शुक्रवार, 13 दिसम्बर 2019 | 01:53 IST
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पाकिस्तान को भारत की नसीहत, अपने यहां अल्पसंख्यकों के हालात पर दें ध्यान          टी-20 रैंकिंग में विराट को पांच स्थान और राहुल को तीन स्थान का फायदा हुआ है। राहुल 734 अंकों के साथ छठे और विराट 685 अंकों के साथ टॉप-10 की लिस्ट में दसवें स्थान पर पहुंच गए हैं          ICC की टी-20 रैंकिंग में छाए भारतीय बल्लेबाज, विराट और राहुल की बड़ी छलांग          अयोध्या पर सभी पुनर्विचार याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज,पांच जजों की बेंच ने सुनाया फैसला           निर्भया के दोषी की सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका, कहा- यहां तो हवा से मर रहे, फिर फांसी क्यों          भारतीय सेना को मिले 306 युवा जांबाज अधिकारी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने परेड की सलामी          हैदराबाद एनकाउंटर पर CJI का बड़ा बयान,बदले की भावना से किया गया न्याय इंसाफ नहीं          भारतीय संसद का ऐतिहासिक फैसला,सांसदों ने सर्वसम्मति से लिया फैसला,कैंटीन में मिलने वाली खाद्य सब्सिडी को छोड़ देंगे           60 साल की उम्र में सेवानिवृत्त करने पर फिलहाल सरकार का कोई विचार नहीं- जितेंद्र सिंह          इसरो ने रचा इतिहास,कार्टोसैट-3 के अंतरिक्ष यान को सफलतापूर्वक कक्षा में किया स्थापित          अयोध्या में ही मस्जिद निर्माण के लिए दी जाएगी जमीन          सुप्रीम कोर्ट ने विवादित जमीन पर रामलला का हक माना          कोर्ट ने कहा कि पुरातत्व विभाग की खोज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता          कोर्ट ने कहा,विवादित जमीन के नीचे एक ढांचा था और यह इस्लामिक ढांचा नहीं था          कोर्ट के फैसले में ASI का हवाला देते हुए कहा गया कि बाबरी मस्जिद का निर्माण किसी खाली जगह पर नहीं किया गया था          अयोध्या पर आया सुप्रीम कोर्ट का फैसला, बनेगा राम मंदिर, मस्जिद के लिए अलग जगह          मोदी सरकार का बड़ा फैसला, दिल्ली की अवैध कॉलोनियां होगी नियमित          पीओके से आए 5300 कश्मीरियों के लिए मोदी सरकार का बड़ा ऐलान, मिलेंगे साढ़े पांच लाख रुपये          देश के सबसे बड़ा सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक पब्लिक प्रॉविडेंट फंड पर सेविंग अकाउंट की तुलना में दे रहा है डबल ब्याज           पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कबूल किया कि उनका देश कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने की कोशिशों में नाकाम रहा          संयुक्‍त राष्‍ट्र ने भी माना,जलवायु परिवर्तन से निपटने में अहम है भारत की भूमिका          बैंकों और बीमा कंपनियों में लावारिस पड़े हैं 32,000 करोड़ से भी ज्यादा पैसे, नहीं है कोई दावेदार         
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गांधी परिवार के बिना क्या चल पाएगी कांग्रेस ?


लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष का पद छोड़ दिया था। एक महीने से ज़्यादा समय तक मान मनौव्वल करवाने के बाद आज राहुल ने पत्र लिखकर दो टूक कह दिया कि न वे और न ही गांधी परिवार का कोई सदस्य कांग्रेस अध्यक्ष बनेगा। इसके बाद वर्किंग कमेटी ने 90 साल के मोतीलाल वोरा को अंतरिम अध्यक्ष बना दिया, लेकिन पूर्णकालिक अध्यक्ष की तलाश तेज कर दी है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या गांधी परिवार के बाहर का कोई नेता कांग्रेस को चला सकता है। ऐसे समय में जब हर तरफ मोदी-मोदी की गूंज है और राषट्रवाद उफान मार रहा है, तो क्या कांग्रेस को नई दिशा देने वाला कोई नेता है।

 वैसे नेहरू, इंदिरा और राहुल गांधी के काल के बाद 1991 से 1996 तक नरसिंह राव और फिर 1996 से 1998 तक सीताराम केसरी कांग्रेस अध्यक्ष रह चुके हैं, लेकिन जिस दिन सोनिया गांधी ने राजनीति में आने का मन बना लिया, तभी सीताराम केसरी को बेआबरू करके बाहर फेंक दिया गया। यानी जब गांधी परिवार के किसी शख्स ने चाह लिया कि पार्टी वही चलाएगा तो फिर बाहर के किसी नेता के लिए कोई जगह नहीं। लेकिन इसका नुकसान ये हुआ कि पिछले पांच साल से मोदी ने कांग्रेस को एक पार्टी की जागीर साबित करके बहुत बहुत सियासी नुकसान पहुंचा दिया है। राहुल गांधी को समझ में आ गया है कि अगर आगे मोदी से मुकाबला करना है तो उनका परिवारवाद वाला हथियार खत्म करना पड़ेगा, इसीलिए उन्होंने पार्टी अध्यक्ष छोड़ ही दिया,. लेकिन अच्छी तरह ये जताने के बाद कि पूरी पार्टी गांधी परिवार को ही चाहती है, इसलिए उनका परिवार कांग्रेस को संभाले हुए है, न कि विरासत के कारण। हो सकता हो कि राहुल गांधी जनता को ये समझाने में कामयाब हो जाएं कि लेकिन ऐसी सूरत में दूसरा नेता जो भी अध्यक्ष बनेगा, क्या कांग्रेसी उसे स्वीकार कर पाएंगे ?

 

सूत्रों का दावा है कि नया अध्यक्ष जिसे भी बनाया जाएगा, इतना तय है कि वो गांधी परिवार का बेहद वफादार होगा, जैसे कि मनमोहन सिंह पीएम रहे। राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत का नाम अध्यक्ष पद की दौड़ में सबसे आगे बताया जा रहा है, लेकिन वे सीएम की कुर्सी छोड़कर नाम के लिए इस पद पर आने को तैयार नहीं हैं। दूसरा नाम है गुलाम नबी आज़ाद का। आज़ाद को बनाने से मुसलिम वोटों को लुभाने में आसानी होगी, लेकिन जिस तरह मोदी ने राष्ट्रवाद का हल्ला मचा रखा है, उससे निपटने में कांग्रेस को दिक्कत आएगी। तीसरा नाम केरल के 56 साल के नेता केसी वेणुगोपाल का है, जिन पर राहुल  गांधी एके एंटनी से भी ज़्यादा भरोसा करने लगे हैं। पार्टी में मनमोहन सिंह, अमरिंदर सिंह और एके एंटनी का नाम भी चल रहा है, लेकिन इनकी उम्र बहुत ज़्यादा हो चुकी है। ऐसे में कांग्रेस दो राहे पर खड़ी हो नज़र आ रही है।

 



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