शुक्रवार, 10 जुलाई 2020 | 12:23 IST
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दिल्ली वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच हुए टकराव के चलते,ट्रैफिक अस्त-व्यस्त


तीस हज़ारी कोर्ट में 3 नवबर को वकीलों और पुलिस की झड़प का विवाद थमता नज़र नहीं आ रहा है। आज दिल्ली पुलिस वर्दी में सड़कों पर उतर कर विरोध प्रदर्शन कर रही है। आईटीओ स्थित दिल्ली पुलिस हेडक्वार्टर के बाहर प्रदर्शन कर रहे पुलिसकर्मियों ने 'हमें न्याय चाहिए' के नारे लगाए और कहा कि हमें असुरक्षा का एहसास हो रहा है। प्रदर्शन कर रहे पुलिसकर्मियों से दिल्ली पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक ने मुलाकात की,इस दौरान पुलिस कमिश्नर ने पुलिसकर्मियों से कहा, 'आप सभी शांति बनाए रखें। सरकार और जनता को हमसे उम्मीदें है. हमारे लिए परीक्षा, अपेक्षा और प्रतीक्षा की घड़ी है। आप सभी ड्यूटी पर वापस जाए। इस मसले पर न्यायिक जांच चल रही है। हमें अनुशासन बनाए रखना है। पहले से हालात बेहतर हो रहे हैं।

दिल्ली पुलिस के जॉइंट कमिश्नर देवेश श्रीवास्तव ने कहा कि आप सभी की मांगें मान ली जाएंगी। साकेत और तीस हजारी कोर्ट मामले में संबंधित आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। प्रदर्शन में जितने भी कर्मचारी शामिल थे। उनके खिलाफ कोई विभागीय कार्रवाई नहीं की जाएगी।

इस बीच, साकेत कोर्ट में मारपीट के मामले में पुलिसकर्मियों के बयान के आधार पर 2 एफआईआर दर्ज की गई हैं। उधर, बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने प्रदर्शन कर रहे वकीलों से काम पर वापस लौटने की अपील की है। बार काउंसिल ने कहा कि गुंडागर्दी करने वाले वकीलों की पहचान की जाए। तीस हजारी कोर्ट में 2 नवंबर को और 4 नवंबर को साकेत कोर्ट और कड़कड़डूमा कोर्ट में पुलिस और वकीलों के बीच झड़प हुई थी। इसमें करीब 20 पुलिसकर्मी और कुछ वकील घायल हुए थे।

पुलिस कमिश्नर पटनायक ने कहा, "दिल्ली पुलिस हमेशा से चुनौतियां देखती आई है। हम हर परिस्थिति को हैंडल करते हैं। हम कानून के रखवाले हैं और इस व्यवस्था को संभालने की जिम्मेदारी हमारी है। न्यायिक जांच हो रही है, इसलिए उम्मीद करता हूं कि साकेत कोर्ट और अन्य जगहों पर जो भी घटनाएं हुई हैं, इन्हें हम देखेंगे। न्यायिक जांच में भी कुछ निष्कर्ष निकलेगा। इसलिए धैर्य रखें और ड्यूटी पर वापस जाएं।"

बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि वकील अपना प्रदर्शन छोड़कर काम पर वापस लौटें। इस तरह के प्रदर्शन से संस्थान का नाम खराब हो रहा है। संस्थान की छवि को दागदार करने वालों को हटाया जाए। यह बार काउंसिलों की सहनशीलता और अकर्मण्यता है, जो इस तरह के वकीलों को बढ़ावा दे रही है। पुलिसवालों से मारपीट जैसी घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और हम इसे सहन नहीं करेंगे।

आपको बता दें कि तीस हजारी कोर्ट के पार्किंग एरिया में पुलिस वैन और वकील की गाड़ी की टक्कर के बाद विवाद शुरू हुआ था। वकीलों ने हवालात में घुसने की कोशिश की थी। इसके बाद हिंसक झड़प हुई और दो वकीलों को गोली लगी थी। 20 पुलिसकर्मी भी जख्मी हो गए थे। दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले की न्यायिक जांच, दोषी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड और घायलों के बयान दर्ज करने के निर्देश पुलिस कमिश्नर को दिए थे। 

 

 



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