शुक्रवार, 3 फ़रवरी 2023 | 03:36 IST
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दिल्ली में दस साल बाद फिर निर्भया जैसा कांड, कार सवारों ने लड़की को घसीटकर मार डाला


दिल्ली में दस साल पहले निर्भया कांड हुआ था। निर्भया की रेप के बाद वीभत्स हत्या से लोगों की रूह कांप गई थी। कुछ ऐसा ही केस एक बार फिर दिल्ली में ही आया है। इस बार 31 दिसंबर की रात एक लड़की को बलेनो कार में 12 किलोमीटर तक घसीटा गया। उसके बाद उसका बुरी तरह कुचला हुआ शव मिला, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस इसे महज हादसा बता रही है, जबकि घरवाले इसे रेप के बाद हत्या करार दे रहे हैं।

इस घटना को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी लगातार दिल्ली पुलिस और एलजी से जवाब मांग रही है। आइये तफसील से समझते हैं पूरा मामला क्या है। 31 दिसंबर और एक जनवरी की दरमियानी रात। यह वही रात थी, जब ज्यादातर लोग नए साल का जश्न मना रहे थे। एक-दूसरे को बधाइयां दे रहे थे। तभी दिल्ली के कंझावाला में तड़के तीन बजे के आसपास कुछ ऐसा हुआ, जिसे पढ़कर जश्न की सारी खुशी निकल जाए और मुंह से बरबस निकल पड़े कि ईश्वर! ये क्या हुआ...। जिसने भी इस घटना को जाना, उसकी रूह कांप गई। सिर शर्म से झुक गया।

रोंगटे खड़े कर देने वाली यह घटना अमन विहार में रहने वाली उस लड़की से जुड़ी है, जिस पर अपने पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी। वह दो छोटे भाइयों के बेहतर कल और उस मां के लिए नौकरी कर रही थी, जिसकी दोनों किडनियां फेल हो चुकी हैं। चूंकि वह इवेंट मैनेजमेंट का काम देखती थी तो देर रात घर लौटती थी। जब वह घर नहीं पहुंची तो परिवार ने अगले दिन सुबह आठ बजे पुलिस को बताया। इसके बाद जो खुलासे हुए, उससे पुलिस भी दहल गई। मां बेसुध हो गई। परिवार टूट गया।

दरअसल, 31 दिसंबर की रात पांच युवकों में जमकर शराब पी। मुरथल से लौटकर वे मंगोलपुरी से रोहिणी जा रहे थे। बलेनो कार की रफ्तार तेज थी। अंदर तेज आवाज में गाने चला रहे थे। सुल्तानपुरी में उनकी कार से किसी के टकराने की आवाज आई। वे सभी नशे में इतने धुत थे कि ध्यान ही नहीं दिया। एक संकरे रास्ते पर वे टू व्हीलर पर सवार होकर आ रही युवती को कुचल चुके थे। युवती कार के नीचे बंपर और पहियों के बीच फंसी हुई थी। दरिंदे उसे कुछ मीटर नहीं, पूरे 13 किलोमीटर तक, कंझावाला के गांव तक घसीटते ले गए।

तड़के करीब 3:24 बजे रोहिणी जिले के कंझावला थाने को किसी राहगीर ने फोन पर बताया कि एक कार कुतुबगढ़ की तरफ जा रही है और उसमें एक शव लटका दिख रहा है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी। तड़के 3:53 पर एक क्षतिग्रस्त स्कूटी मिली। जांच आगे बढ़ी, लेकिन तड़के 4:11 बजे पुलिस को शव मिलने की सूचना मिल गई।

कोई राहगीर कुछ कर पाता या पुलिस पहुंच पाती, तब तक देर हो चुकी थी। नशे में धुत युवक तब तक युवती को कुचल चुके थे। उसके परिवार के सहारे को कुचल चुके थे। मां-बाप से उसकी बेटी की जिंदगी छीन चुके थे। कार थमी तो लोगों ने जो देखो, उसका मंजर शब्दों में बयां कर पाना मुश्किल है। युवती के शरीर पर एक कपड़ा नहीं बचा था। सारी हड्डियां और पसलियां चकनाचूर हो चुकी थीं। सड़क से रगड़ लगने की वजह से शरीर का पिछला हिस्सा लगभग गायब हो चुका था। एक पैर गायब था। दूसरा पैर पूरी तरह टूटकर घूम चुका था। ब्लीडिंग इतनी हो चुकी थी कि शव के अंदर खून का एक कतरा भी बाकी नहीं बचा था।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपक खन्ना, अमित खन्ना, कृष्ण, मिथुन और मनोज मित्तल के रूप में हुई है। पुलिस आगे की जांच कर रही है। लोग सड़कों पर हैं। मन में इस दर्दनाक हादसे की तड़प है तो नशे में धुत बेपरवाह युवकों के खिलाफ गुस्सा भी है। यह घटना अपने पीछे कई सवाल छोड़ गई है। जैसे- यह महज हादसा है या साजिश? क्या आरोपियों पर लापरवाही से ड्राइविंग कर गैरइरादतन हत्या का ही मुकदमा चलेगा या फिर सीधे हत्या का मुकदमा चलना चाहिए? बेटी को खो चुकी मां का इंसाफ की आस में सवाल है कि उसने तो इतने कपड़े पहने थे, फिर तन पर कुछ क्यों नहीं बचा? क्या ये हत्या है, हादसा है या रेप। दिल्ली पुलिस ने जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित कर दिया है यानी शुरू में हादसा बताकर टाल रही दिल्ली पुलिस भी अब दूसरे एंगल से जांच कराने को मजबूर हो गई है

 

 



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