सोमवार, 30 मार्च 2020 | 12:41 IST
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दिल्ली के दंगों में उत्तराखंड के थलीसैंण के रहने वाले दिलबर सिंह की मौत


दिल्ली के हिंसा प्रभावित उत्तर-पूर्व दिल्ली में कड़ी सुरक्षा तैनात करने के बाद केंद्र सरकार लोगों के बीच भरोसा बहाली का भी काम कर रही है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के बाद अब नवनियुक्त स्पेशल पुलिस कमिश्नर एस एन श्रीवास्तव भी हिंसा प्रभावित राजधानी दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके में सड़कों पर उतरकर आम लोगों की समस्याएं व शिकायतें सुनते नजर आए। श्रीवास्तव गुरुवार को खजूरी खास में आम लोगों से मिले। इस दौरान महिलाएं, युवाओं, बुजुर्गों सभी ने अपनी आपबीती उनके सामने रखी।

इस बीच उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगों में अब तक 34 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। इस हिंसा के बाद देश के हर राज्य से लोगों अपनों को खोजने के लिए दिल्ली का रूख कर रहे है। क्योंकि उनके जो अपने देश की राजधानी दिल्ली शहर में रोजी-रोटी के तलाश में आए थे। उनका अभी तक कोई पता नहीं चल पा रहा है। इनमें से कई लोगों को दंगाइयों ने मौत के घाट उतार दिया। जिनमें उत्तराखंड के रहने वाले दिलबर सिंह भी शामिल है। जो दिल्ली के शाहदरा में रहते थे।

मूल रूप से उत्तराखंड के पौड़ी जिले के थलीसैण ब्लॉक के रहने वाले दिलबर सिंह को 23 फ़रवरी की शाम दंगाइयों ने बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया था। जिनकी बॉडी अभी दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में है। दिलबर सिंह के साथी श्याम सिंह से हिमालयन न्यूज से बताया कि 23 फ़रवरी की शाम कुछ दंगाई शाहदरा इलाके में शोर मचाते हुए आए। उस दौरान वह पर अफरा-तफरी मच गई। इसी दौरान दंगाइयों ने दिलबर सिंह पर हमला कर दिया और उसे पास की दुकान में लगी आग में झोंक दिया। जिसके बाद दहशत में लोग अपनी जान बचाकर भागे। लेकिन दिलबर सिंह खुद को इन दंगाइयों से नहीं बचा पाए और उनकी मौत हो गई।

इस घटना के बाद प्रवासी उत्तराखंडियों में रोश है। उन्होंने जल्द से जल्द दिलबर सिंह के हत्यारों को पकड़ने की मांग की है। दिलबर सिंह के परिवार के लोग दिलबर सिंह की हत्या की खबर सुन कर सदमे है। उनके परिजनों ने सरकार से मांग की हैं कि इस घटना में जो भी लोग शामिल हैं। उनके खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई की जाए।



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