़की हिंसा मंगलवार को भी जारी रही। नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के जाफराबाद, मौजपुर आदि इलाकों में जारी हिंसा में करीब 250 से अधिक लोग घायल हो गए हैं, इनमें 56 पुलिस के जवान भी शामिल हैं। दिल्ली में रविवार, सोमवार और मंगलवार तीनों दिन हिंसा की खबरें आती रहीं। उत्तर पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद, मौजपुर, ब्रह्मपुरी, बाबरपुर इलाकों में न सिर्फ आगजनी और हिंसा हुई, बल्कि लूटपाट भी की गई। हिंसा की खबरों को देखते हुए उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने का आदेश जारी किया गया है। आज सुबह भी दिल्ली के गोकुलपुरी इलाके में हिंसक प्रदर्शन हुआ, यहां पर कुछ उपद्रवियों ने एक दुकान में आग लगा दी. हिंसा के माहौल के बीच अरविंद केजरीवाल ने अपील की है कि दिल्ली में हिंसा प्रभावित इलाकों में सेना की तैनाती होनी चाहिए। लेकिन खबर है की गृह मंत्रालय ने सेना को तैनात करने से इंकार किया है। इसके अलावा, अमित शाह ने फिर से बैठक बुलाई है। दिल्ली के हालातों को कंट्रोंल करने की पूरी कोशिस की जा रही है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल खुद पूरे मामले पर नजर बनाये हुए हैं।

 

 



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